पीओजेके और बलूचिस्तान में प्रदर्शन बढ़ने के बाद पाकिस्तानी सेना ने दिया बयान
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (पीओजेके) और बलूचिस्तान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहे हैं. पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि वह बलूचिस्तान के कबीले के नेता से बात नहीं करेंगे, इसके बजाय वह आम लोगों से बात करेंगे.

सौजन्य से:- ABP News
PoJK-बलूचिस्तान में बेकाबू हालात, मुनीर की सेना बोली- PAK में कानून...
PoJK-Balochistan protest: पाकिस्तानी सेना ने कहा कि हम बलूचिस्तान के कबीले के नेता से बात नहीं करेंगे. ये बयान ऐसे समय में आया है जब पीओजेके और बलूचिस्तान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हो रहा है.
पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoJK) और बलूचिस्तान में आम लोगों पर पाकिस्तानी सेना का जुल्म हर रोज बढ़ता जा रहा है. हजारों लोग सड़कों पर उतर शहबाज सरकार और पाक सेना के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं. पाकिस्तानी आर्मी निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर खुलेआम फायरिंग कर रही है, लेकिन फिर भी लोग टस से मस नहीं हो रहे हैं. इस बीच पाकिस्तान की सेना के मीडिया विंग ISPR ने बयान जारी किया कि बलूचिस्तान में सुरक्षा स्थिति सामान्य है. ISPR चीफ ने लेफ्टिनेंट जनरल अहमद शरीफ चौधरी ने कहा कि बलूचिस्तान के कबीले के नेता गरीब परिवारों के बच्चों की प्रगति नहीं चाहते हैं.
पाकिस्तान एक कठोर देश नहीं: PAK सेना
ISPR चीफ ने कहा कि हम बलूचिस्तान के लोगों से बात करेंगे न कि वहां के कबीले के नेता से. उन्होंने कहा, 'अगर संविधान और कानून हर नागरिक के लिए समान नहीं हैं तो इसका मतलब ये नहीं है कि पाकिस्तान एक कठोर देश है. क्या हम एक कठोर देश हैं? इसका जवाब है नहीं. इसका मतलब ये नहीं है कि सेना देश चला रही है.' पाकिस्तान की सेना पर ये आरोप लगते आए हैं वह बलूचिस्तान में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों को अगवा कर लेती है. हाल ही में कई लोकल नेताओं को अगवा भी किया गया है, जिसे लेकर भी पाकिस्तान की सेना ने बयान जारी किया है.
बलूचिस्तान से अगवा लोगों को लेकर PAK सेना का बयान
ISPR चीफ ने कहा, 'बलूचिस्तान की मौजूदा स्थिति को लेकर दुष्प्रचार अभियान चलाया जा रहा है. लापता लोगों को लेकर 201 आवेदन मिले हैं. इस लिस्ट में उन लोगों के नाम भी हैं जो आतंकवाद विरोधी अभियानों के दौरान मारे गए हैं. सुरक्षा बल आतंकवादियों को निशाना बना रहे हैं और उनके खिलाफ अभियान चला रहे हैं.' पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता ने आतंकवादियों के साथ आगे की बातचीत से इनकार करते हुए कहा कि बात करने की अब कोई गुंजाइश नहीं बची है. उन्होंने कहा, 'या तो आप आत्मसमर्पण कर दें या हम आपसे लड़ेंगे.'
पाकिस्तान के बलूचिस्तान से दो दिन पहले अगवा किए गए छह मजदूरों के गुरुवार (30 जुलाई) को गोलियों से छलनी शव मिले. बलूचिस्तान के गृह मंत्री बाबर यूसुफजई ने बताया कि चार मजदूर पंजाब प्रांत के थे, जबकि दो खैबर पख्तूनख्वा के रहने वाले थे. उनके गोलियों से छलनी शव बलूचिस्तान प्रांत के तुर्बत शहर के नसीराबाद के पास मिले.
बलूचिस्तान से लोगों की किडनैपिंग
मंत्री ने कहा, 'अज्ञात हथियारबंद लोगों ने केच जिले में काम कर रहे सात मजदूरों का अपहरण किया था. उनमें से एक को घटनास्थल पर ही गोली मार दी गई थी.' पाकिस्तानी अखबार डॉन की रिपोर्ट के मुतबिक, मंगलवार (28 जुलाई) को अज्ञात हथियारबंद लोगों ने कलातक इलाके में तुर्बत-मंड मार्ग पर एक वाहन में यात्रा कर रहे सात मजदूरों का अपहरण कर लिया था. किसी भी विद्रोही समूह ने इस अपहरण की जिम्मेदारी नहीं ली.
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