होम›मुकदमे›सुप्रीम कोर्ट की बेंच पर CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग, दो रिट याचिकाओं की सुनवाई
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट की बेंच पर CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग, दो रिट याचिकाओं की सुनवाई

मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बेंच ने सोमवार को CEC ज्ञानेश कुमार के विरुद्ध दायर दो रिट याचिकाओं की सुनवाई करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ताओं ने अंतरिम राहत के तौर पर उनके निलंबन, 14 विशेष तीव्र पुनरावलोकन (SIR) फैसलों को रद्द करने और एक स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग की स्थापना की मांग की है।

4 अक्टूबर 2026 को 05:05 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट की बेंच पर CEC ज्ञानेश कुमार के निलंबन की मांग, दो रिट याचिकाओं की सुनवाई

सौजन्य से:- Hindustan

CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कल सुप्रीम कोर्ट में होगी सुनवाई, CJI सूर्यकांत की बेंच के सामने मामला

सुप्रीम कोर्ट में कल मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ सुनवाई होगी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बेंच इन याचिकाओं पर सुनवाई करेगी। याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के तौर पर ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की है।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर चल रहे विवाद के बीच सुप्रीम कोर्ट से एक अहम सूचना सामने आई है। सुप्रीम कोर्ट में कल यानी सोमवार को CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ लगी दो रिट याचिकाओं की सुनवाई की जाएगी। मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की बेंच इस मामले पर सुनवाई करेगी। यह दोनों याचिकाएं खोजी रिपोर्ट के आधार पर आई हैं। इसमें स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) से जुड़े उन 14 फैसलों को रद्द करने की बात कही गई है, जिसको लेकर दावा है कि उनमें दो चुनाव आयुक्त की सहमति नहीं थी।

सोमवार को इस मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना करेंगे।

लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक, एक याचिकाकर्ता ने भारतीय निर्वाचन आयोगी की तरफ से एक घोषणा करने की मांग की है। इसमें कहा गया है कि निर्वाचन आयोग यह ऐलान करे कि ऐसे मामलों में फैसले एकतरफा नहीं लिए जा सकते। इसके अलावा याचिकाकर्ता ने आयोग के प्राथमिक रिकॉर्ड की जांच की भी मांग की है ताकि यह पता लगाया जा सके कि विवादित कार्रवाई संवैधानिक और कानूनी ढांचे के अनुसार की गई थी या नहीं।

मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने की मांग

बता दें, याचिकाकर्ता ने अंतरिम राहत के तौर पर सीईसी ज्ञानेश कुमार को निलंबित करने की मांग की है। एक और याचिका में खोजी रिपोर्ट के आधार पर उन 14 फैसलों को रद्द करने की मांग की गई है, जिसको लेकर दावा किया गया कि यह एकतरफा लिए गए हैं। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट के एक रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र न्यायिक जांच आयोग (SIT) के गठन की मांग की है, जिसमें साइबर सुरक्षा और IT विशेषज्ञ भी शामिल हों। प्रस्तावित जांच के तहत ECINet और ERONet डेटाबेस का फोरेंसिक ऑडिट करने और उन परिस्थितियों की जांच करने की मांग की गई है जिनमें, याचिका के अनुसार, SIR प्रक्रिया के दौरान 30 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 13 करोड़ नाम हटा दिए गए।

ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग

याचिकार्ताओं ने सीईसी ज्ञानेश कुमार, सीनियर डिप्टी इलेक्शन कमीश्नर मनीष गर्ग, सीमा खन्ना और सरकारी ड्यूटी में लापरवाही करने के जिम्मेदार पाए गए अन्य अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज करने की मांग की है।

अपडेट की जा रही है।

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
दादा की जगह पोता भी पा सकता है नौकरी, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा
मुकदमे

दादा की जगह पोता भी पा सकता है नौकरी, सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट के आदेश को बरकरार रखा

बरी हुए आरोपी को भी मुआवजा देना होगा, हाईकोर्ट ने 53 लाख की रक़म तय की
मुकदमे

बरी हुए आरोपी को भी मुआवजा देना होगा, हाईकोर्ट ने 53 लाख की रक़म तय की

केरल हाई कोर्ट ने पिता‑दिएँ पैसे से खरीदे घर को पत्नी का ठहराया, पति को खाली करने का आदेश
मुकदमे

केरल हाई कोर्ट ने पिता‑दिएँ पैसे से खरीदे घर को पत्नी का ठहराया, पति को खाली करने का आदेश

जन न्यायालयों ने 1 अक्टूबर से मोबाइल फोन से दस्तावेज़ फोटो लेने की अनुमति दी
मुकदमे

जन न्यायालयों ने 1 अक्टूबर से मोबाइल फोन से दस्तावेज़ फोटो लेने की अनुमति दी

सोनीपत में विशेष लोक अदालत ने 48 चेक बाउंस मामलों का निपटारा, विवादित राशि 91 लाख से अधिक
मुकदमे

सोनीपत में विशेष लोक अदालत ने 48 चेक बाउंस मामलों का निपटारा, विवादित राशि 91 लाख से अधिक

फरीदाबाद में स्पेशल लोक अदालत ने 474 चेक बाउंस मामलों को आपसी समझौते से सुलझाया
मुकदमे

फरीदाबाद में स्पेशल लोक अदालत ने 474 चेक बाउंस मामलों को आपसी समझौते से सुलझाया

सुप्रीम कोर्ट के पाँच प्रमुख निर्णय: नोटिस वैधता, समझौते की अमान्यता, पटाखे नियम, अवैध निर्माण ध्वंस
मुकदमे

सुप्रीम कोर्ट के पाँच प्रमुख निर्णय: नोटिस वैधता, समझौते की अमान्यता, पटाखे नियम, अवैध निर्माण ध्वंस

विषयक अनुशासनिक मामलों में अंतरिम राहत पर रोकथाम: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को सतर्क रहने का निर्देश
मुकदमे

विषयक अनुशासनिक मामलों में अंतरिम राहत पर रोकथाम: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को सतर्क रहने का निर्देश

ताज़ा ख़बरें