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अवैध निर्माण पर सख्ती, सर्वे के लिए IIT दिल्ली की टीम

सर्वे के लिए एक विशेष टीम गठित की जाएगी, IIT दिल्ली के सिविल विभाग के दो प्रोफेसर और दो ड्राफ्ट्समैन इसमें शामिल होंगे. कोर्ट ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही सख्त आदेश पारित करेगा और अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करेगा.

9 जुलाई 2026 को 02:57 pm बजे
अवैध निर्माण पर सख्ती, सर्वे के लिए IIT दिल्ली की टीम

सौजन्य से:- ABP News

अवैध निर्माण पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, सर्वे के लिए बनेगी IIT दिल्ली के एक्सपर्ट्स की टीम, अधिकारियों को दी चेतावनी

Delhi-NCR: सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हमें उम्मीद थी कि अधिकारी खुद कार्रवाई करेंगे पर उन्होंने ऐसा नहीं किया. अब हम ऐसा आदेश देंगे जो कई लोगों को चुभेगा. हम अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करेंगे.

दिल्ली-NCR और लखनऊ में बढ़ते अवैध निर्माण और सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है. कोर्ट ने अधिकारियों को चेतावनी दी है कि वह जल्द ही सख्त आदेश पारित करेगा. इस आदेश में उन अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय की जाएगी, जो लापरवाही बरतने के जिम्मेदार हैं.

जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और जस्टिस शील नागू की बेंच ने दिल्ली के साकेत और मालवीय नगर के साथ ही लखनऊ में हुए अग्निकांड का जिक्र किया. बेंच ने कहा, ‘हमें उम्मीद थी कि अधिकारी खुद कार्रवाई करेंगे. उन्होंने ऐसा नहीं किया. अब हम ऐसा आदेश देंगे जो कई लोगों को चुभेगा. हम अधिकारियों की व्यक्तिगत जिम्मेदारी तय करेंगे.’

कोर्ट ने एक्सपर्ट्स की टीम बनाने का दिया निर्देश

कोर्ट ने जमीनी स्थिति का आकलन करने के लिए एक विशेष निरीक्षण टीम के गठन का भी निर्देश दिया है. इस टीम में आईआईटी दिल्ली के सिविल विभाग के दो वरिष्ठ प्रोफेसर और दो ड्राफ्ट्समैन होंगे. दिल्ली नगर निगम के अधिकारी टीम की सहायता करेंगे. शुरू में यह टीम दिल्ली के साकेत, लाजपत नगर और सरोजनी नगर इलाकों का दौरा कर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी.

सुप्रीम कोर्ट ने एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से अनुरोध किया है कि वह इस सर्वे प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए एजेंसियों के बीच समन्वय स्थापित करें. कोर्ट ने लखनऊ के अलीगंज इलाके में भी ऐसा ही सर्वे की बात कही है. अलीगंज में 22 जून को एक कमर्शियल कॉम्प्लेक्स में लगी आग में 15 छात्रों की जान चली गई थी.

अगली सुनवाई पर कोर्ट का अधिकारियों को मौजूद रहने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने उस मीडिया रिपोर्ट का भी संज्ञान लिया, जिसमें गुरुग्राम की लगभग 93 प्रतिशत इमारतों में अनिवार्य अग्नि सुरक्षा मानक लागू न होने का दावा किया गया हैं. कोर्ट ने गुरुग्राम विकास प्राधिकरण के उपाध्यक्ष को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का निर्देश दिया है. साथ ही, अगली सुनवाई में लखनऊ नगर निगम के कमिश्नर को भी हाजिर होने का निर्देश दिया गया है.

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