लोकसभा में डिंपल यादव का सरकार पर हमला, सांसदों के दल बदल पर कानून लाने की मांग
लोकसभा में समाजवादी पार्टी की सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि अगर कानून लाना ही है तो सबसे पहले सांसदों के दल बदल पर सख्त कानून बनाया जाए. उन्होंने सरकार को घेरते हुए कहा कि इससे लोकतंत्र की भावना को नुकसान पहुंचता है.

सौजन्य से:- Navbharat Times
लोकसभा में सपा सांसद डिंपल यादव ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यदि कोई नया कानून लाना है तो सबसे पहले लोकसभा और राज्यसभा में दल बदलने वाले सांसदों पर सख्त कानून बनाया जाए।
लखनऊ: लोकसभा में परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) सांसद डिंपल यादव ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि यदि सरकार नए कानून बनाने को लेकर गंभीर है तो सबसे पहले उन सांसदों के दलबदल पर रोक लगाने के लिए कानून लाना चाहिए, जो लोकसभा और राज्यसभा में एक पार्टी छोड़कर दूसरी पार्टी में शामिल हो रहे हैं। डिंपल यादव ने कहा कि ऐसी घटनाओं से लोकतंत्र की भावना को नुकसान पहुंचता है।
सदन में बोलते हुए डिंपल यादव ने कहा, "अगर कोई कानून लाना ही है तो लोकसभा-राज्यसभा में जो सांसद इधर से उधर हो रहे हैं, उनकी रोक पर कोई कानून ला दीजिए। क्योंकि इससे लोकतंत्र की क्षति होती है।"
'18 जुलाई को मैं भी जंतर-मंतर गई थी'
परीक्षा संशोधन विधेयक पर चर्चा के दौरान डिंपल यादव ने जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वह 18 जुलाई को स्वयं जंतर-मंतर गई थीं, जहां उन्होंने सोनम वांगचुक और शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन कर रहे छात्रों से मुलाकात की थी।
उन्होंने कहा कि वह छात्रों का हालचाल जानने गई थीं, लेकिन उसी दिन सरकार ने आंदोलन को दबाने की कोशिश की।
'गांधी के विचारों को कफन पहनाने का काम किया'
सपा सांसद ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि 18 जुलाई को छात्रों को दबाने की कोशिश की गई। उन्होंने कहा, "सरकार ने इन युवाओं को सफेद कफन पहनाने की साजिश रची। आपने गांधी जी के विचारों को कफन पहनाने का काम किया। जो लोग सत्य और अहिंसा के रास्ते पर संघर्ष कर रहे थे, उन्हें दबाने की कोशिश की गई।"
'वे देश के बच्चे थे'
डिंपल यादव ने कहा कि आंदोलन में शामिल छात्र भले ही उनके अपने बच्चे नहीं थे, लेकिन वे पूरे देश के बच्चे थे और इसी भावना के साथ वह उनके समर्थन में जंतर-मंतर पहुंची थीं। उन्होंने कहा, "हो सकता है हमारे बच्चे वहां न बैठे हों, लेकिन बच्चे तो देश के थे। इसी विचार के साथ हम आंदोलन में गए।"
'बेटियों के कपड़े फाड़े, पैलेट गन चलाई'
अपने भाषण में डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि जो सरकार महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा की बात करती है, उसी सरकार के शासन में छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार हुआ। उन्होंने कहा, "ये सरकार जो बेटियों की बात करती है, आपने बेटियों के कपड़े फाड़े, आपने पैलेट गन चलाई।"
सपा सांसद ने यह भी कहा कि कुछ सांसद प्रदर्शनकारी छात्रों के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया, "क्या आप हमारे बच्चों को अराजक तत्व कहेंगे?"
'डेलिमिटेशन बिल के लिए बनाया जा रहा दबाव'
डिंपल यादव ने आरोप लगाया कि सरकार डेलिमिटेशन बिल को लेकर भी दबाव की राजनीति कर रही है। उन्होंने कहा, "सरकार को डेलिमिटेशन बिल पास कराना है, इसलिए सब पर दबाव बनाया जा रहा है।"
'हमें फक्र है कि हमारे बच्चे लड़े और जीते'
अपने संबोधन के अंत में डिंपल यादव ने छात्र आंदोलन की सराहना करते हुए कहा कि उन्हें उन छात्रों पर गर्व है, जिन्होंने अपनी मांगों के लिए लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष किया। उन्होंने कहा, "हमें फक्र है कि हमारे बच्चे लड़े और इस लड़ाई को जीते।"
लेखक के बारे मेंदेवेश पांडेयदेवेश पांडेय नवभारतटाइम्स ऑनलाइन में कार्यरत हैं। वे एनबीटी की उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड डिजिटल टीम के सदस्य हैं। देवेश के पास डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट पत्रकारिता का 9 साल का व्यापक अनुभव है। उन्होंने मई 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन ज्वॉइन किया था। इससे पहले वे इंडिया न्यूज, भारत समाचार, न्यूज वन इंडिया जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों सहित कई डिजिटल चैनल में विभिन्न भूमिकाओं में अपनी सेवाएं दे चुके हैं।
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देवेश पांडेय ने लखनऊ विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन में पोस्ट ग्रेजुएशन किया है। देवेश डिजिटल, वेब और ब्रॉडकास्ट मीडिया में 9 साल काम करने का अनुभव रखते हैं। उन्होंने ने 2016 के आखिर में यूपीटीवी लिमिटेड (भारत समाचार) के साथ अपने करियर की शुरुआत की थी, जहां यूपी-उत्तराखंड में हुए 2017 विधानसभा चुनाव को डेस्क से महत्वपूर्ण खबरों और राजनीतिक घटनाक्रमों के साथ कवर किया। इसके बाद न्यूज वन इंडिया में असाइनमेंट डेस्क पर रहते हुए 2019 में हुए लोकसभा चुनाव को कवर किया। इसके बाद 2022 में उत्तर प्रदेश-उत्तराखंड विधानसभा और 2024 लोकसभा चुनावों को इंडिया न्यूज सहित डिजिट चैनल्स में रहते हुए कवर किया।... और पढ़ें
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