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सुप्रीम कोर्ट
वसीयत की प्रामाणिकता के लिए प्रमाणक की धार्यता: उच्च न्यायालय की देखरेख में सर्वोत्तम फैसले
सुप्रीम कोर्ट ने अपने एक फैसले में कहा है कि किसी वसीयत की प्रामाणिकता का प्रमाणन करने पर विचार किया नहीं जा सकता है जब तक कि उसके पीछे संदिग्ध परिस्थितियाँ न हों। इस फैसले को सरदारी लाल बनाम बिशन दास एवं अन्य के मामले में सुनाया गया है।

सौजन्य से:- Live Law
संदिग्ध परिस्थितियाँ होने पर प्रमाणन का प्रमाण वसीयत की प्रामाणिकता का प्रमाण नहीं है: सुप्रीम कोर्ट
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