होमवकीलदिल्ली के सभी ज़िला अदालतों में वकीलों ने आज हड़ताल का ऐलान किया
वकील

दिल्ली के सभी ज़िला अदालतों में वकीलों ने आज हड़ताल का ऐलान किया

ट्रैफ़िक चालान के निपटारे के नए नियमों के विरोध में दिल्ली की सभी ज़िला अदालतों के वकील आज काम नहीं करेंगे। वे न तो कोर्ट में प्रत्यक्ष पैरवी करेंगे न ही ऑनलाइन सुनवाई में भाग लेंगे, और 11:30 बजे अदालतों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन करेंगे। बार एसोसिएशन का कहना है कि मौजूदा नियम परिवर्तन न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर करेंगे।

20 सितंबर 2026 को 03:06 pm बजे
दिल्ली के सभी ज़िला अदालतों में वकीलों ने आज हड़ताल का ऐलान किया

सौजन्य से:- Amar Ujala

{"_id":"6aafeb10ee3ad2e368050d74","slug":"lawyers-in-all-district-courts-will-be-on-strike-today-delhi-ncr-news-c-340-1-del1011-155787-2026-09-20","type":"story","status":"publish","title_hn":"Delhi NCR News: सभी जिला अदालतों में आज हड़ताल पर रहेंगे वकील","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}

Delhi NCR News: सभी जिला अदालतों में आज हड़ताल पर रहेंगे वकील

विज्ञापन

प्रत्यक्ष या ऑनलाइन पैरवी नहीं करेंगे, 11:30 बजे अदालतों के बाहर प्रदर्शन

संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। ट्रैफिक चालान के निपटारे के नए नियमों के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील सोमवार को कामकाज का बहिष्कार करेंगे। वकील न तो अदालतों में प्रत्यक्ष सुनवाई में शामिल होंगे और न ही ऑनलाइन पैरवी करेंगे। सुबह 11:30 बजे सभी जिला अदालतों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।

जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति के महासचिव नरवीर डबास का कहना है कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 में बदलाव और दिल्ली सरकार के नए चालान निपटारा नियम आम लोगों के हित में नहीं हैं। समिति के मुताबिक, चालान निपटाने का अधिकार न्यायिक मजिस्ट्रेट से हटाकर एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारियों को देना न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर करेगा।

वकीलों का कहना है कि इससे अदालतों की भूमिका सीमित होगी और लोगों के निष्पक्ष न्याय पाने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। समिति ने सरकार से नियमों पर पुनर्विचार की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि नियम वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

विज्ञापन

विज्ञापन

संवाद न्यूज एजेंसी

नई दिल्ली। ट्रैफिक चालान के निपटारे के नए नियमों के विरोध में दिल्ली की सभी जिला अदालतों के वकील सोमवार को कामकाज का बहिष्कार करेंगे। वकील न तो अदालतों में प्रत्यक्ष सुनवाई में शामिल होंगे और न ही ऑनलाइन पैरवी करेंगे। सुबह 11:30 बजे सभी जिला अदालतों के बाहर शांतिपूर्ण प्रदर्शन किया जाएगा।

जिला अदालतों की बार एसोसिएशनों की समन्वय समिति के महासचिव नरवीर डबास का कहना है कि केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 के नियम 167 में बदलाव और दिल्ली सरकार के नए चालान निपटारा नियम आम लोगों के हित में नहीं हैं। समिति के मुताबिक, चालान निपटाने का अधिकार न्यायिक मजिस्ट्रेट से हटाकर एसडीएम और अन्य विभागीय अधिकारियों को देना न्यायिक प्रक्रिया को कमजोर करेगा।

विज्ञापन

वकीलों का कहना है कि इससे अदालतों की भूमिका सीमित होगी और लोगों के निष्पक्ष न्याय पाने के अधिकार पर असर पड़ सकता है। समिति ने सरकार से नियमों पर पुनर्विचार की मांग की है। साथ ही चेतावनी दी कि नियम वापस नहीं लिए गए तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।

विज्ञापन

Powered by Nyaya 247 News

संबंधित ख़बरें

इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने लिंगभेद को मान्यता देते 63 साल की सुमित्रा को 12 लाख का मुआवजा दिया
वकील

सुप्रीम कोर्ट ने लिंगभेद को मान्यता देते 63 साल की सुमित्रा को 12 लाख का मुआवजा दिया

नोएडा में सिविल केसों का बिखराव: 30,000 से अधिक मामलों का इंतज़ार, 37 साल की देरी
वकील

नोएडा में सिविल केसों का बिखराव: 30,000 से अधिक मामलों का इंतज़ार, 37 साल की देरी

जेल अदालत ने दीं बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिकारों की विस्तृत जानकारी
वकील

जेल अदालत ने दीं बंदियों को निःशुल्क कानूनी सहायता और अधिकारों की विस्तृत जानकारी

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को SIR में मतदाता रिकॉर्ड बेमेल के कारण चुनाव आयोग का नोटिस
वकील

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई और अन्य प्रमुख व्यक्तियों को SIR में मतदाता रिकॉर्ड बेमेल के कारण चुनाव आयोग का नोटिस

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई सहित कई प्रमुख व्यक्तियों को चुनाव आयोग ने SIR में ‘अनमैप्ड’ नोटिस भेजा
वकील

सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना देसाई सहित कई प्रमुख व्यक्तियों को चुनाव आयोग ने SIR में ‘अनमैप्ड’ नोटिस भेजा

सुप्रीम कोर्ट में 69,000 शिक्षक भर्ती मुद्दे की निर्णायक सुनवाई 22 सितंबर को
वकील

सुप्रीम कोर्ट में 69,000 शिक्षक भर्ती मुद्दे की निर्णायक सुनवाई 22 सितंबर को

पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति रंजन देवी और परिवार पर दिल्ली चुनाव आयोग की सूचना
वकील

पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायमूर्ति रंजन देवी और परिवार पर दिल्ली चुनाव आयोग की सूचना

सुप्रीम कोर्ट के सप्ताहिक प्रमुख आदेश: मेडिकल ग्रेजुएट स्टाइपेंड, प्रोविज़नल लॉ‑एडवोकेट एनरोलमेंट और प्रमोशन नियमों की नई दिशा
वकील

सुप्रीम कोर्ट के सप्ताहिक प्रमुख आदेश: मेडिकल ग्रेजुएट स्टाइपेंड, प्रोविज़नल लॉ‑एडवोकेट एनरोलमेंट और प्रमोशन नियमों की नई दिशा

ताज़ा ख़बरें