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अयोध्या राम मंदिर में वित्तीय अनियमितता की जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने 29 जून की तारीख दी

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की अपील पर विचार करने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने वकील से कहा कि वे 29 जून को इस याचिका का जिक्र करें.

25 जून 2026 को 08:25 am बजे
अयोध्या राम मंदिर में वित्तीय अनियमितता की जांच की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने 29 जून की तारीख दी

सौजन्य से:- Navbharat Times

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की अपील पर विचार करने से इनकार कर दिया है।

लखनऊ: सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय अनियमितताओं की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर तत्काल सुनवाई की अपील पर विचार करने से इनकार कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने वकील से कहा है कि वे 29 जून को इस याचिका का जिक्र करें।

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग वाली याचिका पर तुरंत सुनवाई की मौखिक अपील को मानने से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से कहा कि वे मामले को लिस्टिंग के लिए 29 जून को मेंशन करें।

याचिका में ट्रस्ट में कथित वित्तीय गड़बड़ियों की कोर्ट की निगरानी में जांच की मांग की गई है। इसमें एफआईआर दर्ज करना और सीबीआई के तहत एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) बनाना शामिल है। इसमें दान रजिस्टर, ऑडिट रिपोर्ट, सीसीटीवी फुटेज और बैंक रिकॉर्ड सहित सभी फिजिकल और डिजिटल वित्तीय रिकॉर्ड को सुरक्षित रखने के निर्देश देने की भी मांग की गई है।

राम मंदिर में एसआईटी की जांच पूरी उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा बनाई गई तीन सदस्यीय एसआईटी द्वारा राम मंदिर में दान में कथित हेराफेरी पर अपनी शुरुआती रिपोर्ट सौंपने के कुछ दिनों बाद हुआ सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर अदालत का यह निर्देश आया है। एसआईटी ने मंदिर के दान और वित्तीय प्रबंधन प्रणालियों के प्रबंधन की एक सप्ताह तक चली जांच पूरी करने के बाद अपनी रिपोर्ट एडिशनल चीफ सेक्रेटरी (होम) संजय प्रसाद को सौंपी। अधिकारियों के अनुसार, रिपोर्ट में प्रशासनिक सुधारों की सिफारिश की गई है, जिसमें पारदर्शिता, जवाबदेही और प्रशासनिक दक्षता में सुधार के लिए काशी विश्वनाथ मंदिर के प्रबंधन मॉडल की तर्ज पर एक चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर की नियुक्ति शामिल है।

लेखक के बारे मेंसूर्यकांत पाठकसूर्यकांत पाठक, नवभारत टाइम्स (डिजिटल) में कंसल्टेंट हैं। वे जून 2025 से टाइम्स ऑफ इंडिया ग्रुप के नवभारत टाइम्स की डिजिटल विंग से जुड़े हैं। सूर्यकांत पाठक एनबीटी डिजिटल में बिहार डेस्क पर सेवाएं दे रहे हैं। सूर्यकांत समाचार विश्लेषण, संपादकीय लेखन, कला समीक्षा, नाट्य और संगीत समीक्षा, पर्यावरण से जुड़े मुद्दों, सामाजिक मुद्दों और राजनीतिक मुद्दों पर धारदार कलम चलाते हैं। वे 31 साल से पत्रकारिता कर रहें हैं। इस लंबी अवधि में उन्होंने कई वर्षों तक अलग-अलग माध्यमों के लिए रिपोर्टिंग की है। कई लोकसभा चुनावों के अलावा मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों को कवर किया है। कई बड़े सांस्कृतिक, साहित्यिक आयोजनों को भी कवर किया है। उन्होंने कई दिग्गज कलाकारों, राजनीतिज्ञों, साहित्यकारों और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साक्षात्कार किए हैं।

