सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, झारखंड के 211 विशेष शिक्षकों को बड़ी राहत
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के 211 संविदा विशेष शिक्षकों को बड़ी राहत दी है, जिसमें सरकार को इनके दावों पर जेटेट पास करने की शर्त बिना विचार करने का निर्देश दिया गया है।

सौजन्य से:- प्रभात खबर
झारखंड के 211 विशेष शिक्षकों को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने कहा बिना जेटेट पास की शर्त पर निर्णय ले सरकार
सुप्रीम कोर्ट.
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड के 211 संविदा विशेष शिक्षकों को बड़ी राहत दी है. कोर्ट ने राज्य सरकार को जेटेट पास करने की शर्त के बिना इन शिक्षकों के दावों पर विचार करने का निर्देश दिया है. यह आदेश शिक्षकों के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है.
सुप्रीम कोर्ट झारखंड विशेष शिक्षक मामला : झारखंड के संविदा पर कार्यरत 211 विशेष शिक्षकों के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश दिया है. जस्टिस दीपांकर दत्ता व जस्टिस शील नागू की पीठ ने राज्य सरकार को इन सभी शिक्षकों के दावों पर जेटेट पास करने की शर्त लगाये बिना विचार करने का निर्देश दिया है. कोर्ट ने अपने पूर्व आदेश सात मार्च 2025 का संदर्भ लेते हुए स्पष्ट किया कि संविदा विशेष शिक्षकों के लिए आवश्यक योग्यता के संदर्भ में आरसीआइ क्वालिफिकेशन महत्वपूर्ण है. इन शिक्षकों के मामलों पर सात मार्च 2025 को दिये गये आदेश के अनुसार विचार किया जाये. राज्य सरकार को इस संबंध में दो महीने के भीतर उचित निर्णय लेने का निर्देश दिया गया है.
211 में सिर्फ 33 को जेटेट के आधार पर योग्य माना गया था
सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड सरकार की ओर से दाखिल एक अगस्त 2026 के हलफनामे का उल्लेख करते हुए कहा कि राज्य में कार्यरत 211 संविदा विशेष शिक्षकों में सिर्फ 33 को जेटेट की योग्यता के आधार पर पात्र पाया गया है. इस पर पीठ का ध्यान वरिष्ठ अधिवक्ता और एमिकस क्यूरी रिषी मल्होत्रा ने सात मार्च 2025 के पूर्व आदेश की ओर दिलाया. पीठ ने पाया कि उस आदेश में संविदा विशेष शिक्षकों के लिए रिहैबिलिटेशन काउंसिल ऑफ इंडिया (आरसीआइ) की योग्यता को अनिवार्य बताया गया था. इसी आधार पर पीठ ने स्पष्ट किया कि 211 शिक्षकों के दावों पर सात मार्च 2025 के आदेश की शर्तों के अनुसार विचार किया जाये और सिर्फ जेटेट पास नहीं होने के आधार पर उन्हें बाहर न किया जाये.
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पीठ ने यह भी किया स्पष्ट
पीठ ने यह भी स्पष्ट किया कि इन 211 शिक्षकों में यदि किसी ने जेएसएससी की परीक्षा दी है, तो उसका भविष्य केवल जेएसएससी परीक्षा के परिणाम से तय नहीं होगा. ऐसे शिक्षकों के मामलों का फैसला सात मार्च 2025 के आदेश के तहत होने वाली प्रक्रिया के आधार पर किया जायेगा. हालांकि राहुल कौशिक की ओर से प्रतिनिधित्व कर रहे आवेदकों के मामले में कोर्ट ने अलग निर्देश दिया है. जिन आवेदकों ने जेएसएससी परीक्षा दी है, उनका भविष्य उस परीक्षा के परिणाम के आधार पर तय किया जायेगा.
बाकी पद कानून के अनुसार भरे जा सकेंगे
पीठ ने कहा कि शेष पदों को कानून के अनुसार भरा जा सकता है. इस मामले में दो अंतरिम आवेदन भी निष्पादित किया गया. आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि झारखंड के 211 संविदा विशेष शिक्षकों के दावों पर राज्य सरकार को अब निर्धारित समय सीमा में निर्णय लेना होगा. इस मामले में झारखंड के अलावा उत्तराखंड, मध्य प्रदेश व दिल्ली से जुड़े संविदा विशेष शिक्षकों के मामले भी सुप्रीम कोर्ट के सामने थे.
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लेखक के बारे में
के द्वारा प्रिया गुप्ता
प्रिया गुप्ता प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं. फिलहाल वह झारखंड से जुड़ी खबरों पर काम करती हैं, जिनमें सरकारी योजनाएं, प्रमुख घटनाएं, सामाजिक मुद्दे और अन्य महत्वपूर्ण विषय शामिल हैं. इससे पहले वह लाइफस्टाइल डेस्क पर फैशन, हेल्थ, रिलेशनशिप, पैरेंटिंग और रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़े विषयों पर लेख लिख चुकी हैं. प्रिया ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय से स्नातक और अमिटी यूनिवर्सिटी से मास्टर डिग्री हासिल की है.
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