हाईवे पर अतिक्रमण और लम्बे समय तक खड़े वाहनों पर कोर्ट की कड़ी टोक, NHAI से 24‑घंटे CCTV और मॉनिटरिंग रूम की तुरंत व्यवस्था
राजस्थान में सड़क दुर्घटना के बाद सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अवैध अतिक्रमण और खड़े वाहनों को सुरक्षा खतरा मानते हुए चिंता व्यक्त की। कोर्ट ने NHAI से पूछा कि टोल प्लाज़ा पर 24‑घंटे CCTV निगरानी और मॉनिटरिंग रूम क्यों नहीं लगाए गए, और चार सप्ताह में विस्तृत हलफना मांगा तथा अतिक्रमण हटाने की योजना का विवरण भी要求 किया।

सौजन्य से:- Navbharat Times
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ राजस्थान के फलोदी क्षेत्र में हुए एक सड़क हादसे से संबंधित स्वत: संज्ञान मामले की सुनवाई कर रही थी। इस हादसे में 15 लोगों की मौत हुई थी। सुनवाई के दौरान पीठ ने राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण और वाहनों के लंबे समय तक खड़े रहने को दो प्रमुख समस्याओं के रूप में रेखांकित किया।
कोर्ट ने कहा कि वह सड़क सुरक्षा और हाईवे से जुड़े नियमों के पालन को लेकर बेहद चिंतित है। पीठ ने कहा कि अवैध रूप से खड़े वाहन, वाहन खराब होने की घटनाएं तथा ढाबों, दुकानदारों और अन्य विक्रेताओं द्वारा किए गए अतिक्रमण और अनधिकृत ढांचे राजमार्गों को असुरक्षित बना रहे हैं।
पीठ ने कहा, 'हाईवे पार्किंग स्थल में बदलते जा रहे हैं। हम देखते हैं कि ट्रक और कारें घंटों तक बिना किसी चेतावनी संकेत या रिफ्लेक्टर के खड़े रहते हैं। यह रात में होने वाली दुर्घटनाओं का एक बड़ा कारण है।'
सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से पूछे सख्त सवाल
सुप्रीम कोर्ट ने NHAI से पूछा कि सभी टोल प्लाजा पर 24 घंटे CCTV निगरानी प्रणाली और मॉनिटरिंग रूम क्यों नहीं स्थापित किए जा सकते, ताकि पूरे हाईवे मार्ग पर नजर रखी जा सके। पीठ ने NHAI से कहा, 'टोल प्लाजा पर मॉनिटरिंग रूम क्यों नहीं हो सकते? अगर हर कुछ किलोमीटर पर CCTV कैमरे हों तो वाहन खराब होने, अतिक्रमण या दुर्घटना का तुरंत पता लगाया जा सकता है और तत्काल कार्रवाई की जा सकती है।'- कोर्ट ने यह भी कहा कि NHAI भारी मात्रा में टोल वसूलता है, लेकिन सड़क सुरक्षा के उपाय अभी भी पर्याप्त नहीं हैं। पीठ ने कहा कि यदि कैमरे उपलब्ध हों तो कंट्रोल रूम तत्काल हाईवे पेट्रोलिंग टीम, एंबुलेंस और क्रेन को मौके पर भेज सकता है।
- NHAI की ओर से पेश वकील ने बताया कि एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम ( ATMS ) के तहत कुछ निगरानी व्यवस्था मौजूद है, लेकिन पूरे हाईवे पर इसकी कवरेज एक समान नहीं है।
- इन दलीलों को सुनने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने NHAI को चार सप्ताह में विस्तृत और व्यापक हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। इसमें मौजूदा निगरानी व्यवस्था, मॉनिटरिंग रूम वाले टोल प्लाजा और हर 2 से 5 किलोमीटर पर CCTV कैमरे लगाने की व्यवहार्यता का विवरण देने को कहा गया है।
- कोर्ट ने NHAI से राज्यों के साथ मिलकर अतिक्रमण हटाने की योजना और राजमार्गों पर खड़े रहने वाले वाहनों को तत्काल हटाने की व्यवस्था का विवरण भी मांगा।
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