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जनविरोधी कानूनों का प्रदर्शन, किसानों ने जारी किया संघर्ष

संयुक्त किसान मोर्चा द्वारा राष्ट्रव्यापी 'जेल भरो आंदोलन' के दौरान, जिला मुख्यालय पर हुए प्रदर्शन में किसानों ने अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौते और नए श्रम कानूनों को जनविरोधी बताया और उन्हें वापस लेने की मांग की।

10 अगस्त 2026 को 08:56 pm बजे
जनविरोधी कानूनों का प्रदर्शन, किसानों ने जारी किया संघर्ष

सौजन्य से:- Hindustan

चार श्रम कानूनों के खिलाफ संयुक्त किसान मोर्चा ने किया प्रदर्शन

- राष्ट्रव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत जिला मुख्यालय पहुंच की नारेबाजी त जिला मुख्यालय पर सैकड़ो किसानों, मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान कि

मऊ, संवाददाता। संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ के तहत जिला मुख्यालय पर सैकड़ो किसानों, मजदूरों ने जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान किसानों ने अमेरिका के साथ किए गए मुक्त व्यापार समझौते और देश में लागू किए गए चार नए श्रम कानूनों को जनविरोधी करार देते हुए वापस लेने की पुरजोर मांग की। प्रदर्शन के पश्चात किसानों ने राष्ट्रपति को संबोधित 11 सूत्रीय मांग पत्र सिटी मजिस्ट्रेट को सौंपा। राम कुमार भारती ने कहा कि सरकार कॉर्पोरेट घरानों को लाभ पहुंचाने के लिए नीतियां बना रही है, जिससे देश का किसान और मजदूर वर्ग पिस रहा है।

सरकार द्वारा लागू किए गए नए श्रम कानूनों को मजदूरों और कामगारों के अधिकारों का हनन बताते हुए इन्हें तुरंत रद्द करने की मांग की। अमेरिका के साथ मुक्त व्यापार समझौता से देश के कृषि और घरेलू बाजार पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा, जिससे छोटे किसानों और स्थानीय उद्योगों को भारी नुकसान होगा। साथ ही देश के अन्नदाताओं को पूरी तरह से कर्ज मुक्त किए जाने और प्राकृतिक आपदाओं से खराब हुई फसलों का उचित मुआवजा समय पर दिए जाने की मांग उठाई। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाया गया, तो आंदोलन को और अधिक तीव्र किया जाएगा। प्रदर्शन में राम नारायण सिंह, रामनवल सिंह, देवेंद्र सिंह, दीनानाथ मौर्या, राम प्रवेश यादव, सिकंदर, पियूष उपाध्याय, गुफरान, शैलेन्द्र कुमार, प्रसेन आदि ने सम्बोधित किया। सभा की अध्यक्षता देवेंद्र प्रसाद मिश्रा व संचालन वीरेंद्र कुमार ने किया। ज्ञापन सौंपने वालों में अब्दुल अज़ीम खां, बसंत कुमार, श्रीराम सिंह, हरीलाल, शेर मोहम्मद, कैलाश चौहान, शिवाकांत मिश्रा, राम सूरत प्रजापति, विनय कुमार, लल्लन यादव, जयराम यादव, संगीता, उर्मिला सहित सैकड़ो किसान मजदूर व महिलाये शामिल रही।

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