सूर्यकांत पाठक ने ग्राउंड रिपोर्टिंग के अलावा कई वर्षों तक डेस्क पर संपादन की जिम्मेदारी निभाई है। उन्होंने सभी समाचार माध्यमों प्रिंट मीडिया, रेडियो, टेलीविजन और डिजिटल मीडिया में सेवाएं दी हैं। वे इस दौरान रिपोर्टिंग के अलावा विभिन्न डेस्कों पर अलग-अलग भूमिकाओं में काम करते रहे हैं। वे समय-समय पर स्थानीय समाचार डेस्क के अलावा, देश-प्रदेश, अंतरराष्ट्रीय समाचार, फीचर डेस्क और चुनाव डेस्क के लिए भी काम करते रहे हैं।

सूर्यकांत पाठक विश्लेषणात्मक रिपोर्टिंग और समाचार लेखन करते रहे हैं। वे हमेशा अपनी रपट में खबर से पीछे और खबर से आगे के तथ्यों को भी शामिल करते हैं। इससे उनकी खबरों में समग्रता होती है। वे एक अच्छे 'स्टोरी टेलर' हैं और उनके लेखन में दृश्यात्मकता है, जिससे उनकी रपट अधिक प्रभावी बन जाती है।

पत्रकारिता अनुभव

सूर्यकांत पाठक ने पत्रकारिता के करियर की शुरुआत ऑल इंडिया रेडियो- सागर में कैजुअल एनाउंसर/कंपेयर के रूप में सन 1993 में की थी। सन 1995 में दैनिक समाचार पत्र दैनिक भास्कर के सागर ब्यूरो में रिपोर्टर नियुक्त हुए। बाद में भोपाल में भी इसी पद पर काम किया। सन 1997 में प्रतिष्ठित हिंदी दैनिक नईदुनिया के इंदौर संस्करण में रिपोर्टर/सब एडिटर का दायित्व संभाला। इसके बाद सन 2003 में अमर उजाला- जम्मू में सीनियर रिपोर्टर नियुक्त हुए। सन 2005 में उन्होंने ईटीवी ज्वाइन किया और उन्हें जबलपुर में पूर्वी मध्य प्रदेश के ब्यूरो चीफ का जिम्मा दिया गया।

सन 2006 में दैनिक भास्कर-भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में फिर से प्रिंट मीडिया में काम शुरू किया। सन 2009 में पीपुल्स समाचार - भोपाल में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया। इसके बाद उन्होंने सन 2010 में लोकमत समाचार-औरंगाबाद (महाराष्ट्र) में न्यूज एडिटर का जिम्मा संभाला। उन्होंने जुलाई 2015 में एनडीटीवी इंडिया (डिजिटल)-नई दिल्ली में न्यूज एडिटर के रूप में ज्वाइन किया और 2017 में डिप्टी एडिटर बने। जनवरी 2025 में वे एनडीटीवी में सेवानिवृत्त हुए।

सूर्यकांत पाठक ने डॉ हरिसिंह गौर सेंट्रल यूनिवर्सिटी, सागर से बीए, एमए -परफॉर्मिंग आर्ट (थिएटर), बीसीजे और एसजेसी की डिग्रियां ली हैं। इंदिरा कला संगीत विश्वविद्यालय, खैरागढ़ (छत्तीसगढ़) से हिंदुस्तानी शास्त्रीय गायन में डिप्लोमा किया है। उन्होंने भारत भवन- भोपाल पर रिसर्च की है। उन्होंने'बच्चों पर केबिल टेलिविजन का असर' विषय पर लघु शोध किया है। इंदौर की गंदी बस्तियों में लोगों के जीवन स्तर पर एक वृहत सर्वे किया है।

अवॉर्ड/अचीवमेंट्स

बेस्ट रिपोर्टर (प्रेस क्लब -सागर), बेस्ट सिटी एडिटर (लोकमत समाचार, महाराष्ट्र), ज्वाला प्रसाद ज्योतिषी पत्रकारिता अलंकरण (सागर), नारद मुनि सम्मान (इंदौर), भुवन भूषण देवलिया पत्रकारिता पुरस्कार (भोपाल) सहित सूर्यकांत पाठक को कई पुरस्कार मिले हैं।... और पढ़ें

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