न्याय की नई दिशा : दिल्ली में 13 विशेष अदालतों का उद्घाटन
दिल्ली में 13 विशेष अदालतों का उद्घाटन किया गया, जो यूएपीए, एनआईए जैसे गंभीर मामलों की सुनवाई में तेजी लाएगी। प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने दिल्ली को न्यायिक सुधारों की प्रयोगशाला बताया और कहा कि समय पर निर्णय सुनाना न्याय का जरूरी हिस्सा है।

सौजन्य से:- Jagran
दिल्ली में 13 विशेष अदालतों का उद्घाटन, CJI सूर्यकांत बोले- न्यायिक सुधारों की प्रयोगशाला रही है राजधानी
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने दिल्ली को न्यायिक सुधारों की प्रयोगशाला बताया, जहां राउज एवेन्यू में 13 विशेष अदालतों का उद्घाटन किया गया। ये अदालतें यू ...और पढ़ें
HighLights
- प्रधान न्यायाधीश ने दिल्ली को न्यायिक सुधारों की प्रयोगशाला बताया।
- राउज एवेन्यू में 13 नई विशेष अदालतों का उद्घाटन किया गया।
- यूएपीए, एनआईए जैसे गंभीर मामलों की सुनवाई में तेजी आएगी।
जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट के प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत ने कहा कि मेरा हमेशा से यह मानना रहा है कि दिल्ली देश में न्यायिक सुधारों के लिए एक प्रयोगशाला रही है। दिल्ली ने अक्सर ऐसे ऐसे सुधारों की शुरुआत की है जिन्होंने पूरे देश में न्याय देने की व्यवस्था को आकार दिया है।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि उत्साह बढ़ाने वाली बात यह है कि दिल्ली ने एक बार फिर संगीन मामलों की सुनवाई व न्याय देने के लिए अहम पहल की है। प्रधान न्यायाधीश ने ये बातें राउज एवेन्यू परिसर के सातवें तल पर 13 विशेष अदालतों का उद्घाटन करते हुए की।
समय पर निर्णय सुनाना न्याय का जरूरी हिस्सा
इस दौरान दिल्ली हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय, पोर्टफोलियाे जजेस कमेटी की चेयरमैन व हाई कोर्ट न्यायाधीश ज्योति सिंह, राउज एवेन्यू प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश भट सहित अन्य मौजूद रहे।
प्रधान न्यायाधीश ने कहा कि समय पर निर्णय सुनाना सिर्फ एक प्रशासनिक मकसद न होकर खुद न्याय का एक जरूरी हिस्सा है। उन्होंने कहा कि समर्पित विशेष अदालतों की स्थापना इन चुनौतियों से व्यवस्थित और स्थायी तरीके से निपटने की कोशिश करती हैं।
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वहीं, मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय ने कहा कि विशेष अदालतों की स्थापना से यूएपीए, एनआइए, मकोका और एनडीपीएस जैसे संगीन मामलों की सुनवाई तेजी से हो सकेगी और न्याय तेजी से मिल सकेगा। इस प्रोजेक्ट को प्राथमिकता के तौर पर शुरू किया गया था और आने वाले दिनों में दिल्ली की जिला अदालतें और सार्थक तरीके से काम कर सकेंगी।
सुप्रीम कोर्ट के सुझाव पर दिल्ली हाई कोर्ट ने एनआइए अधिनियम, यूएपीए और मकाेका अधिनियम के तहत मामलों में तेजी से और तय समय में सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए राउज एवेन्यू में विशेष अदालतों के स्थापना का निर्णय किया।
इसी क्रम में पटियाला हाउस काेर्ट में मौजूदा दो राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआइए) कोर्ट की जगह, अब राउज एवेन्यू में तीन विशेष कोर्ट बनाए गए हैं। अब पटियाला हाउस की दो एनआइए अदालतों में लंबित करीब 55 मामलों को राउज एवेन्यू में स्थापित की तीन अदालतों सुनवाई होगी।
विशेष अदालतों में बराबर बांटें जाएंगे लंबित मामले
इन सभी लंबित मामलों इन तीनों विशेष अदालतों में बराबर-बराबर बांट दिया जाएगा। इसके अलावा यूएपीए और मकोका के मामलों की सुनवाई के लिए भी तीन-तीन विशेष अदालतें होंगीं। वहीं, ड्रग्स तस्करी से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए चार विशेष अदालतें होंगी।
इसके अलावा राउज एवेन्यू में नीट सहित अन्य परीक्षाओं क पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई के लिए 23 जुलाई को दिल्ली हाई कोर्ट ने एक फास्ट ट्रैक कोर्ट का गठन किया गया था। राउज एवेन्यू में ही पूर्व सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों के साथ-साथ सीबीआइ के भ्रष्टाचार व ईडी के मनी लांड्रिंग के मामलों की सुनवाई होती है।
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