सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को सरेंडर या गुण-दोष पर विचार का दो विकल्प दिए
समय कम होने के कारण सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को सरेंडर करने या मामले के गुण-दोष पर विचार करके आदेश देने के दो विकल्प दिए हैं। सोनम रघुवंशी पर अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है।

सौजन्य से:- Jagran
'सरेंडर कर दो या फिर...', सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी को दिए दो ऑप्शन
राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। अदालत ने सोनम को दो विकल्प दिए: या तो सरेंडर करें या मामल ...और पढ़ें
समय कम है?
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डिजिटल डेस्क, नई दिल्ली। राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत को लेकर देश की शीर्ष अदालत में सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत ने सोनम रघुवंशी को दो विकल्प दिए। अदालत ने कहा कि या तो आप सरेंडर कर दें या फिर मामले के गुण-दोष पर विचार करके आदेश देंगे।
मामले की सुनवाई जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस पीबी वराले की बेंच के सामने हुई। अदालत मेघालय सरकार की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ अपील की गई थी।
सोनम के सामने दो विकल्प
सुनवाई के दौरान कोर्ट ने सुझाव दिया कि जब तक ट्रायल कोर्ट अभियोजन पक्ष के मुख्य गवाहों के बयान दर्ज कर रहा है, तब तक सोनम रघुवंशी को सरेंडर कर देना चाहिए। अदालत ने कहा, 'दो विकल्प हैं। या तो हम मामले के गुण-दोष पर विचार करके आदेश देंगे। या फिर हम आदेश देंगे कि जब तक गवाहों से पूछताछ पूरी नहीं हो जाती, तब तक आप सरेंडर कर दें और उसके बाद हम मामले के गुण-दोष पर विचार करेंगे।'
सोनम के वकील ने अदालत के सामने बताया कि ट्रायल कोर्ट ने उन पर कड़ी शर्तें लगाई थीं। इसमें उन्हें शिलॉन्ग में रहना था और हर दिन कार्यवाही में शामिल होना था। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हम दोनों पक्षों के साथ निष्पक्ष रहना चाहते हैं। हम इन सभी बातों पर विचार करेंगे। एक स्पष्ट रुख अपनाएं। हम देखेंगे।
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कोर्ट ने दी थी जमानत
सोनम पर मई 2025 में ईस्ट खासी हिल्स में हनीमून के दौरान अपने पति राजा रघुवंशी की हत्या का आरोप है। जून 2025 में उन्हें गिरफ्तार किया गया था। अप्रैल 2026 में ईस्ट खासी हिल्स की डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने सोनम को बेल दे दी थी।
मेघालय सरकार ने इस मामले को हाई कोर्ट में चुनौती दी थई। लेकिन 29 जून 2026 को मेघालय हाई कोर्ट ने भी जमानत को बरकरार रखा। इसके बाद राज्य सरकार सुप्रीम कोर्ट पहुंची है।
सोनम की जमानत का विरोध करते हुए मेघालय सरकार की ओर से पेश भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने तर्क दिया कि सोनम ने स्वेच्छा से पुलिस के सामने सरेंडर किया था और बाद में वह इस आधार पर अपनी गिरफ्तारी को चुनौती नहीं दे सकतीं कि गिरफ्तारी के आधार नहीं बताए गए थे।
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