बहरीनी कोर्ट ने एचडीएफसी बैंकर के खिलाफ निवेशकों के एटी1 बॉन्ड दावों को खारिज किया
बहरीन की उच्च दीवानी अदालत ने एचडीएफसी बैंक पर लगाए गए लापरवाही और गलत सूचना के आरोपों को खारिज कर, कुल सात मामलों में बैंकर के पक्ष में फैसला दिया। निवेशकों ने क्रेडिट सुईस एटी1 बॉन्ड में निवेश के दौरान बैंक की उपयुक्तता, वर्गीकरण और खुलासे संबंधी दावे किए थे, पर कोर्ट ने पर्याप्त सबूत न मिलने के कारण इन दावों को नकार दिया। सभी सात निर्णयों में निवेशकों को मुकदमे की लागत उठाने का आदेश भी दिया गया।

सौजन्य से:- livehindustan.com
एचडीएफसी बैंक के खिलाफ दावे अदालत ने खारिज किए
एचडीएफसी बैंक ने कहा कि बहरीन की अदालत ने क्रेडिट सुइस एटी1 बॉन्ड में निवेशकों द्वारा दायर दावों को खारिज कर दिया है। कुल सात मामलों में कोर्ट ने बैंक के पक्ष में फैसला सुनाया है। निवेशकों ने बैंक पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए, लेकिन अदालत ने उन्हें साबित करने में असफल पाया।
नई दिल्ली, 10 सितंबर (भाषा) निजी क्षेत्र के एचडीएफसी बैंक ने गुरुवार को कहा कि बहरीन की एक अदालत ने क्रेडिट सुइस अतिरिक्त टियर-1 (एटी1) बॉंड में निवेश करने वाले निवेशकों के बैंक के खिलाफ दायर दो दावों को खारिज कर दिया है। एचडीएफसी बैंक ने बयान में कहा कि बहरीन उच्च दीवानी अदालत के समक्ष पेश किए गए दावों और साक्ष्यों की न्यायिक जांच के बाद नौ सितंबर को ये आदेश पारित किए गए।
निवेशकों के दावे
बैंक ने कहा कि इस साल जुलाई और अगस्त के दौरान बहरीन की अदालत ने क्रेडिट सुईस एटी1 बॉन्ड निवेशकों की तरफ से दायर ऐसे ही पांच अन्य मामलों को भी खारिज किया था। इसके साथ बैंक के पक्ष में आए फैसलों की कुल संख्या सात हो गई है।
निवेशकों के आरोप
निवेशकों ने एचडीएफसी बैंक के माध्यम से सीएस एटी1 बॉन्ड में किए गए अपने निवेश के संबंध में गंभीर लापरवाही, जानबूझकर गलत जानकारी देने, ग्राहकों का गलत वर्गीकरण करने, उत्पाद की विशेषताओं का खुलासा नहीं करने, वित्तीय लाभ उठाने के गलत इस्तेमाल और निवेश की उपयुक्तता के सिद्धांतों का उल्लंघन करने के आरोप लगाए थे। अदालत ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि निवेशक बैंक के खिलाफ अपने दावों को साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य पेश करने में विफल रहे। वे यह भी साबित नहीं कर सके कि बैंक के कारण उन्हें कोई नुकसान हुआ। बैंक ने कहा कि सभी सात फैसलों में निवेशकों को मुकदमे की कार्यवाही का खर्च उठाने का आदेश दिया गया।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
राष्ट्रपति कार्यालय ने 15 नए विधेयकों की घोषणा की, जिसमें राज्य की क्षतिपूर्ति जिम्मेदारी और शहरी विकास ढाँचा शामिल

डिजिटल तकनीक से 2026 में राजधानी के कानून कार्यान्वयन को तेज़ और पारदर्शी बनाना

निर्माण सामग्री कानून से अतिरिक्त उप‑लाइसेंस नहीं, डेटा‑आधारित प्रबंधन को बढ़ावा

यूपी सरकार ने NSA हिरासत रद्द करने के हाईकोर्ट फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने की घोषणा

उत्तर प्रदेश सरकार, हाईकोर्ट के 5 लाख के मुआवजे के आदेश को सुप्रीम कोर्ट में उलटने की तैयारी

फडणवीस ने कहा मराठा आरक्षण संविधान के दायरे में, जारांगे को दो टूक

जिया लाई प्रांत निरीक्षक ने शिक्षण एवं कर्मचारी व्यवस्थाओं पर निरीक्षण के समापन की घोषणा

MP हाई कोर्ट ने तय किया: पदोन्नति में आरक्षण 50% से अधिक नहीं
ताज़ा ख़बरें
- शहरी विकास कानून: विकेंद्रीकरण से शहरों की प्रगति
- BRICS सम्मेलन के मद्देनज़र दिल्ली हाई कोर्ट 11 सितंबर को बंद, ट्रायल कोर्ट्स को तीन दिन की छुट्टी
- दुमका में राष्ट्रीय लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला जज ने पुलिस से की समन्वय बैठक
- सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर तक रिपोर्ट पेश करने का अंतिम आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज
- सुप्रीम कोर्ट ने अरावली विशेषज्ञ पैनल को 30 नवंबर 2026 तक रिपोर्ट जमा करने का आदेश, विस्तार का अनुरोध खारिज
- ताई निन्ह की जन अदालत ने 73% से अधिक दीवानी मामलों का निपटारा कर उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज की
- कानूनी स्नातक ने नौकरी छोड़कर गृहनगर में शहद आड़ू के बाग से समृद्धि लायी
- बच्चे की डूबने पर प्रशासनिक बचाव दायित्व और लापरवाही की कानूनी जांच

