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कानून-व्यवस्था मजबूती के लिए 20 सीआरपीएफ कंपनियां दिल्ली पहुंचीं, विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर

कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध प्रदर्शनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए केंद्र ने सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है।

22 जुलाई 2026 को 09:13 am बजे
कानून-व्यवस्था मजबूती के लिए 20 सीआरपीएफ कंपनियां दिल्ली पहुंचीं, विरोध प्रदर्शनों के मद्देनजर

सौजन्य से:- Navbharat Times

कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शनों में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा मजबूत करने के लिए हवाई मार्ग के जरिए पश्चिम बंगाल से बुलाई गईं सीआरपीएफ की 20 अतिरिक्त कंपनियां। यह कंपनियां कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों में भी तैनात थी। हाल में हुए विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पों को देखते हुए इन कंपनियों की तत्काल तैनाती जरूरी थी।

नई दिल्ली : कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शनों और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्र ने केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल ( सीआरपीएफ ) की 20 अतिरिक्त कंपनियां दिल्ली में तैनात करने का आदेश दिया है। अधिकारियों ने बुधवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि गृह मंत्रालय ने मंगलवार रात इन कंपनियों को राष्ट्रीय राजधानी में तत्काल तैनात करने का आदेश दिया था। इसके बाद केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की इन सभी कंपनियों को पश्चिम बंगाल से विमानों के जरिये दिल्ली लाया जा रहा है।

हवाई मार्ग के जरिए दिल्ली भेजे जा रहे सीआरपीएफ

आधिकारिक सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के विरोध-प्रदर्शनों, विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रदर्शनों और संसद के जारी सत्र के मद्देनजर कानून-व्यवस्था मजबूत करने के लिए केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की कुल 20 कंपनियों को कोलकाता से हवाई मार्ग के जरिए दिल्ली भेजा जा रहा है।

कंपनियों की तत्काल तैनाती जरूरी

उन्होंने कहा कि हाल के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान हिंसक झड़पों की कई घटनाओं को देखते हुए इन कंपनियों की तत्काल तैनाती जरूरी हो गई थी।

पश्चिम बंगाल में चुनावों के लिए तैनात किया गया था

सूत्रों ने बताया कि इन कंपनियों को कुछ महीने पहले पश्चिम बंगाल में हुए विधानसभा चुनावों के लिए तैनात किया गया था और राज्य सरकार के अनुरोध पर उन्हें चुनाव के बाद भी वहीं तैनात रहने को कहा गया था।

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