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फडणवीस ने कहा मराठा आरक्षण संविधान के दायरे में, जारांगे को दो टूक

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि मराठा आरक्षण कोई भी उपाय संवैधानिक जांच में खरा उतरना चाहिए और सरकार ने समुदाय के कल्याण के लिये कई फैसले किए हैं, साथ ही संवाद के लिए दरवाजे खुले रखे हैं। वहीं मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने कहा कि सक्रियवादी मनोज जारांगे से मिलने के लिये कोई सरकारी प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा जायेगा, जबकि जारांगे अपनी आरक्षण की माँगें लेकर भूख हड़ताल जारी रखे हुए हैं।

9 सितंबर 2026 को 03:32 am बजे
फडणवीस ने कहा मराठा आरक्षण संविधान के दायरे में, जारांगे को दो टूक

सौजन्य से:- Navbharat Times

मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे कार्यकर्ता मनोज जरांगे ने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस और उनके मंत्रिमंडल के सहयोगी राधाकृष्ण विखे पाटिल पर आरोप लगाए हैं। वहीं देवेंद्र फडणवीस और मंत्री का भी बयान आया है। जालना में माहौल गरमाता जा रहा है और मामला अभी शांत होता नहीं दिख रहा है।

उरण : महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को मराठा आरक्षण के चल रहे मुद्दे और एक्टिविस्ट मनोज जरांगे पाटिल की नई मांगों पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार ने मराठा समुदाय के फायदे और कल्याण के लिए बड़े फैसले किए हैं और आगे भी लेती रहेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि समुदाय को सिर्फ कागजी वादों के बजाय सरकार के पिछले फैसलों से असल फायदे मिले हैं। इस बीच, महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने मंगलवार को साफ किया कि उनसे मिलने के लिए कोई सरकारी प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने इस मुद्दे को हल करने के लिए पहले ही सभी उपलब्ध उपाय कर लिए हैं।

देवेंद्र फडणवीस वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (डब्ल्यूडीएफसी) के जेएनपीटी-नया उमरगाम हिस्से के उद्घाटन करने पहुंचे थे। इस दौरान सीएम फडणवीस ने फिर कहा कि मराठा समुदाय को दिया जाने वाला कोई भी आरक्षण संवैधानिक दायरे में होना चाहिए। उसे कानूनी जांच में खरा उतरना चाहिए। उन्होंने कानूनी दायरे से बाहर के ऐसे समाधानों के खिलाफ चेतावनी दी जो शायद कोर्ट की समीक्षा में टिक न पाएं।

देवेंद्र फडणवीस बोले- बातचीत के रास्ते खुले

मुख्यमंत्री ने सरकार का यह रुख दोहराया कि मराठों को आरक्षण का फायदा देने से दूसरे समूहों को कोई नुकसान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि हम किसी और का हक छीनकर किसी और को नहीं देंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया कि ओबीसी कोटा सुरक्षित रहेगा। मनोज जरांगे पाटिल के चल रहे विरोध और मांगों के बारे में पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए सीएम फडणवीस ने कहा कि बातचीत के लिए दरवाजे हमेशा खुले हैं। अगर सरकार के फैसलों को लेकर कोई शक, कमी या गलतफहमी है तो राज्य सरकार बैठकर उन्हें साफ करने और सुलझाने के लिए तैयार है।

मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल की दो टूक

वहीं महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने साफ कहा कि मनोज जरांगे से मिलने के लिए कोई भी सरकारी प्रतिनिधिमंडल नहीं भेजा जाएगा। प्रशासन ने इस मुद्दे को हल करने के लिए पहले ही सभी उपलब्ध उपाय कर लिए हैं। हालांकि मंत्री उदय सामंत और भाजपा विधायक प्रसाद लाड के साथ आधी रात को हुई फोन पर बातचीत के बाद जरांगे पाटिल ने अपना मेडिकल इलाज फिर से शुरू कर दिया है, लेकिन वे आरक्षण लागू करने की अपनी मुख्य मांगों पर अडिग हैं।

मनोज जारांगे पाटिल के रुख पर टिप्पणी करते हुए मराठा आरक्षण पर कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष मंत्री विखे पाटिल ने कहा कि कार्यकर्ता को अपनी बात पर कायम रहने का अधिकार है, लेकिन उन्होंने दोहराया कि सरकार ने मराठा समुदाय के व्यापक कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा किया है।

'सरकार ने अपनी तरफ से उठाए हैं कदम'

मंत्री विखे पाटिल ने कहा कि अगर जारांगे पाटिल अपनी बात पर अड़े रहते हैं, तो यह उनका फैसला है। सरकार ने अपनी तरफ से सभी जरूरी कदम उठाए हैं, फिर भी वे असंतुष्ट हैं। हम बाकी चिंताओं को दूर करने की कोशिश कर रहे हैं और हमारे फैसलों को लागू करने का काम पहले से ही चल रहा है। इस समय, मेरे पास उन्हें संतुष्ट करने के लिए कोई और विकल्प नहीं है।

इस बीच मराठा आरक्षण के लिए मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल जारी है और उनकी तबीयत बिगड़ गई है। मंत्रियों उदय सामंत और प्रसाद लाड से फोन पर बातचीत के बाद, वे फोर फ्लूइड (सलाइन) लेने को तैयार हो गए, हालांकि वे अपनी सभी मांगें पूरी होने तक उपवास खत्म न करने के अपने रुख पर अड़े हुए हैं।

