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मां ने अपने 2 मासूम बच्चों को मारा, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

झारखंड हाईकोर्ट ने एक मामले में मां को उम्रकैद की सजा सुनाई है, जिसमें उसने अपने 2 मासूम बच्चों की हत्या कर दी थी। घटना 13 साल पहले जमशेदपुर में हुई थी।

12 अगस्त 2026 को 02:56 am बजे
मां ने अपने 2 मासूम बच्चों को मारा, कोर्ट ने सुनाई उम्रकैद की सजा

सौजन्य से:- livehindustan.com

2 बच्चों की की कातिल मां पर कोर्ट का बड़ा फैसला, अदालत ने सुनाई उम्रगैद की सजा

13 साल पहले 2 बच्चों की हत्या के मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला सामने आया है। अदालत ने बच्चों की मां को उम्रकैद की सजा सुनाई है।

झारखंड हाईकोर्ट ने जमशेदपुर में साल 2013 में अपने दो मासूम बेटों की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई शमा परवीन की उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है। जस्टिस रोंगोन मुखोपाध्याय और जस्टिस अरुण कुमार राय की खंडपीठ ने शमा परवीन की ओर से दायर क्रिमिनल अपील खारिज कर दी। अदालत ने कहा कि मामले में उपलब्ध परिस्थितिजन्य साक्ष्य आरोपी की संलिप्तता की ओर स्पष्ट रूप से इशारा करते हैं।

कपड़े में लिपटे मिले थे दोनों बच्चों के शव

मामला जमशेदपुर के साकची थाना क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 19 मई 2013 की शाम शमा परवीन अपने चार साल के बेटे कासिफ उमर और दो साल के बेटे शरीफ उमर के साथ मंजूर आलम के घर गई थी। रात में उसके वापस नहीं लौटने पर पति ने उसकी तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चला। अगले दिन सुबह शमा सड़क किनारे बेसुध हालत में मिली। कुछ देर बाद पड़ोसी ने दोनों बच्चों के नाले में पड़े होने की जानकारी दी। दोनों बच्चों के शव कपड़े में लिपटे मिले थे और उनके शरीर पर चोट के निशान थे।

पुलिस की जांच में

क्या मिला था

पुलिस जांच में घटनास्थल से खून के निशान, खून से सना कपड़ा और अन्य सामान बरामद किए गए। जांच अधिकारी के अनुसार शमा के कपड़े और घटनास्थल से बरामद साड़ी के पल्लू में समानता थी। पुलिस ने शमा के कथित स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर खून लगी ब्लेड और चूड़ियां भी बरामद की थीं। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं था और अभियोजन के कई गवाह बाद में अपने बयान से मुकर गए थे।

क्या बोली मां

पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टर ने दोनों बच्चों की मौत जहर के कारण होने की बात कही थी। शरीफ के शरीर पर गर्दन और दोनों हाथों पर कट के निशान मिले थे, जबकि कासिफ के शरीर पर रासायनिक जलने के निशान पाए गए थे। शमा परवीन ने अदालत में हत्या से इनकार किया था। उसका कहना था कि वह बच्चों के साथ मंजूर आलम के घर कर्ज की रकम और गिरवी रखे गहने वापस लेने गई थी। उसके अनुसार मंजूर आलम ने उसके साथ दुर्व्यवहार किया और बच्चों को पेप्सी पिलाने के बाद उनकी हत्या कर दी। हालांकि, हाईकोर्ट ने इस सफाई को स्वीकार नहीं किया।

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मोहम्मद आजम पिछले 3.5 सालों से पत्रकारिता कर रहे हैं और वर्तमान में लाइव हिन्दुस्तान में स्टेट टीम में बतौर कंटेंट प्रोडूसर काम कर रहे हैं।

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