दहेज प्रताड़ना का मामला: पति और ससुराल पक्ष के सदस्यों पर मामला दर्ज
एक विवाहिता को दहेज की मांग के कारण मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। पुलिस ने पति समेत ससुराल पक्ष के सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दहेज की मांग और उससे जुड़ी प्रताड़ना भारतीय न्याय संहिता और दहेज निषेध अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है।

मेरठ में एक विवाहिता को दहेज की मांग के कारण ससुराल पक्ष के सदस्यों द्वारा कथित रूप से मानसिक और शारीरिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर पति समेत ससुराल पक्ष के अन्य सदस्यों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सूत्र: स्थानीय मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, विवाह के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष द्वारा अतिरिक्त दहेज की मांग की जाने लगी। आरोप है कि मांग पूरी न होने पर विवाहिता के साथ दुर्व्यवहार किया गया और उसे लगातार मानसिक दबाव में रखा गया।
विशेषज्ञों के अनुसार, दहेज की मांग और उससे जुड़ी प्रताड़ना भारतीय न्याय संहिता (आईपीसी) तथा दहेज निषेध अधिनियम, 1961 के तहत दंडनीय अपराध है। दोष सिद्ध होने पर आरोपियों को कारावास और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है।
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