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फेशियल रिकग्निशन के प्रयोग की सावधानी: मतदाता डेटा सुरक्षा के लिए कानूनी व्यवस्था की मांग

शामली की आजाद अधिकार सेना ने चुनावों में फेशियल रिकग्निशन तकनीक के प्रयोग पर मतदाता डेटा की सुरक्षा की मांग की। पार्टी ने स्पष्ट कानूनी व्यवस्था, तकनीकी विश्वसनीयता और नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा की मांग की।

8 जुलाई 2026 को 08:56 pm बजे
फेशियल रिकग्निशन के प्रयोग की सावधानी: मतदाता डेटा सुरक्षा के लिए कानूनी व्यवस्था की मांग

सौजन्य से:- Hindustan

फेशियल रिकग्निशन तकनीक के प्रयोग पर स्पष्ट कानून और मतदाता डेटा सुरक्षा की मांग

शामली की आजाद अधिकार सेना ने चुनावों में फेशियल रिकग्निशन तकनीक के प्रयोग पर स्पष्ट कानूनी व्यवस्था और मतदाताओं की निजता की सुरक्षा की मांग की है। पार्टी ने ज्ञापन में इस तकनीक की सटीकता, विश्वसनीयता और नागरिकों के व्यक्तिगत डेटा के संग्रह तथा भंडारण के लिए नीति बनाने की भी अपील की।

शामली। आजाद अधिकार सेना की जिला शामली इकाई ने चुनावों में फेशियल रिकग्निशन तकनीक के प्रयोग को लेकर स्पष्ट वैधानिक व्यवस्था, मतदाताओं की निजता और व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा की मांग उठाई है। इस संबंध में पार्टी पदाधिकारियों ने प्रदेश महासचिव उत्तर प्रदेश विनोद गौत्रा के नेतृत्व में राज्यपाल के नाम संबोधित ज्ञापन एसडीएम सदर को सौंपा। ज्ञापन में कहा गया कि चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाने के लिए आधुनिक तकनीक का उपयोग उपयोगी हो सकता है, लेकिन फेशियल रिकग्निशन तकनीक का संबंध सीधे तौर पर नागरिकों की निजता, व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और मतदान के अधिकार से जुड़ा हुआ है।

इसलिए इसके प्रयोग से पहले स्पष्ट कानूनी आधार, तकनीकी विश्वसनीयता और जवाबदेही की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। पार्टी पदाधिकारियों ने मांग की कि फेशियल रिकग्निशन सिस्टम की स्वतंत्र तकनीकी जांच कराई जाए तथा इसकी सटीकता और विश्वसनीयता को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही किसी मतदाता को केवल तकनीकी त्रुटि के आधार पर मतदान से वंचित नहीं किया जाए और ऐसी स्थिति में तत्काल वैकल्पिक सत्यापन व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। ज्ञापन में मतदाताओं के व्यक्तिगत डेटा के संग्रह, भंडारण, उपयोग और समाप्ति को लेकर स्पष्ट नीति सार्वजनिक करने की मांग भी की गई। पार्टी ने कहा कि चुनाव समाप्त होने के बाद एकत्र किए गए डेटा को निर्धारित समय सीमा में नष्ट किया जाना चाहिए तथा मतदाताओं की जानकारी को पुलिस, खुफिया एजेंसियों या अन्य सरकारी एवं निजी संस्थाओं के साथ साझा करने के संबंध में स्पष्ट कानूनी प्रावधान बनाए जाने चाहिए। ज्ञापन सौंपने वालों में जिलाध्यक्ष ओमबीर कश्यप, जिला उपाध्यक्ष अंकित कश्यप, जिला महासचिव युनुस, मुकेश कुमार, संदीप कुमार मौजूद रहे।

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