वंदे मातरम कानून के विरोध का अंत, अयोध्या में श्रृद्धालुओं ने देशभक्ति के प्रदर्शन किये
अयोध्या में वंदे मातरम कानून बनने के बाद शहर के संत-महंतों और श्रद्धालुओं ने देशभक्ति के नारों के साथ अपनी खुशी का इजहार किया. संत समाज ने इसे राष्ट्र सम्मान और गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताया.

सौजन्य से:- ETV Bharat
अयोध्या में दीवाली; वंदे मातरम कानून बनने पर संतों ने बांटी मिठाई, इकबाल अंसारी बोले- भारत माता की जय
दिवाकराचार्य और जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि 'वंदे मातरम' देश की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है.
By ETV Bharat Uttar Pradesh Team
Published : July 31, 2026 at 2:48 PM IST
अयोध्या : वंदे मातरम कानून बनने के बाद रामनगरी अयोध्या में दीवाली जैसे उत्सव का माहौल देखने को मिला. शहर के संतों-महंतों और श्रद्धालुओं ने दीप प्रज्वलित कर, पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर अपनी खुशी का इजहार किया. संत समाज ने इसे राष्ट्र सम्मान तथा राष्ट्रीय गौरव से जुड़ा ऐतिहासिक निर्णय बताया.
दिवाकराचार्य और जगद्गुरु परमहंस आचार्य ने कहा कि 'वंदे मातरम' केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की अस्मिता, स्वतंत्रता संग्राम के बलिदान और मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक है. इस निर्णय से देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होगी तथा आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का बोध होगा.
आयोजन के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंजता रहा. संत समाज ने दीपोत्सव, आतिशबाजी और मिठाई वितरण के बीच इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए केंद्र सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया. कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने भारत माता की जय तथा वंदे मातरम के उद्घोष के साथ अपनी खुशी व्यक्त की.
यह भी पढ़ें : अयोध्या में सावन के पहले दिन उमड़े भक्त, रामलला का दर्शन-पूजन
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