फतेहाबाद में विशेष लोक अदालत से 60 चेक बाउंस मामलों का आपसी निपटारा
फतेहाबाद, रतिया और टोहाना के न्यायिक परिसरों में आयोजित विशेष लोक अदालत ने 405 लंबित चेक बाउंस मामलों में से 60 को आपसी सहमति से सुलझाया। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सुयशा जावा ने बताया कि एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत इस निपटारे से पक्षकारों का समय, धन और ऊर्जा बचती है तथा इसका फैसला सभी के लिए अंतिम और बाध्यकारी होता है।

सौजन्य से:- amarujala.com
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Fatehabad News: लोक अदालत में 60 मामलों का आपसी सहमति से निपटारा
Sun, 04 Oct 2026 11:32 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
संवाद न्यूज एजेंसी, फतेहाबाद
Updated Sun, 04 Oct 2026 11:32 PM IST
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फतेहाबाद। चेक बाउंस मामलों के त्वरित निपटारे के लिए फतेहाबाद, रतिया और टोहाना के न्यायिक परिसरों में रविवार को विशेष लोक अदालत लगाई गईं। इनमें विभिन्न अदालतों में लंबित 405 मामले रखे गए। दोनों पक्षों की आपसी सहमति से इनमें से 60 का समाधान किया गया।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सुयशा जावा ने बताया कि विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत लंबित मुकदमों और उनसे संबंधित अपीलों को शामिल किया गया था। दोनों पक्षों ने उपस्थित होकर अपने विवाद सुलझाए।
उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों के निपटारे से पक्षकारों के समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है। अनावश्यक देरी के बिना विवादों का स्थायी समाधान भी होता है। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और सभी पक्षों पर समान रूप से मान्य रहता है।
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जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी डॉ. सुयशा जावा ने बताया कि विशेष लोक अदालत में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत लंबित मुकदमों और उनसे संबंधित अपीलों को शामिल किया गया था। दोनों पक्षों ने उपस्थित होकर अपने विवाद सुलझाए।
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उन्होंने बताया कि लोक अदालत में मामलों के निपटारे से पक्षकारों के समय, धन और ऊर्जा की बचत होती है। अनावश्यक देरी के बिना विवादों का स्थायी समाधान भी होता है। लोक अदालत का फैसला अंतिम होता है और सभी पक्षों पर समान रूप से मान्य रहता है।
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