राष्ट्रीय लोक अदालत ने 8016 विवादों का त्वरित निपटारा किया
रांची के झालसा निर्देश में डालसा के सहयोग से आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत में 7254 प्री‑लिटिगेशन और 762 लंबित मामलों को आपसी समझौते के आधार पर समाप्त किया गया, जिसके तहत कुल चार करोड़ सात लाख दो हज़ार पाँच सौ सत्तानबे रुपये का निपटारा हुआ। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने इस पहल को विवादों के शीघ्र और शांतिपूर्ण समाधान के प्रभावी साधन के रूप में सराहा, जबकि 11 विशेष बेंचों ने पारिवारिक से लेकर आपराधिक तक के विभिन्न प्रकार के मामलों की सुनवाई की।

सौजन्य से:- Hindustan
राष्ट्रीय लोक अदालत में 8016 मामलों का निष्पादन
खूंटी, संवाददाता। राष्ट्रीय लोक अदालत में 8016 मामलों का निष्पादन किया गया। इसमें 7254 प्री-लिटिगेशन और 762 लंबित मामले शामिल हैं। चार करोड़ 07 लाख का समझौता हुआ। प्रधान जिला न्यायाधीश ने लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
खूंटी, संवाददाता। झालसा रांची के निर्देश में डालसा के तत्वावधान में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-डालसा अध्यक्ष रसिकेश कुमार की अध्यक्षता में आयोजित लोक अदालत में आपसी समझौते के आधार पर कुल 8016 मामलों का निष्पादन किया गया। इनमें 7254 प्री-लिटिगेशन और 762 लंबित मामले शामिल हैं। मामलों के निष्पादन के दौरान कुल चार करोड़ सात लाख 12 हजार 597 रुपये का समझौता हुआ। डालसा के सचिव कमलेश बेहरा ने बताया कि वर्ष 2026 की यह तीसरी राष्ट्रीय लोक अदालत थी। मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए कुल 11 बेंचों का गठन किया गया था। इन पीठों में पारिवारिक, दीवानी एवं आपराधिक, अपील व रिवीजन, मोटर दुर्घटना दावा, बैंक, उपभोक्ता, एसडीओ न्यायालय, सर्टिफिकेट, एलआरडीसी, भू-अर्जन और नगर पंचायत से संबंधित मामलों की सुनवाई की गई।
लोक अदालत में सहभागिता
लोक अदालत में न्यायिक पदाधिकारियों के साथ पैनल अधिवक्ताओं और संबंधित विभागों के पदाधिकारियों ने मामलों के निष्पादन में सहयोग किया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रसिकेश कुमार ने कहा कि लोक अदालत विवादों के त्वरित और शांतिपूर्ण समाधान का प्रभावी माध्यम है। आपसी सहमति से मामलों का निपटारा होने से पक्षकारों का समय और धन बचता है। साथ ही न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। उन्होंने लोगों से अपने विवादों का समाधान लोक अदालत के माध्यम से कराने की अपील की। डालसा की ओर से लोक अदालत के सफल आयोजन में सहयोग करने वाले सभी न्यायिक पदाधिकारियों, पैनल अधिवक्ताओं, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। इस अवसर पर जिला जज प्रथम राकेश कुमार मिश्रा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी-सह-सिविल जज (सीनियर डिवीजन) अर्जुन साव, एसडीजेएम
उपस्थित न्यायिक अधिकारी और अधिवक्ता
विद्यावती कुमारी, डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट प्रथम: अमित आकाश सिन्हा, स्थायी लोक अदालत के अध्यक्ष के.के. सिंह, डालसा सचिव कमलेश बेहरा, एसडीओ दिपेश कुमारी, एलआरडीसी सीमा कुमारी, कार्यपालक पदाधिकारी, नगर पंचायत श्रृष्टि दिप्रिया मिंज सहित कई पैनल अधिवक्ता, पीएलवी व बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
इलाहाबाद हाई कोर्ट की राष्ट्रीय लोक अदालत ने 265 मोटर दुर्घटना के वादों को निस्तारित कर 10.18 क्रोर का प्रतिकर दिया

जज ने हाथों से सैंडल पहना दी बच्ची को, पिता के संग भावनात्मक पुनर्मिलन

देवघर के अधिवक्ता ऋषि अवस्थी को अरुणाचल प्रदेश और बिहार ने सुप्रीम कोर्ट में स्टैंडिंग काउंसिल नियुक्त किया

श्रावस्ती में राष्ट्रीय लोक अदालत: जनपद न्यायाधीश दिनेश चंद ने सुलह‑समझौते से विवाद निपटाए

झांसी की राष्ट्रीय लोक अदालत ने रिकॉर्ड 2.78 लाख विवाद सुलह के माध्यम से निपटाए

रामनगर में वकीलों ने एपीओ के खिलाफ प्रदर्शन, लोक अदालत से बहिष्कार और हड़ताल का इशारा

लुधियाना कोर्ट को बम धमकी, लोक अदालत में हड़कंप; एयरपोर्ट और नेताओं पर भी चेतावनी

लोक अदालत ने सास‑बहू के विवाद को सुलझाया, दादी को चार साल बाद पोते से मिलने की अनुमति
ताज़ा ख़बरें
- कानपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत को वकीलों के विरोध से डेढ़ घंटे का व्यवधान, पुलिस कमिश्नर ने की मध्यस्थता
- कानपुर में वकीलों ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार किया, डेढ़ घंटे का हंगामा
- वकीलों ने राष्ट्रीय लोक अदालत का बहिष्कार: कानपुर में प्रांतीय सम्मेलन के बाद नारेबाजी
- सुप्रीम कोर्ट ने डीपफेक‑AI याचिका पर गुजरात हाईकोर्ट की कार्यवाही को रोक दिया
- मुजफ्फरपुर में 81,751 मामले सुलझेंगी: 58 बेंचों से राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन
- हरदोई में लोक अदालत के जरिए लंबित मुकदमों का निस्तारण
- समस्तीपुर के केशव रंजन बने सुप्रीम कोर्ट के अपर महाधिवक्ता, बिहार का राज्य पक्ष संभालेंगे
- ग्रेटर नोएडा की राष्ट्रीय लोक अदालत ने तीन दंपतियों को पुनर्विवाह की राह दिखाते हुए तलाक की अर्जी वापस ली

