वक्फ मुकदमों में कोर्ट फीस पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला, नोटिस जारी
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है, जिसमें कोर्ट फीस न भरने के कारण वक्फ मुकदमों को खारिज करने के फैसले को सही ठहराया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब मांगा है।

सौजन्य से:- Jagran
सुप्रीम कोर्ट का वक्फ मुकदमों में कोर्ट फीस मामले पर नोटिस, छह सप्ताह में मांगा जवाब
सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के उस आदेश के खिलाफ याचिका पर सुनवाई करने की सहमति दी है, जिसमें कोर्ट फीस न भरने के कारण वक्फ मुकदमों को खारिज करने ...और पढ़ें
डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने गुजरात हाई कोर्ट के उस आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करने के लिए सहमति जताई है, जिसमें कोर्ट फीस न भरने के कारण वक्फ मुकदमों को खारिज करने के फैसले को सही ठहराया गया था।
हाई कोर्ट ने इस साल जनवरी में यह आदेश अपने दिसंबर 2025 के उस फ़ैसले के आधार पर दिया, जिसमें कहा गया था कि वक्फ़ संस्थानों को राज्य वक्फ न्यायाधीकरण के समक्ष अदालती शुल्क भरने से छूट नहीं है।
अहमदाबाद सुन्नी मुस्लिम वक्फ कमेटी की ओर से सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका पर जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस विजय बिश्नोई की पीठ के समक्ष सुनवाई हुई। इस मामले में सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी करते हुए छह सप्ताह में जवाब मांगा है।
पीठ ने सात अगस्त को जारी अपने आदेश में कहा, नोटिस जारी करें, जिसका जवाब छह हफ्ते में दिया जाए।समिति ने वकील एजाज मकबूल के जरिये सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में कहा है कि हाई कोर्ट इस बात पर विचार करने में नाकाम रहा है कि न तो वक्फ अधिनियम और न ही नियमों में अदालती शुल्क के भुगतान का कोई प्रविधान है।
हाई कोर्ट ने 17 दिसंबर 2025 को वक्फ संस्थानों की उन याचिकाओं को खारिज कर दिया, जिनमें गुजरात राज्य वक्फ न्यायाधिकरण के उस आदेश को चुनौती दी गई थी, जिसके तहत अपर्याप्त अदालती शुल्क के कारण वक्फ संपत्तियों से जुड़े विवादों की कार्यवाही को खारिज कर दिया गया था।
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इसके खिलाफ वक्फ संस्थाओं ने गुजरात हाई कोर्ट का रुख किया था। हाई कोर्ट ने इन याचिकाओं को खारिज करते हुए कहा था कि वक्फ संस्थाओं को वक्फ अधिनियम की धारा 83 के तहत राज्य वक्फ ट्रिब्यूनल में मामला दायर करने के लिए कोर्ट फीस से पूरी तरह छूट नहीं है।
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