जेल अदालत ने दीं बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिकारों की विस्तृत जानकारी
खूंटी में आयोजित जेल अदालत में बंदियों को उनके कानूनी अधिकार, न्यायिक प्रक्रिया और आर्थिक रूप से कमजोर व्यक्तियों के लिये निःशुल्क अधिवक्ता सहित सहायता के बारे में बताया गया। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव ने सभी बंदियों को अपने मामले की जानकारी रखने और विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार होने पर बल दिया। डीएलएसए के अधिकारी ने पीएलवी के माध्यम से समस्याओं को सेवा प्राधिकार तक पहुँचाने की अपील की।

सौजन्य से:- Hindustan
जेल अदालत में बंदियों को दी गई कानून की जानकारी
खूंटी में जेल परिसर में जिला विधिक सेवा प्राधिकार द्वारा जेल अदालत का आयोजन हुआ। इस अवसर पर बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों और निःशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी दी गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी ने कहा कि हर बंदी को अपने मामले की जानकारी और न्यायिक सहायता का अधिकार है।
खूंटी, संवाददाता। जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में रविवार को जेल परिसर में जेल अदालत का आयोजन किया गया। झालसा, रांची के निर्देश एवं पीडीजे-सह-अध्यक्ष रसिकेश कुमार के मार्गदर्शन में आयोजित अदालत में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों, न्यायिक प्रक्रिया और निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी गई। मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी अर्जुन साव ने कहा कि प्रत्येक बंदी को अपने मामले की जानकारी रखने और विधिक सहायता प्राप्त करने का अधिकार है। डीएलएसए सचिव कमलेश बेहरा ने आर्थिक रूप से कमजोर बंदियों को निःशुल्क अधिवक्ता सहित अन्य कानूनी सहायता उपलब्ध कराने की जानकारी दी। उन्होंने बंदियों से अपनी समस्याएं पीएलवी के माध्यम से विधिक सेवा प्राधिकार तक पहुंचाने की अपील की।
एसडीजेएम विद्यावती कुमारी और एलएडीसी डिप्टी चीफ नम्रता कुमारी ने भी बंदियों को कानूनी अधिकारों एवं निःशुल्क विधिक सहायता लेने की प्रक्रिया की जानकारी दी। जेलर जीवन एक्का ने जेल प्रशासन द्वारा बंदियों की समस्याओं के समाधान के लिए किए जा रहे कार्यों से अवगत कराया। मौके पर डीएलएसए के पीएलवी, जेल पीएलवी एवं जेलकर्मी मौजूद थे।
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