संविधान
सुप्रीम कोर्ट का एसआईआर फैसला आलोचना के प्रति संकेतक
सुप्रीम कोर्ट ने एसआईआर को बरकरार रखा, इसे अनुच्छेद 324 और आरपीए की धारा 21(3) के तहत संवैधानिक रूप से वैध बताया। यह फैसला बहिष्करण जोखिम और जवाबदेही के मुद्दों पर संवेदनशील रहता दिखता है।

सौजन्य से:- Deccan Herald
27 मई को दिए गए अपने फैसले में, भारत के मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की सर्वोच्च न्यायालय की दो-न्यायाधीश पीठ ने सर्वसम्मति से एसआईआर को बरकरार रखा, इसे अनुच्छेद 324 और जन प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 (आरपीए) की धारा 21(3) के तहत संवैधानिक रूप से वैध ठहराया।
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