देश के सबसे ज्यादा बदले गए 10 कानून, जिन्होंने भारतीय जिंदगी को बदल दिया
भारत एक तेजी से बदलते देश में बदलावों से भरे पलों का गवाह है। आजादी के बाद से संसद की जितनी भी सुधारों और संशोधन की गयी, उनका क्या मतलब रहा, उसे जानने की पूरी सूची यहाँ पढ़िए। यह वह कानून हैं जिन्होंने भारतीय लोगों की जिंदगी को पूरी तरह से बदल दिया। ये कानून आजादी के बाद सबसे ज्यादा बदले गए हैं

सौजन्य से:- ABP News
15 August: देश के 10 ऐसे कानून, जो आजादी के बाद सबसे ज्यादा बदले
Top 10 Laws Changed After Independence: आजादी के बाद भारतीय संविधान के 10 ऐसे कानून के बारे में जानेंगे जिनको सबसे ज्यादा बार बदला गया. इनको इतनी बार बदलने के बाद लोगों पर क्या प्रभाव पड़ा?
Top 10 Laws Changed After Independence: 15 अगस्त 1947 को अंग्रेजों से आजादी मिलने के बाद देश के सामने एक नया और मजबूत राष्ट्र बनाने की चुनौती थी. समय के साथ समाज, अर्थव्यवस्था और तकनीक बदलती गई और इसी के साथ हमारे कानून भी बदलते गए. देश की संसद ने कई ऐसे ऐतिहासिक कानून और संविधान संशोधन पास किए, जिन्होंने आम जनता की जिंदगी को पूरी तरह बदल दिया. इनमें 101st Amendment Act (GST) और 106th Amendment Act (Women's Reservation) जैसे ऐतिहासिक बदलाव शामिल हैं जिन्होंने देश की दिशा तय की. तो आज हम देश के 10 ऐसे कानून के बारे में बताएंगे, जिनको सबसे ज्यादा बार बदला गया.
42वां संशोधन 1976 और 44वां संशोधन 1978
इमरजेंसी के दौरान आया 42वां संशोधन भारत के इतिहास का सबसे बड़ा बदलाव माना जाता है. इसके जरिए संविधान की प्रस्तावना में तीन नए शब्द जोड़े गए, समाजवादी, धर्मनिरपेक्ष और अखंडता. इसी संशोधन के बाद देश के नागरिकों के लिए मौलिक कर्तव्य भी तय किए गए.
जमींदारी प्रथा को खत्म करने के लिए और विकास कार्यों जैसे सड़क निर्माण, रेल, पुल बनाना आदि के लिए सरकार को जमीन की जरूरत होने के कारण सरकार 44वें संशोधन को लेकर आई, जिससे संपत्ति के अधिकार को मौलिक अधिकारों की लिस्ट से हटाकर एक सामान्य कानूनी अधिकार बना दिया गया.
पंचायती राज 1992 और RTI Act, 2002
73वें संविधान संशोधन के जरिए सरकार ने महात्मा गांधी के ग्राम स्वराज के सपने को सच किया. इसके तहत गांवों में पंचायती राज व्यवस्था लागू की गई. इससे अब गांवों के विकास का फैसला सीधे ग्रामीणों और मुखिया के हाथ में आ गया, जिससे भारत का लोकतंत्र जमीनी स्तर तक पहुंच सका.
86वें संविधान संशोधन यानी RTI ACT के जरिए पढ़ाई को बच्चों का कानूनी अधिकार बना दिया गया. इस कानून के तहत 6 से 14 साल के हर बच्चे को मुफ्त और अनिवार्य शिक्षा देना सरकार की जिम्मेदारी बन गई.
RTI 2005 और GST 2016
RTI यानी राइट टू इंफॉर्मेशन एक्ट इस कानून ने सरकारी दफ्तरों में छिपी फाइलों को आम जनता के सामने ला दिया. अब इस कानून के तहत कोई भी नागरिक 10 रुपये की पर्ची कटवाकर सरकार के किसी भी काम या खर्च की जानकारी मांग सकता है. इसने देश में भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने का काम किया.
101वें संविधान संशोधन के जरिए सरकार ने देश की पूरी टैक्स व्यवस्था को बदल दिया गया. पहले व्यापारियों को वैट, सर्विस टैक्स, एक्साइज ड्यूटी जैसे दर्जनों टैक्स देने पड़ते थे. जीएसटी यानी वस्तु एवं सेवा कर आने के बाद एक देश, एक टैक्स का सपना पूरा हुआ.
CAA और नया उपभोक्ता संरक्षण कानून 2019
CAA हाल के वर्षों का सबसे चर्चित कानून रहा. इसके तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान से धार्मिक प्रताड़ना के कारण भारत आए हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई अल्पसंख्यकों को आसानी से भारत की नागरिकता देने का रास्ता साफ किया गया.
1986 के पुराने कानून को नया उपभोक्ता संरक्षण कानून से बदला गया. ताकि इस कानून के जरिए ई-कॉमर्स कंपनियों को भी दायरे में लाया गया. अब भ्रामक विज्ञापन दिखाने वाले सेलिब्रिटीज और खराब सामान बेचने वाली कंपनियों पर भारी जुर्माने का प्रावधान है.
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महिला आरक्षण बिल और डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन एक्ट 2023
राजनीति में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार ने 106वां संविधान संशोधन किया. इस ऐतिहासिक कानून के तहत लोकसभा और राज्यों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत सीटें आरक्षित कर दी गईं.
इंटरनेट पर आपकी निजी जानकारी सुरक्षित रहे, इसके लिए सरकार डिजिटल पर्सनल डेटा प्रोटेक्शन कानून लेकर आई. अब कोई भी टेक या सोशल मीडिया कंपनी आपकी मर्जी के बिना आपका डेटा न तो स्टोर कर सकती है और न ही बेच सकती है.
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