पडरौना चीनी मिल: पुनः चालू कराने के लिए कानूनी मोर्चे पर कदम
मजदूरों, किसानों और सामाजिक प्रतिनिधियों ने मिल को दोबारा चालू कराने के लिए कानूनी रास्ते अपनाने का निर्णय लिया, क्योंकि राजनीतिक एवं प्रशासनिक प्रयासों से कोई नतीजा नहीं मिला। यह कदम मजदूर-फसलकर्ता हित को जनहित के रूप में आगे बढ़ाने की योजना के साथ सुप्रीम कोर्ट तक भी ले जाने का है। मिल परिसर में हाल ही में हुई चोरी और सुरक्षा मुद्दों पर भी चर्चा हुई।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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पडरौना चीनी मिल को फिर चलाने की तैयारी:राजनीतिक-प्रशासनिक प्रयास बेअसर, अब कानूनी लड़ाई; जरूरत पड़ी तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे
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पडरौना की लंबे समय से बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने की मांग अब कानूनी मोर्चे पर ले जाने की तैयारी है। रविवार को चीनी मिल परिसर में मजदूरों, किसानों और सामाजिक प्रतिनिधियों की बैठक हुई। इसमें अब तक मिल को चालू कराने के लिए किए गए राजनीतिक और प्रशासनिक प्रयासों से अपेक्षित नतीजा नहीं मिलने पर निराशा जताई गई। इसके बाद सभी ने कानूनी विकल्प अपनाने पर सहमति जताई।
जनहित में कानूनी लड़ाई आगे बढ़ाने का फैसला
बैठक में तय किया गया कि बंद पड़ी चीनी मिल को दोबारा शुरू कराने के लिए कानूनी रास्ते का सहारा लिया जाएगा। प्रतिनिधियों ने कहा कि यह लड़ाई मजदूरों और किसानों के हित में जनहित के मुद्दे के रूप में आगे बढ़ाई जाएगी। जरूरत पड़ने पर मामले को देश की सबसे बड़ी अदालत सुप्रीम कोर्ट तक ले जाने की भी तैयारी रहेगी।
बैठक में बनी आगे की रणनीति
मिल परिसर में हुई बैठक के दौरान कानूनी लड़ाई की पूरी योजना और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। मौजूद प्रतिनिधियों ने अलग-अलग कानूनी विकल्पों पर विचार किया। उनका कहना था कि मिल के बंद रहने से जुड़े मजदूरों और किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
मजदूर-किसानों के हित को बनाया जाएगा आधार
बैठक में शामिल लोगों ने कहा कि चीनी मिल के दोबारा संचालन से मजदूरों और किसानों को रोजगार तथा गन्ने से जुड़े आर्थिक लाभ मिल सकते हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाने पर जोर दिया गया। प्रतिनिधियों ने कहा कि मिल को चालू कराने के लिए उपलब्ध कानूनी विकल्पों का अध्ययन कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
हाल में चोरी के बाद जांच करने पहुंचा था प्रशासन
चीनी मिल परिसर में हाल ही में कीमती सामान चोरी होने का मामला भी सामने आया था। घटना की जानकारी मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और मामले की जांच की गई थी। बंद पड़े परिसर की सुरक्षा को लेकर भी यह घटना चर्चा में रही है। बैठक में मिल की मौजूदा स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई।
बैठक में सामाजिक, किसान और मजदूर प्रतिनिधि शामिल
बैठक में सामाजिक कार्यकर्ता और अधिवक्ता गिरीश चंद्र चतुर्वेदी, किसान नेता छोटेलाल सिंह, मजदूर नेता संजय दीक्षित, मनोज श्रीवास्तव, ओमप्रकाश लाल श्रीवास्तव, उमेश श्रीवास्तव और मनीष पाठक समेत अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे। सभी ने मिल को दोबारा शुरू कराने के लिए आगे की कानूनी रणनीति पर काम करने की बात कही।
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