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सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के आदेश को पलटा, अमेरिका में जन्मे बच्चों को मिलेगी नागरिकता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने उनके आदेश को अवैध करार दिया, जिसके तहत अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले बच्चों की नागरिकता को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा था. अब अमेरिका में जन्मे बच्चों को नागरिकता मिलेगी.

30 जून 2026 को 04:25 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप के आदेश को पलटा, अमेरिका में जन्मे बच्चों को मिलेगी नागरिकता

सौजन्य से:- Prabhat Khabar

सुप्रीम कोर्ट ने पलटा डोनाल्ड ट्रंप का फैसला; अमेरिका में जन्मे बच्चों को मिलती रहेगी नागरिकता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप, फोटो पीटीआई

Supreme Court vs Donald Trump: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सुप्रीम कोर्ट से झटका लगा है. कोर्ट ने ट्रंप प्रशासन के एक और प्रमुख नीति पर पानी फेर दिया है. सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को ट्रंप प्रशासन के उस फैसले को अवैध करार दिया, जिसके तहत अमेरिकी धरती पर जन्म लेने वाले बच्चों की नागरिकता को सीमित करने का प्रयास किया जा रहा था.

Supreme Court vs Donald Trump: मामले की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने 6 बनाम 3 के बहुमत से निचली अदालत के उस फैसले को सही ठहराया, जिसने ट्रंप के कार्यकारी आदेश पर रोक लगाई थी. ट्रंप के आदेश में कहा गया था कि यदि किसी बच्चे के माता-पिता अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक (वैध निवासी) नहीं हैं, तो अमेरिका में पैदा होने के बावजूद बच्चे को वहां की नागरिकता नहीं मिलेगी. कोर्ट ने साफ किया कि संविधान का 14वां संशोधन देश में जनमे हर व्यक्ति को बराबरी का हक देता है.

ट्रंप को साल का दूसरा झटका

ट्रंप प्रशासन को 2026 में कोर्ट से दूसरा झटका लगा है. इससे पहले फरवरी महीने में भी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप सरकार द्वारा लगाए गए ‘ग्लोबल टैरिफ’ को रद्द कर दिया था. अब नागरिकता के मुद्दे पर ट्रंप को झटका लगा है.

सामूहिक याचिका से शुरू हुई कानूनी जंग

ट्रंप प्रशासन के इस मनमाने निर्देश के खिलाफ न्यू हैम्पशायर की एक अदालत में सामूहिक याचिका दायर की गई थी. यह मुकदमा उन माता-पिता और बच्चों की तरफ से दायर किया गया था, जिनकी अमेरिकी नागरिकता पर इस आदेश के कारण सीधे तौर पर तलवार लटक गई थी.

क्या कहता है अमेरिकी संविधान का ‘सिटीजनशिप क्लॉज’?

अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन के ‘नागरिकता खंड’ (Citizenship Clause) में स्पष्ट लिखा है: “संयुक्त राज्य अमेरिका में पैदा हुए या प्राकृतिक रूप से नागरिक बने और उसके अधिकार क्षेत्र के अधीन आने वाले सभी व्यक्ति, संयुक्त राज्य अमेरिका और उस राज्य के नागरिक हैं जहां वे निवास करते हैं.

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By ArbindKumar Mishra

अरबिंद कुमार मिश्रा वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल में एक अनुभवी पत्रकार के रूप में कार्यरत हैं. अप्रैल 2011 से संस्थान का हिस्सा रहे अरबिंद के पास पत्रकारिता के क्षेत्र में बतौर रिपोर्टर और डेस्क एडिटर 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. वर्तमान में वह नेशनल और इंटरनेशनल डेस्क की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं. विशेषज्ञता और अनुभव अरबिंद की लेखनी में खबरों की गहराई और स्पष्टता है. उनकी मुख्य विशेषज्ञता इन क्षेत्रों में है. राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मामले: वैश्विक राजनीति और देश की बड़ी घटनाओं पर पैनी नजर. खेल पत्रकारिता: झारखंड में आयोजित 34वें नेशनल गेम्स से लेकर JSCA स्टेडियम में हुए कई अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों की ग्राउंड रिपोर्टिंग का अनुभव. झारखंड की संस्कृति: राज्य की कला, संस्कृति और जनजातीय समुदायों की समस्याओं और उनकी जीवनशैली पर विशेष स्टोरीज. पंचायतनामा: ग्रामीण विकास और जमीनी मुद्दों पर 'पंचायतनामा' के लिए विशेष ग्राउंड रिपोर्टिंग. करियर का सफर प्रभात खबर डिजिटल से अपने करियर की शुरुआत करने वाले अरबिंद ने पत्रकारिता के हर आयाम को बखूबी जिया है. डिजिटल मीडिया की बारीकियों को समझने से पहले उन्होंने आकाशवाणी (All India Radio) और दूरदर्शन जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में एंकरिंग के जरिए अपनी आवाज और व्यक्तित्व की छाप छोड़ी है. शिक्षा और योग्यता UGC NET: अरबिंद मिश्रा ने यूजीसी नेट (UGC NET) उत्तीर्ण की है. मास्टर्स (MA): रांची यूनिवर्सिटी के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग से एमए की डिग्री. ग्रेजुएशन: रांची यूनिवर्सिटी से ही मास कम्युनिकेशन एंड जर्नलिज्म में स्नातक.

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