होमअपराधसुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान विवाद की जल्द सुनवाई की मांग को किया खारिज
अपराध

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान विवाद की जल्द सुनवाई की मांग को किया खारिज

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान विवाद से जुड़ी जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। याचिकाकर्ताओं ने कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने कहा कि 29 जून को इस याचिका का उल्लेख किया जाएगा।

25 जून 2026 को 08:24 am बजे
सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान विवाद की जल्द सुनवाई की मांग को किया खारिज

सौजन्य से:- Jansatta

सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर दान विवाद को लेकर दायर याचिका पर तत्काल सुनवाई से इनकार कर दिया है। शीर्ष अदालत ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वे इस याचिका का उल्लेख 29 जून को करें। याचिका में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की अदालत की निगरानी में जांच की मांग की गई थी।

याचिकाकर्ताओं ने मामले की गंभीरता को लेकर जल्द सुनवाई की मांग करते हुए कहा था कि इस मामले में तुरंत आदेश जारी करने की जरूरत है। जस्टिस बीवी नागरत्ना ने कहा कि सोमवार को एक बार फिर जल्द सुनवाई की मांग करें।

राम मंदिर दान विवाद (ऑडिट रिपोर्ट ने 6 साल पहले ही दी थी राम मंदिर ट्रस्ट को चेतावनी) से जुड़े मामले में जांच को लेकर सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। इस मामले में सबसे पहले आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सीबीआई की एसआईटी से जांच की मांग गई है।

अजय कुमार राय और दिनेश कुमार यादव नाम के दो वकीलों की तरफ से दायर यचिका में मांग की गई है कि श्री राम जन्मभूमि ट्रस्ट के पैसों में गड़बड़ी के आरोपों की एफआईआर दर्ज की जाए। सीबीआई की अगुवाई में एसआईटी का गठन किया जाए और जांच निष्पक्ष और समय पर कराई जाए। जिससे मामले का पर्दाफाश हो सके कि इस गबन और भ्रष्टाचार के पीछे कौन है।

याचिका में यह भी कहा गया है कि कोर्ट के द्वारा रामजन्मभूमि ट्रस्ट और यूपी सरकार को निर्देश दिया जाना चाहिए कि वो ट्रस्ट के फंड और संपत्तियों की निगरानी के लिए मजबूत ऑडिट और जांच व्यवस्था बनाए, जिससे भविष्य में ऐसी शिकायतें न हों।

याचिकाकर्ताओं ने मांग करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को निर्देश दे कि जांच पूरी होने तक सभी रिकॉर्ड सुरक्षित रखे जाएं, जैसे बैंक खाते, दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीव फुटेज, कंप्यूटर डेटा। इसके साथ ही किसी रिकॉर्ड से न तो छेड़छाड़ की जाए और न ही नष्ट किया जाए।

राम मंदिर के चंदा फंड को लेकर उठे विवाद के केंद्र में एक साधारण-सा नाम वाला ‘पिलग्रिम फैसिलिटेशन सेंटर’ (तीर्थयात्री सुविधा केंद्र) है। मुख्य मंदिर से करीब 200 मीटर की दूरी पर स्थित यह इमारत अपनी वास्तुकला में राम मंदिर की छाप लिए हुए है। इस भवन के बेसमेंट में एक काउंटिंग रूम बनाया गया है जहां मंदिर परिसर में लगे करीब 35 दानपात्रों (डोनेशन बॉक्स) की राशि लाकर गिनी जाती है। पढ़ें पूरी खबर।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन
अपराध

गुजरात में नौवाहनविभाग और नौवहन कानूनों पर कार्यशाला का उद्घाटन

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई
अपराध

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में बड़े मामलों की सुनवाई

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई
अपराध

राममंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट में 10 अगस्त को सुनवाई

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर
अपराध

भाजपा हमलावर, अदालत ने बोला झूठे थे उत्पीड़न के आरोप बृजभूषण शरण सिंह केस पर

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026
अपराध

लाइव लॉ इलाहाबाद उच्च न्यायालय के महत्वपूर्ण आदेश और निर्णय - 3 अगस्त - 9 अगस्त, 2026

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका
अपराध

न्यायालय की संवेदनशीलता पुस्तिका

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज
अपराध

दिल्ली केस में भाग जाने वाली पत्नी और ससुर के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश
अपराध

पटना हाईकोर्ट ने पुलिस हिरासत के बाद दिया व्यक्ति के लापता होने के मामले में सीबीआई जांच का आदेश

ताज़ा ख़बरें