हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता‑वेतन लाभ देने के लिए 1 दिसंबर तक का कड़ा आदेश
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने दो मामलों में राज्य सरकार को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुपालन हेतु अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता, वेतन वृद्धि और अन्य वित्तीय लाभ देने का निर्देश दिया। एक आदेश में सरकार को निर्धारित समय सीमा के भीतर याचिकाकर्ताओं की दायरियों की समीक्षा करने को कहा गया, जबकि दूसरे में 1 दिसंबर 2026 तक लाभ प्रदान कर अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का आदेश दिया गया।

सौजन्य से:- ETV Bharat
अनुबंध कर्मचारियों के मामलों में हाईकोर्ट का सरकार को कड़ा आदेश, SC के निर्णय को तय सीमा में लागू करने के आदेश
इस मामले में अदालत ने राज्य सरकार को तय समय सीमा के भीतर अनुबंध कर्मचारियों को वरिष्ठता और वित्तीय लाभ देने को कहा है.
By ETV Bharat Himachal Pradesh Team
Published : October 7, 2026 at 6:58 AM IST
शिमला: हिमाचल प्रदेश में अनुबंध आधार पर सेवाएं दे चुके कर्मचारियों को वरिष्ठता और अन्य वित्तीय लाभ मिलने का इंतजार अब भी जारी है. कानूनी लड़ाई में सुप्रीम कोर्ट से फैसला पक्ष में आने के बाद अब तक आदेश के अनुपालन की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई है. इसी मुद्दे से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने महत्वपूर्ण आदेश जारी किए हैं. एक मामले में जस्टिस ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत ने सरकार को याचिकाकर्ताओं के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की तय समय सीमा के भीतर विचार करने को कहा है, जबकि दूसरे मामले में जस्टिस जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य सरकार 1 दिसंबर 2026 तक इस फैसले को लागू करे और अदालत में अनुपालन शपथपत्र दाखिल करे.
क्या है मामला?
दरअसल, दोनों मामले देवेंद्र कुमार बनाम स्टेट ऑफ हिमाचल मामले में सुप्रीम कोर्ट से हुए निर्णय के बाद फैसले की अनुपालना से जुड़े हुए हैं. इसी मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने हिमाचल प्रदेश रिक्रूटमेंट एंड कंडीशंस ऑफ सर्विस ऑफ गवर्नमेंट एम्प्लाइज एक्ट, 2024 को रद्द कर दिया था. राज्य सरकार ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने 29 जुलाई 2026 को राज्य सरकार की एसएलपी को खारिज कर दिया था. सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को फैसले के अनुसार आवश्यक कार्रवाई के लिए चार महीने का समय भी दिया था. इसके बाद अनुबंध कर्मचारियों से जुड़े अलग-अलग मामलों में हाईकोर्ट में अनुपालन और लाभ दिए जाने को लेकर याचिकाएं सामने आ रही हैं.
अनुबंध कर्मचारियों के मामलों में हाईकोर्ट का आदेश
ताजा मामले में जस्टिस ज्योत्सना रिवाल दुआ की अदालत के समक्ष याचिकाकर्ताओं ने मांग की थी कि उनकी अनुबंध सेवा अवधि को वार्षिक वेतन वृद्धि, वरिष्ठता, पदोन्नति और अन्य परिणामी लाभों के लिए गिना जाए. अदालत ने माना कि 2024 का कानून हाईकोर्ट द्वारा पहले ही रद्द किया जा चुका है और राज्य सरकार की अपील सुप्रीम कोर्ट में खारिज हो चुकी है. ऐसे में अदालत ने याचिका का निपटारा करते हुए राज्य सरकार को निर्देश दिया कि वह याचिकाकर्ताओं को मांगे गए लाभ देने के मामलों पर सुप्रीम कोर्ट की ओर से तय समय सीमा के भीतर विचार करे. अदालत ने यह भी कहा कि यदि कर्मचारियों की कोई शिकायत बाकी रहती है, तो वे उचित समय पर कानून के तहत आगे की कार्रवाई कर सकते हैं.
1 दिसंबर तक फैसले को लागू करने के निर्देश
वहीं, इससे पहले एक अन्य मामले में जस्टिस जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने भी राज्य सरकार को तय समय सीमा के भीतर अनुबंध अवधि काट चुके कर्मचारियों को वरिष्ठता और वित्तीय लाभ देने को कहा है. अदालत ने राज्य सरकार को 1 दिसंबर 2026 तक फैसले को लागू करने के निर्देश दिए. सुनवाई के दौरान जस्टिस जिया लाल भारद्वाज की अदालत ने कहा कि स्कूल शिक्षा निदेशक की ओर से 15 सितंबर 2026 को जारी निर्देश पर अदालत के सामने रखे गए. इन निर्देशों से अदालत को सुप्रीम कोर्ट के 29 जुलाई के आदेश और चार महीने की समय सीमा की जानकारी मिली. इसके बाद अदालत ने राज्य सरकार को 1 दिसंबर 2026 तक फैसले को लागू करने और अनुपालन शपथपत्र दाखिल करने का निर्देश दिया.
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