मीनाक्षी नटराजन को झटका: HC से फैसला नहीं, SC ने भी दिया खारिज
मीनाक्षी नटराजन को राज्यसभा चुनावों में नामांकन खारिज होने के बाद सुप्रीम कोर्ट में जमानत याचिका खारिज हो गई। इस फैसले के बाद मीनाक्षी नटराजन ने कहा कि यह साफ तौर पर सीट चोरी का मामला है और वे इस लड़ाई को जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

सौजन्य से:- AajTak
Sign In
Advertisement
X
राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र खारिज किए जाने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंचीं कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन की याचिका खारिज हो गई है. हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि उसने मामले के गुण-दोष (मेरिट) पर कोई टिप्पणी नहीं की है. शीर्ष अदालत से झटका लगने के बाद शुक्रवार को कांग्रेस नेता ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि यह साफ तौर पर सीट चोरी का मामला है और वे इस लड़ाई को जारी रखने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और न्यायमूर्ति अतुल एस. चंदुरकर की पीठ ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 329 के तहत चुनावी मामलों में हस्तक्षेप को लेकर अलग-अलग मानदंड नहीं बनाए जा सकते. अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों के लिए चुनाव याचिका का वैधानिक रास्ता उपलब्ध है.
न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक फैसले के बाद पत्रकारों से बातचीत में मीनाक्षी नटराजन ने कहा, 'यह मेरी व्यक्तिगत हार का सवाल नहीं है. असली चिंता इस बात की है कि लोकतंत्र को बार-बार झटके लग रहे हैं.' हाईकोर्ट जाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि इस पर फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा. मैं पार्टी की उम्मीदवार थी. पार्टी और उसके नेता जो निर्णय लेंगे, हम उसका पालन करेंगे.
नटराजन ने आरोप लगाया कि राज्यसभा की यह सीट उनसे छीनी गई है. उन्होंने कहा, 'हम लड़ने के लिए तैयार हैं. पूरी पार्टी एकजुट है. सीट चोरी हुई है, यह सबको दिख रहा है. सभी जानते हैं कि यह सीट चोरी है. कॉरपोरेट जगत से जुड़े लोगों के लिए एक कानून है और संवैधानिक मूल्यों की लड़ाई लड़ने वालों के लिए दूसरा.'
Advertisement
उन्होंने यह भी कहा कि पार्टी आगे की रणनीति तय करेगी, लेकिन जनता की अदालत में जाने का रास्ता हमेशा खुला है. चुनाव आयोग इस मामले में समझौता कर चुका है और उसकी भूमिका संदिग्ध है.
बता दें कि कांग्रेस ने 18 जून को होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए मध्य प्रदेश से मीनाक्षी नटराजन को अपना एकमात्र उम्मीदवार बनाया था. लेकिन रिटर्निंग ऑफिसर ने उनका नामांकन यह कहते हुए खारिज कर दिया कि उन्होंने नामांकन के साथ जमा किए गए फॉर्म-26 में तेलंगाना में उनके खिलाफ दायर एक अदालतीन शिकायत की जानकारी छिपाई थी. इसके बाद गुरुवार को रिटर्निंग ऑफिसर ने भाजपा उम्मीदवारों तरुण चुघ, रजनीश अग्रवाल और महेश केवट को निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया.
---- समाप्त ----
TOPICS:
Latest News in Hindi »
Advertisement
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
ताज़ा ख़बरें
- निरीक्षण, मूल्यांकन और शिकायतें: केंद्र ने ट्रिब्यूनलों के लिए नए आयोग का प्रस्ताव रखा
- ममता बनर्जी पर हमला: अरविंद केजरीवाल का भाजपा पर तीखा हमला
- इलाहाबाद उच्च न्यायालय साप्ताहिक राउंड-अप: 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
- यूपी में खराब कानून व्यवस्था पर अखिलेश यादव ने की सरकार की आलोचना
- भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को बर्बाद कर दिया: अखिलेश यादव
- स्मृति सभा में शामिल होने पर टिस के दो छात्रों की गिरफ्तारी, अदालत ने जमानत देने से किया इनकार
- मंत्री पटेल ने विपक्ष के आरोपों का दी reply, कहा नहीं ओबीसी आरक्षण घटाया
- क्या भारत में किसी राज्य में धर्म परिवर्तन के लिए सबसे सख्त कानून है?

