उपमुख्यमंत्री की मध्यस्थता से वकीयों की 5‑दिवसीय हड़ताल समाप्त, किराया कानून में संशोधन की स्वीकृति
उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की बैठक के बाद गुजरात में वकीयों की राज्यव्यापी पाँच‑दिवसीय हड़ताल समाप्त हो गई। सरकार ने किराया विधेयक 2026 में संशोधन करने और मुकदमों की सुनवाई के लिए ट्रिब्यूनल की योजना को रद्द करने की माँग को स्वीकार किया। इस समझौते से वकीय संगठनों ने हड़ताल रोक दी।

सौजन्य से:- Jagran
गुजरात में वकीलों की पांच दिनों की हड़ताल खत्म, किराया कानून में संशोधन करेगी सरकार
वकीलों की पांच दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ बैठक के बाद समाप्त हो गई है। सरकार ने ...और पढ़ें
HighLights
- वकीलों की पांच दिवसीय राज्यव्यापी हड़ताल समाप्त हुई।
- उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी की मध्यस्थता से समझौता हुआ।
- सरकार ने किराया कानून 2026 में संशोधन स्वीकार किया।
राज्य ब्यूरो, अहमदाबाद। उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी के साथ बार काउंसिल ऑफ गुजरात तथा अन्य वकील संगठनों की बैठक के बाद पांच दिनों से चल रही वकीलों की राज्यव्यापी हड़ताल को खत्म कर दिया गया है। सरकार ने किराया कानून में संशोधन की बात मान ली है।
उपमुख्यमंत्री के साथ बैठक में राज्य सरकार के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी, बार काउंसिल ऑफ गुजरात व अन्य वकील संगठनों के पदाधिकारियों के साथ कानून व राजस्व विभाग के उच्च अधिकारी मौजूद थे।
सरकार ने मानी वकीलों की बात
गुजरात किराया विधेयक 2026 के खिलाफ मेट्रो, सिटी सिविल व स्मॉल कॉज बार ऐसोसिएशन से जुड़े हजारों अधिवक्ता पांच दिन से हड़ताल पर उतरे थे।
संपत्ति के मालिकाना अधिकार तथा किराया मामलों से जुड़े केस की सुनवाई सरकार ने ट्रिब्यूनल को सौंपने की तैयारी कर ली थी लेकिन वकील इसके विरोध में उतर आए।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य जे जे पटेल व सरकार के महाधिवक्ता कमल त्रिवेदी की मध्यस्थता के बाद उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने खुद सरकार व वकीलों के बीच उभरे विवाद को खत्म करने के लिए आगे आए।
गांधीनगर में वरिष्ठ वकीलों व कानून विभाग के सचिव उपेंद्र भट्ट आदि की मौजूदगी में संघवी ने किराया विधेयक में संशोधन की बात स्वीकार की जिसके बाद वकील संगठनों हड़ताल को खत्म कर दिया।
किराया कानून के खिलाफ अहमदाबाद सिटी सिविल कोर्ट व स्मॉल कॉज बार ऐसोसिएशन की हड़ताल में राज्य के 182 बार काउंसिल के शामिल थे।
सैशंस कोर्ट, हाई कोर्ट एडवोकेट एसोसिएशन तथा बार काउंसिल ऑफ गुजरात के समर्थन में आ जाने के बाद सरकार ने वकीलों से बात कर मामले को शांत कराया।
गौरतलब है कि गत 11 सितंबर को विधानसभा के मानूसन सत्र के दौरान शहरी विकास मंत्री कनुभाई देसाई ने गुजरात भाडा विधेयक 2026 प्रस्तुत किया था जिसे सर्वसम्मति से पारित किया गया।
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