नैनीताल में भू कानून का उल्लंघन: 6 हेक्टेयर से अधिक भूमि जब्त
नैनीताल में जिला प्रशासन ने सख्त भू कानून के तहत 14 मामलों में 6.088 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई भू कानून के उल्लंघन पर सख्त संदेश के रूप में देखी जा रही है। जब्त की गई भूमि का उपयोग जनहित के लिए किया जाएगा।

सौजन्य से:- जागरण
नैनीताल में धामी सरकार के सख्त भू कानून पर बड़ा एक्शन, 6 हेक्टेयर से अधिक भूमि जब्त
नैनीताल में डीएम ललित मोहन रयाल ने सख्त भू कानून के तहत 14 मामलों में 6.088 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने का आदेश दिया है। ...और पढ़ें
मुख्य बातें
- डीएम ने 14 मामलों में 6.088 हेक्टेयर भूमि जब्त की
- भू कानून के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई की गई
- जब्त भूमि का उपयोग जनहित के लिए होगा
जागरण संवाददाता, नैनीताल। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सरकार की ओर से बनाए सख्त भू कानून के तहत नैनीताल जिले में जिला प्रशासन की ओर से ताबड़तोड़ एक्शन किया जा रहा है।
डीएम ललित मोहन रयाल ने भू कानून के उल्लंघन के 14 मामलों में अब तक कुल 6.088 हेक्टेयर (लगभग 304 नाली) भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश जारी किए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई को भू कानून के उल्लंघन पर सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है। साथ ही जिले के पर्वतीय क्षेत्रों में रसूखदारों-धन्नासेठों के भूमि की खरीद फरोख्त व फजीवाड़ा पर अंकुश लगा है।
6.088 हेक्टेयर भूमि राज्य सरकार में निहित करने के आदेश
जिला मजिस्ट्रेअ की कोर्ट ने मामलों की सुनवाई के दौरान पाया कि जिले में विभिन्न प्रकार से भू कानून का उल्लंघन किया गया है। जांच में निष्कर्ष निकला कि धन्नासेठों व रसूखदारों ने बागवानी के मकसद से खरीदी गई भूमि का निर्धारित प्रयोजन के लिए उपयोग नहीं किया गया। ऐसे भी मामले पाए गए, जिसमें एक ही परिवार के अलग-अलग सदस्यों के नाम पर नियमों के विपरीत निर्धारित सीमा से अधिक भूमि का क्रय किया गया। कृषि प्रयोजन के लिए आवंटित भूमि पर व्यावसायिक गतिविधियां संचालित होती मिलीं।
अनुसूचित जाति (एससी) की भूमि का नियमों के विपरीत सामान्य वर्ग के व्यक्तियों को विक्रय तथा आवासीय प्रयोजन के लिए स्वीकृत भूमि का व्यावसायिक उपयोग किए जाने के मामले भी सामने आए।
इन मामलों में भू कानून का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित भूमि को राज्य सरकार में निहित करने की कार्रवाई की गई है। डीएम के अनुसार भविष्य में इन भूमि का उपयोग जनहित एवं सार्वजनिक प्रयोजनों के लिए किया जाएगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की मंशा भूमि के क्रय-विक्रय को पूरी तरह निष्पक्ष, पारदर्शी और कानूनसम्मत बनाना है। स्पष्ट किया कि भू कानून का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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