लोक अदालत में मिलेगा शीघ्र और सस्ता न्याय, प्रधान जिला जज ने दिया आश्वासन
कोडरमा में आयोजित मासिक लोक अदालत में 21 वादों का निष्पादन किया गया और 8 लाख 46 हजार रुपये की वसूली हुई। प्रधान जिला जज रमाकांत मिश्रा ने कहा कि लोक अदालत से लोगों को शीघ्र और सस्ता न्याय मिलता है और न्यायालयों पर बोझ कम होता है।

सौजन्य से:- Live Hindustan
लोक अदालत किसी परिचय की मोहताज नहीं : प्रधान जिला जज
झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार की ओर से कोडरमा में मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। प्रधान जिला जज रमाकांत मिश्रा ने बताया कि लोक अदालत से सस्ता और शीघ्र न्याय मिलता है, जिससे मामलों का निपटारा होता है और न्यायालयों पर बोझ कम होता है। इस बार 21 वादों का निष्पादन किया गया।
कोडरमा, हिन्दुस्तान प्रतिनिधि। झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार, रांची के निर्देश पर शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, कोडरमा के तत्वावधान में मासिक लोक अदालत का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संचालन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष रमाकांत मिश्रा के मार्गदर्शन में हुआ। इस अवसर पर प्रधान जिला जज रमाकांत मिश्रा ने कहा कि वर्तमान समय में लोक अदालत किसी परिचय की मोहताज नहीं है और इसकी लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत में दिए गए फैसले में दोनों पक्षों की जीत होती है तथा कोई भी पक्ष स्वयं को पराजित या निर्णय को थोपे जाने जैसा महसूस नहीं करता।
लोक अदालत के निर्णय के विरुद्ध अपील का प्रावधान नहीं होता और इसका फैसला अंतिम माना जाता है। उन्होंने कहा कि लोक अदालत शीघ्र, सस्ता और सुलभ न्याय उपलब्ध कराने का प्रभावी माध्यम है। इससे एक ओर लोगों के समय और धन की बचत होती है, वहीं दूसरी ओर न्यायालयों में लंबित मामलों का बोझ भी कम होता है। लोक अदालत में बढ़ती भागीदारी इसकी जनस्वीकार्यता और विश्वास का प्रमाण है। मासिक लोक अदालत के सफल संचालन के लिए कुल 10 बेंचों का गठन किया गया था। इन बेंचों के माध्यम से 21 वादों का निष्पादन किया गया तथा विभिन्न विभागों से 8 लाख 46 हजार रुपये की वसूली की गई। इस मौके पर प्रधान न्यायाधीश, कुटुंब न्यायालय अमितेष लाल, जिला जज प्रथम सचिन्द्र नाथ सिन्हा, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अमित कुमार वैश, अवर न्यायाधीश तृतीय सत्यभामा कुमारी, जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौतम कुमार, अनुमंडल न्यायिक दंडाधिकारी संध्या प्रसाद, न्यायाधीश प्रभारी विकास कुमार भगत, विद्युत एवं उत्पाद विभाग के अधिकारी, न्यायालयकर्मी रणजीत कुमार सिंह, मूंगालाल दास, राजेंद्र कुमार, मनोज मिश्रा, कुमार संजय, महेश्वर कुमार, राजीव कुमार, सुनील कुमार, रवि कुमार सहित अन्य लोग उपस्थित थे।
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