सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर के फंड जांच मामले में तत्काल सुनवाई से किया इनकार
अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी और गबन के आरोपों की जांच के लिए सुप्रीम कोर्ट में दायर जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार हो गया है। याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जाए और किसी भी रिकॉर्ड या सबूत को नष्ट करने या उसमें छेड़छाड़ करने पर रोक लगाई जाए।

सौजन्य से:- ABP News
राम मंदिर के फंड से जुड़े मामले में याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से किया इनकार
याचिकाकर्ताओं ने बैंक अकाउंट, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज समेत सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की है.
सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार (25 जून, 2026) को अयोध्या राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी की जांच को लेकर दायर एक जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया. हालांकि, कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि सुप्रीम कोर्ट की रजिस्ट्री इस मामले को सूचीबद्ध करेगी.
अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे में गड़बड़ी और गबन के आरोपों की जांच को लेकर वकील अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव ने जनहित याचिका दाखिल की है. गुरुवार को जस्टिस बीवी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची की बेंच के सामने याचिकाकर्ताओं ने कहा कि उनकी तत्काल मांग सिर्फ इतनी है कि मामले को जल्द सूचीबद्ध किया जाए, ताकि महत्वपूर्ण साक्ष्यों को सुरक्षित रखा जा सके.
याचिका में राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पैसों में गड़बड़ी के आरोपों की एफआईआर दर्ज की जाए. सीबीआई की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाकर निष्पक्ष, समयबद्ध जांच कराई जाए, ताकि यह पता चल सके कि दान के पैसों में कोई गड़बड़ी, गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं.
याचिकाकर्ताओं ने बैंक अकाउंट, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज समेत सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की है. याचिका में कोर्ट के सामने मांग की गई कि किसी भी रिकॉर्ड या सबूत को नष्ट करने या उसमें छेड़छाड़ करने पर रोक लगाई जाए.
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इस पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्या बागची ने जल्द सुनवाई से इनकार कर दिया. बेंच ने याचिकाकर्ताओं सोमवार को फिर से अवकाशकालीन पीठ के सामने याचिका मेंशन करने को कहा है. बेंच ने कहा, 'रजिस्ट्री इसे सूचीबद्ध करेगी. आपको तारीख मिल जाएगी.'
इसी बीच, लखनऊ के डिविजनल कमिश्नर विजय विश्वास पंत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय एसआईटी ने हाल ही में राज्य सरकार को अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपी है. हालांकि, मंदिर के फंड में कथित हेराफेरी की विस्तृत जांच अभी भी जारी है.
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