लेखक के बारे मेंशशि मिश्राशशि पांडेय मिश्रा नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में प्रिंसिपल डिजिटल कॉन्टेंट प्रॉड्यूसर (Principal Digital Content Producer) हैं। वह नवभारत टाइम्स में महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर, बंगाल, तमिलनाडु, तेलंगाना, आंध्र-प्रदेश, पंजाब-हरियाणा, केरल, गोवा समेत नॉर्थ ईस्ट के राज्य की खबरों पर काम करती हैं। प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल पत्रकारिता में उनका 18 साल का लंबा अनुभव है। इस दौरान उन्होंने रिपोर्टर और डेस्क पर विभिन्न भूमिकाओं में काम किया है। शशि पांडेय मिश्रा ने सितंबर 2017 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन जॉइन किया था। उन्होंने अपनी पत्रकारिता के दौरान राजनीति, क्राइम, ह्यूमन ऐंगल स्टोरीज पर काम किया। इस दौरान समाजिक मुद्दों से जुड़े कई स्टिंग भी किए। कई स्पेशल खबरें कीं, जो नेशनल स्तर पर सुर्खियां बनीं। नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में गुजरात चुनाव के दौरान स्पेशल ग्राउंड स्पोर्टिंग की। देश की राजनीति, पर्यावरण, महिलाओं और बच्चों से जुड़े मुद्दे और क्राइम की खबरें लिखना पसंद है।

देश का राजनीतिक तनाव हो या कूटनीतिक घटनाक्रम, सबसे पहले खबर देना। उस खबर से भारत पर और लोगों पर क्या असर पड़ेगा इस पर काम करना प्राथमिकता है। इसके अलावा भारत और दुनिया भर में बसे हिंदी के पाठकों को खास खबर, खबर की सत्यता, पुष्ट खबरें और वीडियो के जरिए विश्लेषण देना शशि पांडेय मिश्रा की पहली प्राथमिकता रहती है।

विशेषज्ञता- भारत का राजनीतिक घटनाक्रम, पर्यावरण, क्राइम, स्वास्थ्य, महिलाओं और बच्चों से संबंधित मुद्दों पर लिखना

पत्रकारिता अनुभव: अखबार, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया और डिजिटल मीडिया में 18 साल से कार्यरत

शशि पांडेय मिश्रा ने साल 2007 में पत्रकारिता की शुरुआत दैनिक जागरण से की। उससे पहले अमर उजाला में इंटर्नशिप की। दैनिक जागरण के बाद आई नेक्स्ट में काम किया। फिर सहारा समय चैनल जॉइन किया। लेकिन लेखन का शौक इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से वापस प्रिंट की तरफ ले आया। लखनऊ में कैनविज टाइम्स में काम किया और उसके बाद नवभारत टाइम्स अखबार में। यहां से नवभारत टाइम्स के डिजिटल प्लेटफॉर्म में काम की शुरुआत की। नवभारत टाइम्स वेबसाइट में काम करते हुए शानदार कवरेज के लिए कई बार संस्थान की ओर से सम्मानित किया गया है। इससे पहले भी हर संस्थान में बेस्ट रिपोर्टिंग के अवॉर्ड मिले।

शशि पांडेय मिश्रा ने कानपुर यूनिवर्सिटी से अंग्रेजी में पोस्ट ग्रैजुएनशन किया है। उसके अलावा विद्या इंस्टिट्यूट ऑफ मैनेजमेंट और जर्नलिज्म से पत्रकारिता की पढ़ाई की।

पुरस्कार: दैनिक जागरण कानपुर में पहली महिला पत्रकार होने का सम्मान मिला। आईनेक्स्ट में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स अखबार में बेस्ट रिपोर्टर का अवॉर्ड, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में भी अवॉर्ड मिला।

शशि पांडेय मिश्रा की स्पेशल खबरें

- सरकारी शेल्टर होम में अव्यवस्थाओं के लेकर स्पेशल खबर की। यहां अंदर कोई नहीं जा सकता था तो इस दौरान सफाई कर्मचारी बनकर अंदर गई और स्टिंग किया।

- कानपुर में राहुल गांधी की स्पेशल विजिट के दौरान डॉक्टर बनकर अस्पताल के अंदर गई और स्पेशल खबर निकाली।

- कानपुर जू में जानवरों की हालत और प्रदूषण पर लगातार स्पेशल स्टोरीज कीं, इन छपी खबरों के अखबार संसद के अंदर लहराकर मेनका गांधी ने सवाल उठाए। खबरों को संज्ञान लिया गया और बड़ा एक्शन हुआ।

- लखनऊ में विधानसभा से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक खिलौना पिस्तौल लेकर अंदर घुसी, लखनऊ के नामी स्कूलों में भी पिस्तौल लेकर घूमी और सुरक्षा में सेंध का स्टिंग किया।

- केंद्र सरकार की पालना गृह योजना में हजारों करोड़ रुपये के घोटाले का खुलासा किया। खबरों को हाई कोर्ट ने संज्ञान में लिया और मामले में सीबीआई जांच बैठी।

- महिला सुरक्षा की जांच के लिए पूरी दिन और आधी रात तक 30 किलोमीटर पैदल चली और सुरक्षा के इंतजाम की पोल खोली।

- मायावती के सीएम रहने के दौरान स्पेशल खबर के लिए उस अस्पताल में मरीज बनकर भर्ती हुई, जहां उनकी विजिट थी और स्पेशल कवेज की।... और पढ़ें

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