होमअपराधराम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराई
अपराध

राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराई

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इसकी अनुमति नहीं दी।

25 जून 2026 को 06:25 am बजे
राम मंदिर चढ़ावा घोटाला: सुप्रीम कोर्ट ने जल्द सुनवाई की मांग ठुकराई

सौजन्य से:- AajTak

Sign In

Advertisement

X

उत्तर प्रदेश के अयोध्या में श्री राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी और गबन की जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दाखिल जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई की मांग की गई. इस पर सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस बी वी नागरत्ना और जस्टिस जॉयमाल्य बागची ने जल्द सुनवाई से इनकार करते हुए सोमवार को फिर से अवकाशकालीन पीठ के समक्ष मेंशन करने को कहा.

याचिकाकर्ताओं ने अपनी अर्जी की गंभीरता को देखते हुए जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा कि इस मामले में तुरंत आदेश जारी करने की जरूरत है.

जस्टिस BV नागरत्ना ने कहा कि सोमवार को एक बार फिर जल्द सुनवाई की मांग करें.

याचिका में क्या मांग की गई है?

राम मंदिर चढ़ावा से जुड़े घोटाला मामले में जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है. इस मामले में सबसे पहले आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर CBI की SIT से जांच की मांग गई है.

अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव नाम के दो वकीलों की तरफ से दायर यचिका में मांग की गई है कि श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पैसों में गड़बड़ी के आरोपों की FIR दर्ज की जाए. CBI की अगुवाई में एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाकर निष्पक्ष, समयबद्ध जांच कराई जाए, जिससे यह पता चल सके कि दान के पैसों में कोई गड़बड़ी, गबन या भ्रष्टाचार हुआ है या नहीं.

Advertisement

यह भी पढ़ें: राममंदिर चढ़ावा चोरी में रोज सामने आ रहे नए किरदार, कब तक नपेंगे गुनहगार?

याचिका में यह भी कहा गया है कि कोर्ट के द्वारा रामजन्मभूमि ट्रस्ट और यूपी सरकार को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वो ट्रस्ट के फंड और संपत्तियों की निगरानी के लिए मजबूत ऑडिट और जांच व्यवस्था बनाए, जिससे भविष्य में ऐसी शिकायतें न हों.

मांग की गई है कि कोर्ट यूपी सरकार और ट्रस्ट को निर्देश दे कि जांच पूरी होने तक सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं, जैसे बैंक खाते, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, CCTV फुटेज, कंप्यूटर डेटा. इसके साथ ही, किसी भी रिकॉर्ड या सबूत को नष्ट करने या उसमें छेड़छाड़ करने पर रोक लगाई जाए.

---- समाप्त ----

TOPICS:

Latest News in Hindi »

Advertisement

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन
अपराध

गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

ताज़ा ख़बरें