केरल हाई कोर्ट ने पिता‑दिएँ पैसे से खरीदे घर को पत्नी का ठहराया, पति को खाली करने का आदेश
केरल हाई कोर्ट ने फैसला सुनाया कि यदि संपत्ति की पूरी कीमत पत्नी के पिता ने दी हो, तो केवल दोनों के नाम से डीड होने पर भी पति को स्वामित्व नहीं मिलता। अदालत ने पत्नी को सम्पूर्ण मालिक घोषित कर पति को तीन महीने में घर खाली करने का निर्देश दिया, क्योंकि पति के समर्थन में कोई दस्तावेज़ नहीं प्रस्तुत किया गया।

सौजन्य से:- navbharattimes.indiatimes.com
एक महिला को उसके पिता ने अपने पैसों से एक घर दिलाया। इस घर पर बात में महिला के पति ने दावा ठोक दिया और कोर्ट पहुंच गया। लेकिन अदालत ने पति को तीन महिने के अंदर घर खाली करने का आदेश दिया।
नई दिल्ली: केरल हाई कोर्ट ने कहा है कि यदि किसी संपत्ति की पूरी खरीद राशि पत्नी के पिता ने उसकी भलाई के लिए दी है, तो केवल सेल डीड में पति-पत्नी दोनों के नाम दर्ज होने से पति को उसमें स्वामित्व का अधिकार नहीं मिल जाता। कोर्ट ने पत्नी को संपत्ति का विशेष और पूर्ण मालिक घोषित करते हुए पति को तीन महीने के भीतर मकान खाली करने का निर्देश दिया।
पत्नी ने पेश कर दिए सबूत
केरल हाई कोर्ट ने अपने फैसले में महिला (पत्नी) की अपील पर यह फैसला सुनाया। मामले में पत्नी का कहना था कि संपत्ति उसकी और पति की संयुक्त नाम पर खरीदी गई थी, लेकिन इसकी पूरी रकम उसके पिता ने दी थी। उसने अपने दावे के समर्थन में पिता के बैंक खाते का स्टेटमेंट पेश किया, जिसमें सेल डीड के निष्पादन वाले दिन 25 लाख रुपये डेबिट होने की बात सामने आई।
पति नहीं दे पाया कोई सबूत
पति ने दावा किया कि उसने भी खरीद में योगदान दिया था और रकम उसके विदेश में काम कर चुके साले ने दी थी। हालांकि, न तो साले को गवाह बनाया गया और न ही रकम के स्रोत के संबंध में कोई दस्तावेज पेश किया गया। कोर्ट ने कहा कि इस मामले में पूरी रकम पत्नी के पिता ने दी थी। इसलिए संपत्ति संयुक्त नाम पर होने के बावजूद परिस्थितियों से पत्नी के लिए ही संपत्ति खरीदने की मंशा स्पष्ट होती है।
लेखक के बारे मेंराजेश चौधरीराजेश चौधरी 2007 से नवभारत टाइम्स से जुड़े हुए हैं। वह दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट, हाई कोर्ट, निचली अदालत और सीबीआई से जुड़े विषयों को कवर करते हैं और स्पीड न्यूज में भी आपको इस बारे में खबर देते रहेंगे। यदि आपके पास कोर्ट से जुड़े मामलों की कोई सूचना है तो आप उनसे इस ईमेल अड्रेस - journalistrajesh@gmail.com - पर संपर्क कर सकते हैं।... और पढ़ें
कन्वर्सेशन शुरू करें
Legalकी ताजा खबरें, ब्रेकिंग न्यूज, अनकही और सच्ची कहानियां, सिर्फ खबरें नहीं उसका विश्लेषण भी। इन सब की जानकारी, सबसे पहले और सबसे सटीक हिंदी में देश के सबसे लोकप्रिय, सबसे भरोसेमंद Hindi Newsडिजिटल प्लेटफ़ॉर्म नवभारत टाइम्स पर
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
बरी हुए आरोपी को भी मुआवजा देना होगा, हाईकोर्ट ने 53 लाख की रक़म तय की

जन न्यायालयों ने 1 अक्टूबर से मोबाइल फोन से दस्तावेज़ फोटो लेने की अनुमति दी

सोनीपत में विशेष लोक अदालत ने 48 चेक बाउंस मामलों का निपटारा, विवादित राशि 91 लाख से अधिक

फरीदाबाद में स्पेशल लोक अदालत ने 474 चेक बाउंस मामलों को आपसी समझौते से सुलझाया

सुप्रीम कोर्ट के पाँच प्रमुख निर्णय: नोटिस वैधता, समझौते की अमान्यता, पटाखे नियम, अवैध निर्माण ध्वंस

विषयक अनुशासनिक मामलों में अंतरिम राहत पर रोकथाम: सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट को सतर्क रहने का निर्देश

सीएम रेखा गुप्ता के हनुमान की तुलना पर याचिका: राउज एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से जवाब मांगा

फरीदाबाद में विशेष लोक अदालत ने 474 चेक बाउंस मामलों का निपटारा, 4.35 करोड़ रुपये के समझौते पर
ताज़ा ख़बरें
- युवा कांग्रेस ने जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की अनुमति न मिलने पर दिल्ली हाईकोर्ट में याचिका दायर की
- सोनीपत की विशेष लोक अदालत ने 48 चेक बाउंस मामलों को आपसी समझौते से निपटाया, 91.91 लाख रुपये का लेन‑देन सुलझा
- दिल्ली हाई कोर्ट ने जेईई छात्रा की आईआईटी दिल्ली प्रवेश दावे को खारिज
- केंद्रीय सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया, असम NRC में 19.07 लाख के रेजेक्शन स्लिप जारी होने में देरी के कारण
- हाईकोर्ट ने ध्वनि प्रदूषण मामले को स्वयंसंयोजन करके शुरू की जांच, 7 साल की छात्रा की मौत के बाद
- गिटपॉड से £76 मिलियन का दावा: शेनन बर्न्स के डिसएबिलिटी भेदभाव मामले की कहानी
- श्रीनगर कोर्ट ने कहा, महिला को आजीविका के लिये दूसरी शादी अनिवार्य नहीं, पति को 20 लाख मुआवजा
- जमानत पर बिना पूछे सलाह देने वाले ट्रायल जज पर सुप्रीम कोर्ट की कड़ी प्रतिक्रिया

