व्हाइट हाउस बॉलरूम प्रोजेक्ट पर लगी रोक, ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपील करने की चेतावनी दी
अमेरिकी अदालत ने ट्रंप के पसंदीदा 400 मिलियन डॉलर के व्हाइट हाउस बॉलरूम निर्माण प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है। अदालत ने कहा है कि व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को ध्वस्त करने के बाद 90,000 वर्ग फुट का बॉलरूम बनाना कांग्रेस का विषय है, नहीं कि राष्ट्रपति का।

सौजन्य से:- जागरण
ट्रंप को झटका, अमेरिकी अदालत ने व्हाइट हाउस बॉलरूम प्रोजेक्ट पर लगाई रोक; 400 मिलियन डॉलर का प्रोजेक्ट अटका
अमेरिका की एक अदालत ने ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने ट्रंप के पसंदीदा 400 मिलियन डॉलर के व्हाइट हाउस बॉलरूम निर्माण प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है। ...और पढ़ें
मुख्य बातें
- अदालत ने अपने फैसले पर दो सप्ताह की रोक भी लगाई है
- ट्रंप प्रशासन अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगा
डिजिटल डेस्क, वाशिंगटन। अमेरिका की एक अदालत ने ट्रंप को बड़ा झटका दिया है। अदालत ने ट्रंप के पसंदीदा 400 मिलियन डॉलर के व्हाइट हाउस बॉलरूम निर्माण प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है। तीन जजों की पीठ ने 2-1 के फैसले में ऐतिहासिक संरक्षणवादियों के पक्ष में फैसला सुनाया, जिन्होंने निर्माण रोकने के लिए मुकदमा दायर किया था।
अदालत ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप के पास एकतरफा अधिकार नहीं है कि वे व्हाइट हाउस के ईस्ट विंग को ध्वस्त करने के बाद 90,000 वर्ग फुट (लगभग 8,400 वर्ग मीटर) का बॉलरूम बना सकें।
फैसले में कहा गया कि क्या विशाल बॉलरूम बनाया जाना चाहिए या नहीं, यह कांग्रेस तय करेगी। यह कार्यकारी स्व-सहायता का विषय नहीं है।
अदालत ने अपने फैसले पर दो सप्ताह की रोक भी लगाई है, ताकि प्रशासन सुप्रीम कोर्ट में अपील कर सके।
यह फैसला जिला न्यायाधीश रिचर्ड लियोन के 16 अप्रैल के आदेश को बरकरार रखता है, जिसमें जमीन के ऊपर के निर्माण पर रोक लगाई गई थी। हालांकि, जमीन के नीचे सुरक्षा सुविधाओं (बंकर और अन्य राष्ट्रीय सुरक्षा संरचनाओं) का निर्माण जारी रह सकता है।
ट्रंप ने पहले जिला न्यायाधीश के फैसले की आलोचना करते हुए उन्हें ट्रंप-विरोधी बताया था और कहा था कि वे अमेरिका को महान बनने में बाधा बन रहे हैं।
नेशनल ट्रस्ट फॉर हिस्टोरिक प्रिजर्वेशन ने दिसंबर 2025 में इस प्रोजेक्ट के खिलाफ मुकदमा दायर किया था। यह व्हाइट हाउस में 70 साल से अधिक समय में सबसे बड़ा संरचनात्मक बदलाव माना जा रहा है।
सरकार का तर्क है कि इसमें ड्रोन, बैलिस्टिक मिसाइल और जैव-खतरों से सुरक्षा के लिए जरूरी सुविधाएं शामिल हैं, जबकि संरक्षणवादी कहते हैं कि बॉलरूम की कमी कोई राष्ट्रीय सुरक्षा आपात स्थिति नहीं है।
न्याय 247 न्यूज़ द्वारा प्रस्तुत
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