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जिले में चेक बाउंस मामलों के निपटारे को अदालत की पहल

पूर्णिया जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने चेक बाउंस मामलों की लंबितता को कम करने के लिए विशेष पहल शुरू की है। 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

9 जुलाई 2026 को 04:57 pm बजे
जिले में चेक बाउंस मामलों के निपटारे को अदालत की पहल

सौजन्य से:- Hindustan

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By Newswrap हिन्दुस्तान, पूर्णिया

पूर्णिया में चेक बाउंस मामलों की लंबितता को कम करने के लिए जिला विधिक सेवा प्राधिकार ने पहल की है। 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा, जिससे पक्षकारों को त्वरित और कम खर्च में न्याय प्राप्त होगा। न्यायिक अधिकारियों ने प्री-लोक अदालत बैठकों का आयोजन कर समझौते की संभावनाएं बढ़ाने की दिशा में काम किया।

पूर्णिया, कार्यालय प्रतिनिधि। चेक बाउंस (एनआई एक्ट धारा 138) के मामलों में बढ़ती लंबितता को कम करने और पक्षकारों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकार पूर्णिया ने विशेष पहल शुरू की है। इसके तहत 18 जुलाई को व्यवहार न्यायालय पूर्णिया में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। इसके माध्यम से समझौता आधारित न्याय को बढ़ावा देने के साथ-साथ पक्षकारों को कम खर्च और कम समय में विवाद समाधान का अवसर मिलेगा। इस पहल से जिले में बड़ी संख्या में लंबित चेक बाउंस मामलों के निपटारे की उम्मीद है। गुरुवार को व्यवहार न्यायालय परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों की एक बैठक की गई। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार अध्यक्ष कन्हैयाजी चौधरी के निर्देश पर यह बैठक हुई। बैठक में मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी रोमी कुमारी एवं की डीएलएसए सचिव सुनील कुमार समेत अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे। इस दौरान सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित एनआई एक्ट के मामलों की पहचान कर पक्षकारों के बीच प्री-लोक अदालत बैठक आयोजित करें। उद्देश्य यह है कि अधिक से अधिक मामलों में समझौता कराकर उन्हें विशेष लोक अदालत में निष्पादित किया जा सके。

Pakur News: एनआई एक्ट मामलों एवं राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारियों को लेकर हुई बैठक

बैठक में एनआई एक्ट से संबंधित लंबित मामलों की समीक्षा की गई तथा विशेष लोक अदालत के माध्यम से अधिकाधिक मामलों के निष्पादन की रणनीति पर चर्चा हुई। वहीं सभी न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने न्यायालयों में लंबित मामलों के पक्षकारों के बीच प्री-सिटिंग आयोजित कर समझौते की संभावनाओं को बढ़ावा दें। इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि चेक बाउंस मामलों में आपसी सहमति से समझौता होने पर पक्षकारों को लंबे मुकदमेबाजी से राहत मिलती है तथा समय और धन दोनों की बचत होती है। इसके लिए अधिक से अधिक पक्षकारों को विशेष लोक अदालत में शामिल होने के लिए प्रेरित करने का निर्णय लिया गया। डीएलएसए सचिव ने बताया कि लोक अदालत वैकल्पिक विवाद निवारण का एक प्रभावी माध्यम है, जहां पक्षकारों की सहमति से मामलों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान किया जाता है। बैठक में अवर न्यायाधीश द्वितीय सह अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय रंजय कुमार, अनुमंडल न्यायिक दण्डाधिकारी रंजना दुबे, न्यायिक दण्डाधिकारी प्रथम श्रेणी राजु कुमार साह, पियूष चावला, अक्षय नारंग, कमलेश कुमार, शिवांग श्रीवास्तव, मो. कामरान, पंकज कुमार तथा न्यायिक दण्डाधिकारी द्वितीय श्रेणी गुफराना नाज, द्विवेदी रूची एवं आशीष देव सहित अन्य न्यायिक पदाधिकारी उपस्थित रहे।

✦18 जुलाई को क्या आयोजन किया जाएगा?

18 जुलाई को व्यवहार न्यायालय पूर्णिया में विशेष लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

✦विशेष लोक अदालत का उद्देश्य क्या है?

विशेष लोक अदालत का उद्देश्य समझौता आधारित न्याय को बढ़ावा देना और विवाद समाधान को त्वरित बनाना है।

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