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वक्फ बोर्ड को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी वाला आदेश हटाया

सुप्रीम कोर्ट ने वाराणसी हाईकोर्ट के सिर्फ एक आदेश को क्यों हटाया, जिसमें केरल प्रदेश वक्फ बोर्ड को कोरोना संक्रमण के संकट में दी गई सरकार की राहत योजनाओं से अलग रखा है। बोर्ड केवल 6 सामान्य सदस्यों पर ही इस बार चुनाव हुए थे, लेकिन हाई कोर्ट का कहना है कि इसमें आधी रात से चुनाव कराना जायज नहीं था। इसीलिए हाईकोर्ट ने 12 जून को कहा था कि बोर्ड के 6 सामान्य सदस्यों की उम्र है कि वे 65 साल के होंगे।

21 जुलाई 2026 को 11:13 am बजे
वक्फ बोर्ड को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने निगरानी वाला आदेश हटाया

सौजन्य से:- Navbharat Times

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड पर सरकारी निगरानी वाले केरल हाई कोर्ट के एक आदेश को हटा दिया है। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के पूरे आदेश पर रोक नहीं लगाई है।

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को केरल राज्य वक्फ बोर्ड के सरकारी अधिकारी की निगरानी में काम करने के केरल हाई कोर्ट का निर्देश हटा दिया है। हाई कोर्ट का आदेश था कि वक्फ बोर्ड केरल सरकार के संयुक्त सचिव या अतिरिक्त सचिव की निगरानी में काम करेगा। हालांकि, सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई के आदेश के बाकी हिस्से पर कोई रोक नहीं लगाई है।

सुप्रीम कोर्ट ने वक्फ बोर्ड की अपील पर यह आदेश जारी किया है। केरल हाई कोर्ट ने बोर्ड पर दो गैर-मुस्लिम सदस्यों की अनुपस्थिति में किसी भी बड़े नीतिगत और खर्चा संबंधी फैसला लेने पर रोक लगा दी थी। लाइवलॉ के अनुसार सीजेआई सूर्यकांत की अगुवाई वाली बेंच ने इसके साथ ही केरल हाई कोर्ट से कहा है कि वह इस मामले में सभी पक्षों को सुनकर जल्द फैसला सुनाए।

'निगरानी में काम करने का निर्देश हटाया'

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की अदालत ने आदेश दिया, '..पैरा 6 के तहत बोर्ड को कोई भी पूंजीगत खर्च आदि नहीं करने का निर्देश दिया गया है...। हम इस बात से सहमत हैं कि आदेश के पैरा 6 की अंतिम लाइन को रखने की कोई आवश्यकता नहीं है। इसलिए यह निर्देश कि बोर्ड सरकार के संयुक्त सचिव या अतिरिक्त सचिव की निगरानी में काम करेगा, हटाया जाता है। संयुक्त सचिव या अतिरिक्त सचिव बोर्ड के सदस्य के तौर पर काम करते रहेंगे।' अदालत ने आगे कहा-

हाई कोर्ट के सामने कल मामला आ रहा है। हमारा निर्णय है कि हाई कोर्ट सभी पार्टियों को निष्पक्ष सुनवाई का मौका देने के बाद मामले पर जल्द फैसला करे।

सुप्रीम कोर्ट

केरल सरकार ने कहा अभी दखल जरूरी नहीं

सुनवाई के दौरान सीनियर वकील जयदीप गुप्ता केरल सरकार की ओर से पेश हुए।

उन्होंने कहा कि हाई कोर्ट का आदेश अंतरिम था और इस अवस्था में इसमें सुप्रीम कोर्ट की दखल की जरूरत नहीं थी।

इसपर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की कि इस कारण से बोर्ड को पंगु बनाकर क्या रखा जाए।

बोर्ड की शिकायत थी, काम नहीं कर पा रहे

इससे पहले 17 जुलाई को वरिष्ठ वकील वी चितांबारेश ने सुप्रीम कोर्ट से इस मामले पर तुरंत सुनवाई की मांग करते हुए कहा था कि दूसरी पार्टी को बिना नोटिस दिए एक अंतरिम आदेश की वजह से बोर्ड लगभग बेकार हो गया है।

उन्होंने सर्वोच्च अदालत को यह भी बताया कि एक ऐसे ही मामले में सुप्रीम कोर्ट ने तमिलनाडु वक्फ बोर्ड को अंतरिम राहत दी थी।

लेखक के बारे मेंअंजन कुमारअंजन कुमार, नवभारत टाइम्स ऑनलाइन में असिस्टेंट एडिटर हैं और पिछले 24 साल से भी ज्यादा समय से पत्रकारिता कर रहे हैं। अंजन अप्रैल 2025 में नवभारत टाइम्स ऑनलाइन से जुड़े और बीते 10 वर्षों से डिजिटल मीडिया में राजनीति,चुनाव, जुडिशरी, डिफेंस, विदेश,करेंट अफेयर्स और बिजनेस जैसे विषयों पर लिख रहे हैं। डिजिटल मीडिया से जुड़ने के शुरुआती वर्षों में ये देश की एक टॉप लीडरशिप के आधिकारिक और राजनीतिक भाषणों और उनके पुस्तकों के संपादन कार्यों में भी योगदान दे चुके हैं। इन्होंने करियर का आरंभ टेलीविजन पत्रकारिता से किया और 14 वर्षों तक विभिन्न टीवी न्यूज चैनलों में सेवाएं दीं। इस कार्यकाल में इन्होंने सहारा समय नेशनल न्यूज चैनल पर 2006 में कन्या भ्रूण हत्या पर किए गए एक ऐतिहासिक स्टिंग ऑपरेशन पर बने'कोख में कत्ल' प्रोग्राम सीरीज को प्रोड्यूस किया, जो उन दिनों भारतीय संसद में भी छाया रहा। यहीं पर इन्होंने अगले ही साल पश्चिम बंगाल के नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े कार्यक्रमों पर न्यूज सीरीज बनाए, जिसकी देश की मीडिया में काफी चर्चा हुई। आगे के वर्षों में इसी चैनल पर 'मुर्दा, मवेशी, माफिया' प्रोग्राम सीरिज को भी पेश किया, जो दिल्ली-एनसीआर में मरे हुए मवेशियों का मांस बेचने वाली माफिया के खतरनाक स्टिंग ऑपरेशन पर आधारित था। ये 2002 के गुजरात विधानसभा चुनाव और 2004 के आम चुनावों से लेकर 2024 के आम चुनावों और 2025 के बिहार विधानसभा चुनाव तक को टीवी और डिजिटल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफॉर्म के लिए कवर कर चुके हैं।... और पढ़ें

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