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अमेरिका ने भारत को टैरिफ राहत दी, 10 प्रतिशत शुल्क अब लागू नहीं होगा

अमेरिका ने भारत को टैरिफ के मामले में राहत देते हुए 10 प्रतिशत शुल्क वाली श्रेणी में रखा है। सरकार के मुताबिक, जबरन श्रम (Forced Labour) को लेकर भारत-अमेरिका के बीच सकारात्मक बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया है।

24 जुलाई 2026 को 03:13 am बजे
अमेरिका ने भारत को टैरिफ राहत दी, 10 प्रतिशत शुल्क अब लागू नहीं होगा

सौजन्य से:- Jansatta

अमेरिका ने भारत को टैरिफ के मामले में राहत देते हुए 10 प्रतिशत शुल्क वाली श्रेणी में रखा है। इससे पहले भारत को 12.5 प्रतिशत टैरिफ वाले उच्च श्रेणी में शामिल किए जाने पर विचार किया जा रहा था। अधिकारियों के मुताबिक, श्रम मानकों (लेबर प्रैक्टिसेज) को लेकर भारत-अमेरिका के बीच हुई सकारात्मक बातचीत के बाद यह फैसला लिया गया।

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने गुरुवार को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के निर्देश पर 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं के लिए 10 से 12.5 प्रतिशत तक के टैरिफ की घोषणा की। USTR का कहना है कि यह कदम उन देशों के खिलाफ उठाया गया है जिन्होंने जबरन श्रम (Forced Labour) से बने उत्पादों के आयात पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाए हैं।

भारत उन 17 देशों में शामिल है जिन्हें 10 प्रतिशत की कम टैरिफ दर वाली श्रेणी में रखा गया है। इस सूची में ब्रिटेन, कनाडा, इंडोनेशिया, बांग्लादेश और मेक्सिको जैसे देश भी शामिल हैं।

USTR के अनुसार, 10 प्रतिशत टैरिफ उन देशों पर लागू होगा जो या तो जबरन श्रम से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध लगा चुके हैं या किसी पारस्परिक व्यापार समझौते (Reciprocal Trade Agreement) के तहत ऐसा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं या फिर जहां इस तरह के आयात पर पहले से आंशिक प्रतिबंध लागू है।

USTR की सूची में अर्जेंटीना, बांग्लादेश, कंबोडिया, कनाडा, इक्वाडोर, अल साल्वाडोर, ग्वाटेमाला, होंडुरास, भारत, इंडोनेशिया, जॉर्डन, मलेशिया, मेक्सिको, पाकिस्तान, श्रीलंका, त्रिनिदाद और टोबैगो तथा यूनाइटेड किंगडम को 10 प्रतिशत टैरिफ श्रेणी में रखा गया है।

अमेरिका ने इस फैसले पर क्या कहा?

अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) के राजदूत जेमीसन ग्रीर ने कहा कि दशकों तक नैतिक दबाव बनाने के बावजूद वैश्विक सप्लाई चेन से जबरन श्रम (Forced Labour) खत्म नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने लंबे समय पहले ही ऐसे उत्पादों के आयात पर प्रतिबंध लगा दिया था और अब समय आ गया है कि उसके व्यापारिक साझेदार देश भी ऐसे ही कदम उठाएं।

ग्रीर ने उन देशों की भी सराहना की जिन्होंने जल्द कार्रवाई करते हुए जबरन श्रम से बने सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में कदम उठाए हैं।

किन देशों पर लगा ज्यादा टैरिफ?

USTR के बयान के अनुसार, यूरोपीय संघ (EU), ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया और स्विट्जरलैंड से आने वाले उत्पादों पर पहले से लागू शुल्क के अलावा 10 या 12.5 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगाया जाएगा। वहीं जांच के दायरे में आए अन्य सभी देशों पर 12.5 प्रतिशत का पूरा टैरिफ लागू होगा। यह नया शुल्क शुक्रवार से प्रभावी हो जाएगा।

जांच के बाद लिया गया फैसला

USTR ने बताया कि उसने मार्च में ट्रेड एक्ट, 1974 की धारा 301 के तहत 60 देशों और अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ जांच शुरू की थी। इसके बाद 45 से अधिक देशों की सरकारों के साथ बातचीत की गई और सार्वजनिक सुनवाई भी आयोजित की गई। एजेंसी ने कहा कि अंतिम फैसला लेने से पहले 1600 से ज्यादा लिखित सुझावों और टिप्पणियों की समीक्षा की गई।

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उठाया कदम

यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि आपातकालीन शक्तियों के तहत लगाए गए कई टैरिफ कानूनी रूप से वैध नहीं थे। इसके बाद ट्रंप प्रशासन ने अपनी व्यापार नीति लागू करने के लिए अन्य कानूनी रास्तों का सहारा लिया।

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