होम›सुप्रीम कोर्ट›वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम: दस्तावेज़ का बहाना नहीं, पेश करने के समय का पालन होगा
सुप्रीम कोर्ट

वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम: दस्तावेज़ का बहाना नहीं, पेश करने के समय का पालन होगा

सुप्रीम कोर्ट ने वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम (सीएस क्लॉज) के अधीन मामलों में दस्तावेज़ लंबे समय तक नहीं रखे जाने के बारे में आदेश पारित किया है. कोर्ट ने कहा है कि दस्तावेज़ भारी-भरकम होने के कारण उन्हें देर से पेश करने का कोई बहाना नहीं है. यह आदेश एमएस. लेविटेट मोबाइल टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड बनाम एम/एस. स्टैंडर्ड चार्टर्ड बैंक और ए.एन.आर. मामले के संदर्भ में पारित किया गया है.

9 जुलाई 2026 को 03:57 pm बजे
वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम: दस्तावेज़ का बहाना नहीं, पेश करने के समय का पालन होगा

सौजन्य से:- लाइव लॉ

वाणिज्यिक न्यायालय अधिनियम | दस्तावेज़ भारी-भरकम होने के कारण उन्हें देर से पेश करने का कोई बहाना नहीं: सुप्रीम कोर्ट

न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने की मांग, 27 अक्टूबर को सुनवाई कर सकता है सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

‘वंदे मातरम्’ को राष्ट्रगान के समान दर्जा देने की मांग, 27 अक्टूबर को सुनवाई कर सकता है सुप्रीम कोर्ट

पक्की कानूनी सहमति होने से पहले सार्वजनिक संपत्ति की कीमत बढ़ाने के लिए सार्वजनिक प्राधिकरण नीलामी पर फिर से विचार कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

पक्की कानूनी सहमति होने से पहले सार्वजनिक संपत्ति की कीमत बढ़ाने के लिए सार्वजनिक प्राधिकरण नीलामी पर फिर से विचार कर सकता है: सुप्रीम कोर्ट

विवादित व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में व्यक्ति को बरी किया
सुप्रीम कोर्ट

विवादित व्हाट्सएप मैसेज के आधार पर सजा नहीं दी जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने हत्या के मामले में व्यक्ति को बरी किया

ट्रायल से पहले की हिरासत को 'बिना ट्रायल के सजा' में नहीं बदला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट
सुप्रीम कोर्ट

ट्रायल से पहले की हिरासत को 'बिना ट्रायल के सजा' में नहीं बदला जा सकता: सुप्रीम कोर्ट

मेडिकल रिपोर्ट में 75.5% दिव्यांगता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना 100% कार्यात्मक दिव्यांगता; मुआवजा ₹77.84 लाख किया
सुप्रीम कोर्ट

मेडिकल रिपोर्ट में 75.5% दिव्यांगता, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने माना 100% कार्यात्मक दिव्यांगता; मुआवजा ₹77.84 लाख किया

सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले से असहमति जताना अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 13 लोगों के खिलाफ केस रद्द किया
सुप्रीम कोर्ट

सुप्रीम कोर्ट के अयोध्या फैसले से असहमति जताना अपराध नहीं: कर्नाटक हाईकोर्ट ने 13 लोगों के खिलाफ केस रद्द किया

जल निकायों पर नहीं दिया जा सकता रैयतवारी पट्टा; सुप्रीम कोर्ट का आदेश- निर्दोष फ्लैट खरीदारों को ढहाने की कार्रवाई से पहले वैकल्पिक जमीन दे सरकार
सुप्रीम कोर्ट

जल निकायों पर नहीं दिया जा सकता रैयतवारी पट्टा; सुप्रीम कोर्ट का आदेश- निर्दोष फ्लैट खरीदारों को ढहाने की कार्रवाई से पहले वैकल्पिक जमीन दे सरकार

मंदिर की इनाम जमीन राज्य सरकार को दान नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने दानपत्र रद्द किया, तमिलनाडु सरकार पर ₹1 लाख का जुर्माना
सुप्रीम कोर्ट

मंदिर की इनाम जमीन राज्य सरकार को दान नहीं की जा सकती: सुप्रीम कोर्ट ने दानपत्र रद्द किया, तमिलनाडु सरकार पर ₹1 लाख का जुर्माना

ताज़ा ख़बरें