होममुकदमे18 जुलाई को मोगा में लोक अदालत: नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट मामलों का त्वरित निपटारा
मुकदमे

18 जुलाई को मोगा में लोक अदालत: नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट मामलों का त्वरित निपटारा

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मोगा जिले और आसपास के आम नागरिकों से अपील की है कि वे अदालतों के चक्कर काटने के बजाय विशेष लोक अदालत में अपने समझौतायोग्य मामलों को रखकर निपटारे का लाभ उठाएं।

9 जुलाई 2026 को 12:57 pm बजे
18 जुलाई को मोगा में लोक अदालत:  नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट मामलों का त्वरित निपटारा

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar

- Hindi News

- Local

- Punjab

- Moga

- Moga Special Lok Adalat: Negotiable Instrument Act Cases Settlement July 18, 2026

मोगा में 18 जुलाई को विशेष लोक अदालत:नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट मामलों का निपटारा, निहाल सिंह वाला व बाघापुराना कोर्ट में आयोजन

- कॉपी लिंक

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) और पंजाब राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के दिशा-निर्देशों के तहत, नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 (जैसे चेक बाउंस आदि) से संबंधित मामलों के त्वरित निपटारे के लिए आगामी 18 जुलाई 2026 को मोगा जिले में एक विशेष लोक अ

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने मोगा जिले और आसपास के आम नागरिकों से पुरजोर अपील की है कि वे अदालतों के चक्कर काटने के बजाय आगे आएं और अपने समझौतायोग्य मामलों को इस विशेष लोक अदालत में रखकर इस कल्याणकारी कानूनी व्यवस्था का अधिक से अधिक लाभ उठाएं।

यह विशेष लोक अदालत जिला मुख्यालय मोगा के साथ-साथ उप-मंडल स्तर पर निहाल सिंह वाला और बाघापुराना की अदालतों में भी एक साथ आयोजित की जाएगी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण मोगा, नीलम अरोड़ा ने इस संबंध में आधिकारिक जानकारी साझा की है। आपसी समझौते से विवादों को सुलझाने पर रहेगा ध्यान

न्यायाधीश नीलम अरोड़ा ने बताया कि इस विशेष लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित नेगोशिएबल इंस्ट्रूमेंट एक्ट, 1881 से संबंधित समझौतायोग्य (Compounded) मामलों की सुनवाई करना और दोनों पक्षों की आपसी सहमति व समझौते के माध्यम से विवादों का हमेशा के लिए समाधान कराना है।

समय और पैसे की बचत, खत्म होगी आपसी कटुता

इस संबंध में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट-सह-सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (मोगा) सिमरन सिंह ने लोक अदालत के फायदों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने कहा कि लोक अदालतों के माध्यम से आम जनता को बहुत कम समय में और बिना किसी मानसिक परेशानी के त्वरित न्याय मिलता है।

इससे न केवल उनके कीमती समय की बचत होती है, बल्कि कानूनी प्रक्रियाओं में होने वाले भारी-भरकम धन के खर्च से भी राहत मिलती है। सिमरन सिंह ने आगे बताया कि लोक अदालत में जब किसी मामले का निपटारा होता है, तो दोनों पक्षों के बीच चल रही पुरानी कड़वाहट और दुश्मनी हमेशा के लिए समाप्त हो जाती है और उनके बीच सौहार्द बढ़ता है।

लोक अदालत के फैसले के बड़े फायदे:

पूरी कोर्ट फीस वापसी: यदि कोई मामला लोक अदालत के माध्यम से सुलझा लिया जाता है, तो कानूनन उस मामले में संबंधित पक्ष द्वारा जमा की गई पूरी कोर्ट फीस (Court Fees) वापस कर दी जाती है।

अंतिम फैसला (कोई अपील नहीं): लोक अदालत के फैसले को दीवानी न्यायालय (Civil Court) की डिक्री के समान कानूनी मान्यता प्राप्त होती है। सबसे बड़ी बात यह है कि इसके फैसले के खिलाफ किसी भी उच्च न्यायालय (High Court) में अपील दर्ज नहीं की जा सकती, जिससे मामला हमेशा के लिए बंद हो जाता है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
बैंकों का विलय नहीं बचाता किराएदार को, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
मुकदमे

बैंकों का विलय नहीं बचाता किराएदार को, सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला

अररिया में चेक बाउंस मामलों के निपटारे को लोक अदालत
मुकदमे

अररिया में चेक बाउंस मामलों के निपटारे को लोक अदालत

सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर दान विवाद में एसआईटी जांच की मांग की सुनवाई से इनकार किया
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने मंदिर दान विवाद में एसआईटी जांच की मांग की सुनवाई से इनकार किया

तमिलनाडु सरकार को तमामदिन मनाने के खिलाफ हाई कोर्ट का नोटिस
मुकदमे

तमिलनाडु सरकार को तमामदिन मनाने के खिलाफ हाई कोर्ट का नोटिस

मैनुअल स्कैवेंजिंग पर बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला
मुकदमे

मैनुअल स्कैवेंजिंग पर बॉम्बे हाई कोर्ट का बड़ा फैसला

भारत में विदेशी मध्यस्थ पुरस्कारों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण आदेश
मुकदमे

भारत में विदेशी मध्यस्थ पुरस्कारों की सुरक्षा के लिए उच्च न्यायालय का महत्वपूर्ण आदेश

एक बेटे की सेवा से दूसरे की जिम्मेदारी नहीं मिटती
मुकदमे

एक बेटे की सेवा से दूसरे की जिम्मेदारी नहीं मिटती

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम एशियाई छात्रों के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा पर सीबीएसई से जवाब मांगा
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट ने पश्चिम एशियाई छात्रों के लिए कंपार्टमेंट परीक्षा पर सीबीएसई से जवाब मांगा

ताज़ा ख़बरें