पीएलवी को दिया प्रशिक्षण, स्थायी लोक अदालत के लाभों को बढ़ावा देने का लक्ष्य
बलरामपुर में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने पैरा लेजिस्लेटिव वोलंटियर्स (पीएलवी) को स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए प्रशिक्षित किया। इसका उद्देश्य ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को इसके लाभों के प्रति जागरूक करना है।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a6ce390938900245904c7f0","slug":"training-provided-to-plvs-for-the-promotion-and-dissemination-of-the-permanent-lok-adalat-balrampur-news-c-99-1-slko1019-152520-2026-07-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"Balrampur News: स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए पीएलवी को दिया प्रशिक्षण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Balrampur News: स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए पीएलवी को दिया प्रशिक्षण
Fri, 31 Jul 2026 11:34 PM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
संवाद न्यूज एजेंसी, बलरामपुर
Updated Fri, 31 Jul 2026 11:34 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बलरामपुर। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से शुक्रवार को स्थायी लोक अदालत के प्रचार-प्रसार के लिए पैरा विधिक स्वयंसेवकों (पीएलवी) का प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के लोगों को स्थायी लोक अदालत की कार्यप्रणाली और इसके लाभों के प्रति जागरूक करना था।
प्राधिकरण के सचिव यशपाल वर्मा ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22-बी के तहत गठित स्थायी लोक अदालत जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के निस्तारण का प्रभावी मंच है। यहां पक्षकारों के बीच पहले सुलह और समझौते का प्रयास किया जाता है। यदि समझौता नहीं हो पाता तो नियमानुसार स्थायी लोक अदालत मामले का निर्णय भी दे सकती है।
प्रशिक्षण के दौरान स्थायी लोक अदालत के सदस्य अंबिकेश्वर मिश्रा ने बताया कि विद्युत, जलापूर्ति, परिवहन, डाक, स्वच्छता एवं सीवरेज, अस्पताल, बीमा सहित अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में वाद दायर करने से पहले भी लोग इस वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने पैरा विधिक स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्थायी लोक अदालत की प्रक्रिया, लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक लोग कम समय और कम खर्च में अपने विवादों का समाधान करा सकें।
विज्ञापन
प्राधिकरण के सचिव यशपाल वर्मा ने बताया कि विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम, 1987 की धारा 22-बी के तहत गठित स्थायी लोक अदालत जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित विवादों के निस्तारण का प्रभावी मंच है। यहां पक्षकारों के बीच पहले सुलह और समझौते का प्रयास किया जाता है। यदि समझौता नहीं हो पाता तो नियमानुसार स्थायी लोक अदालत मामले का निर्णय भी दे सकती है।
विज्ञापन
प्रशिक्षण के दौरान स्थायी लोक अदालत के सदस्य अंबिकेश्वर मिश्रा ने बताया कि विद्युत, जलापूर्ति, परिवहन, डाक, स्वच्छता एवं सीवरेज, अस्पताल, बीमा सहित अन्य जनोपयोगी सेवाओं से जुड़े विवादों का समाधान स्थायी लोक अदालत के माध्यम से कराया जा सकता है। उन्होंने कहा कि न्यायालय में वाद दायर करने से पहले भी लोग इस वैकल्पिक व्यवस्था का लाभ उठा सकते हैं।
विज्ञापन
उन्होंने पैरा विधिक स्वयंसेवकों से अपने-अपने क्षेत्रों में लोगों को स्थायी लोक अदालत की प्रक्रिया, लाभ और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी देने का आह्वान किया, ताकि अधिक से अधिक लोग कम समय और कम खर्च में अपने विवादों का समाधान करा सकें।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
देवेंद्रकुला वेल्लालर ने SC टैग छोड़कर सामाजिक सम्मान की मांग की

सुप्रीम कोर्ट का निर्णय: टिकट न होने पर भी ट्रेन दुर्घटना के पीड़ितों को मिलेगा मुआवजा

अदालत‑एडीआर सहयोग से पारिवारिक विवादों का तेज़ समाधान

सुप्रीम कोर्ट का आदेश: मेरठ में 16,000‑से‑अधिक संपत्तियों पर कार्रवाई

परिवारिक विवादों में न्यायालय‑एडीआर का सहयोगी मॉडल

टिकट न मिलने पर भी 8 लाख का मुआवजा, सुप्रीम कोर्ट ने राहत दी परिवार को

टिकट न मिलने पर भी मुआवजा मिलेगा: सुप्रीम कोर्ट ने 8 लाख की रक़म बहाल की

सुप्रीम कोर्ट ने रिहायशी ज़ोन में वाणिज्यिक कार्यवाही पर सील लगाने का कड़ा आदेश
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट ने चीनी‑एथेनॉल मुआवजा दावों के 103.4 अरब रियाल के मुद्दे को पूर्ण पीठ तक पहुँचाया
- सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ में अवैध कॉलोनियों पर सख्त कदम, न्यायिक आयोग बनाकर ध्वस्तीकरण का आदेश
- मोदी सरकार ने OBC ‘क्रीमी लेयर’ नियम लागू करने के लिए सुप्रीम कोर्ट से दो साल की रियायत माँगी
- अंतर्राष्ट्रीय कानून की स्नातक ने नौकरी छोड़कर सब्जी विक्रय में रोज़ 200 किग्रा बेचना शुरू किया
- केन्द्र सरकार ने OBC क्रीमी लेयर नियम लागू करने के लिए दो साल की राहत की माँग की
- सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने चार हाई कोर्टों में 12 जजों को स्थायी पद दिलवाया
- शरई अदालत में बढ़ते तलाक‑नफका के केस, हर महीने 30 मामले, काउंसलिंग से समाधान
- LiveLaw ने लॉन्च किया ‘ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट’ – न्यायिक अपडेट अब तुरंत

