सुप्रीम कोर्ट ने जज नियुक्ति के समय-सीमा याचिका को सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई
सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में दायर जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की सिफ़ारिशों पर केंद्र सरकार के कार्य हेतु समय-सीमा तय करने वाली याचिका को सुनवाई के लिये सूचीबद्ध किया। अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इस मांग की, पर न्यायमूर्ति संजय किशन कौल के सेवानिवृत्ति के बाद से यह मामला सूचीबद्ध नहीं हुआ था। न्यायालय ने कहा कि अधिकांश समस्याएँ सुलझने की उम्मीद है और अब इसे सुनवाई के लिये रखेंगे।

सौजन्य से:- Hindustan
जजों की नियुक्ति मामले को सूचीबद्ध करेगा सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट ने जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की सिफारिशों पर केंद्र सरकार के काम करने की समय-सीमा तय करने वाली याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने पर सहमति दी। यह याचिका 2018 से लंबित थी और अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने इसे शीघ्र सूचीबद्ध करने की मांग की।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को जजों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम की सिफारिशों पर केंद्र सरकार के काम/कार्रवाई करने के लिए समय-सीमा तय करने वाली याचिका सूचीबद्ध करने पर सहमति जताई। शीर्ष अदालत में यह याचिका 2018 से लंबित है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ के समक्ष याचिकाकर्ता संगठन ‘सेंटर फॉर पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन’ की ओर से अधिवक्ता प्रशांत भूषण ने याचिका को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने का आग्रह किया। भूषण ने पीठ से कहा कि दिसंबर, 2023 में जस्टिस संजय किशन कौल के सेवानिवृत्ति के बाद से सुनवाई के लिए यह मामला सूचीबद्ध नहीं किया गया है।
अधिवक्ता भूषण ने कहा कि दुर्भाग्य से दिसंबर 2023 के बाद इसे सूचीबद्ध नहीं किया गया है। इसे बुधवार को सूचीबद्ध किया जाना था लेकिन नहीं किया गया। न्यायिक नियुक्तियों की पूरी प्रक्रिया में अभी भी कुछ समस्याएं बनी हुई हैं, हालांकि कुछ समस्याएं शायद सुलझा ली गई हैं। इसके बाद मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने अधिवक्ता भूषण से कहा कि काफी हद तक समस्याएं सुलझने की उम्मीद है, बहरहाल हम इसे सूचीबद्ध कर सकते हैं।
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