कांग्रेस ने ओबीसी के लिए एससी‑एसटि मॉडल सुरक्षा कानून की माँग की, लखनऊ में प्रदर्शन
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग कार्यकर्ता जनगणना‑2027 में ओबीसी के लिए अलग कॉलम और ओबीसी उत्पीड़न रोकने के लिए विशिष्ट कानून की मांग लेकर लखनऊ के जनभवन का घेराव कर रहे हैं। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा, जबकि पार्टी के नेताओं ने कहा कि यदि सरकार इन माँगों को नहीं मानती तो पूरे राज्य में बड़े स्तर पर आंदोलन होंगे।

सौजन्य से:- ABP News
SC/ST तर्ज पर बने OBC अत्याचार निवारण कानून, कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
सोमवार को लखनऊ में उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ताओं ने ओबीसी आरक्षण और एससी एसटी एक्ट की तर्ज पर ओबीसी अत्याचार निवारण क़ानून बनाने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया.
उत्तर प्रदेश कांग्रेस के पिछड़ा वर्ग विभाग के कार्यकर्ताओं ने सोमवार को जनभवन का घेराव किया. कार्यकर्ता जनगणना-2027 में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने और पिछड़े वर्ग की जातियों की सुरक्षा के लिए एससी-एसटी एक्ट की तर्ज पर ओबीसी अत्याचार निवारण कानून बनाने की मांग कर रहे थे. इस दौरान उनकी पुलिस से नोंकझोक भी हुई. जिसके बाद कार्यकताओं को पुलिस ने हिरासत में लेकर इको गार्डन भेज दिया.
जातिगत जनगणना सही गिनती होना जरूरी
ओबीसी कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष मनोज यादव ने कहा कि कांग्रेस लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग उठा रही है. बीजेपी ने लोकसभा चुनाव से पहले ओबीसी की गिनती का वादा किया था, लेकिन अब वो अपना वादा भूल गई है. ओबीसी समाज की सुरक्षा के लिए एससी-एसटी एक्ट की तरह अलग कानून बनाया जाना चाहिए.
मांगें नहीं मानी तो प्रदेशभर में होगा आंदोलन
कांग्रेस नेता देवेंद्र निषाद ने कहा कि अब ओबीसी समाज को एकजुट होने की जरूरत है. कांग्रेस नेता हीरा ठाकुर ने कहा कि जनगणना होना जरूरी है और इसमें ओबीसी कॉलम शामिल होने भी जरूरी है. ताकि जनगणना के बाद समाज की वास्तविक स्थिति का पता लग सके.
उन्होंने आरोप लगाया कि ओबीसी वर्ग के लोगों को उनकी आबादी के अनुपात में अधिकार और प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा है. इस वर्ग को भी आरक्षण, सरकारी संस्थानों में नौकरी और देश के संसाधनों में हिस्सेदारी मिलनी चाहिए. कांग्रेस नेता ने कहा कि उनका संगठन लंबे समय से जातिगत जनगणना की मांग को लेकर पदयात्रा और सम्मेलन कर रहा है.
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी इन मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो अभी सिर्फ लखनऊ में प्रदर्शन हुआ है. आने वाले समय में उत्तर प्रदेश के सभी जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता अपनी इस मांग को उठाते हुए जोरदार प्रदर्शन करेंगे. 2027 विधानसभा चुनाव में अपनी ताकत भी दिखाने का काम करेंगे.
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