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सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्यसभा ने दी मंजूरी

राज्यसभा ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के विधेयक को पारित कर दिया है, जिससे सर्वोच्च अदालत में मामलों का निपटारा तेजी से हो सकेगा. इस विधेयक में सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान किया गया है.

6 अगस्त 2026 को 12:15 am बजे
सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने के लिए राज्यसभा ने दी मंजूरी

सौजन्य से:- ABP News

केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा कि यह विधेयक न्याय के क्षेत्र में सुधारों की श्रृंखला का हिस्सा है। न्यायाधीशों की संख्या बढ़ने से सर्वोच्च अदालत में मामलों का निपटारा तेजी से होगा।

सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का रास्ता साफ, राज्यसभा से भी बिल पारित

Monsoon Session: संसद के दोनों सदनों से पास हो चुके इस विधेयक में सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान किया गया है.

- कानून मंत्री ने इसे न्याय सुधारों हेतु बताया।

मानसून सत्र के 17वें दिन बुधवार (5 अगस्त, 2026) को संसद के उच्च सदन यानी राज्यसभा ने देश की सर्वोच्च अदालत में चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के साथ अन्य न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या को बढ़ाने से संबंधित प्रावधान वाले विधेयक को पास कर दिया है. राज्यसभा में विस्तृत चर्चा के बाद उच्चतम न्यायालय (न्यायाधीश संख्या) संशोधन विधेयक, 2026 को ध्वनिमत से पास कर दिया गया है. वहीं, लोकसभा में यह बिल पहले ही पास किया जा चुका है.

संसद के दोनों सदनों से पास होने के बाद अब यह विधेयक पूरी तरह से कानून का रूप लेने के रास्ते पर है. इस विधेयक में सुप्रीम कोर्ट में स्वीकृत न्यायाधीशों की अधिकतम संख्या को 34 से बढ़ाकर 38 करने का प्रावधान है.

राज्यसभा में चर्चा के दौरान विपक्षी दलों से किया हंगामा

न्यूज एजेंसी पीटीआई भाषा के मुताबिक, लोकसभा में पास होने के बाद इस बिल को केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार (5 अगस्त, 2026) को राज्यसभा में चर्चा और इसे पारित करने के लिए पेश किया. हालांकि, सदन में विधेयक के पारित होने की राह आसान नहीं रही. राज्यसभा की कार्यवाही दो बार स्थगित किए जाने के बाद फिर से दोपहर दो बजे शुरू हुई. इसके बाद जब कानून मंत्री ने बिल किया, तब कांग्रेस समेत अन्य विपक्ष दलों के सांसदों ने सदन में अपनी सीटों से उठकर राम मंदिर चढ़ावा चोरी और दिल्ली में छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे को लेकर जमकर हंगामा किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की.

चर्चा के दौरान विपक्ष ने राज्यसभा से किया वॉकआउट

राज्यसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के बीच जब सदन के उपसभापति हरिवंश ने विधेयक पर चर्चा शुरू करवाई, तब कांग्रेस के साथ कई अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट कर लिया. हालांकि, थोड़ी देर बाद तृणमूल कांग्रेस (TMC), डीएमके, आम आदमी पार्टी (AAP), आरजेडी, माकपा, झामुमो (JMM) के सदस्य सदन में वापस लौटे और उन्होंने चर्चा में भाग लिया.

राज्यसभा में चर्चा के दौरान विधेयक पर बोले कानून मंत्री

सदन में बिल पर चर्चा के दौरान केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने कहा, ‘यह विधेयक न्याय के क्षेत्र में सुधारों की शृंखला की कड़ी है, जिसके माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की संख्या बढ़ाने का प्रावधान किया गया है. सर्वोच्च अदालत में न्यायाधीशों की संख्या बढने से मामलों के निपटारे में तेजी आएगी.

उन्होंने कहा कि साल 1950 में जब सुप्रीम कोर्ट की शुरुआत हुई थी, तब चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के साथ सर्वोच्च अदालम में कुल न्यायाधीशों की संख्या महज आठ थी, जो समय की मांग और आवश्यकता को देखते हुए आज 38 हो गई है.

यह भी पढ़ेंः ताबड़तोड़ हमलों के बीच सीजफायर के लिए गिड़गिड़ा रहा था पाक, ऑपरेशन Sindoor पर खुलासा

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