मधेपुरा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 9500 मामलों के लिए 14 बेंचों के साथ
प्रधान जिला न्यायाधीश ने 12 सितंबर को मधेपुरा में आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी को रथ यात्रा से शुरू किया, जहाँ 4500 प्री‑लिटिगेशन और 5000 पोस्ट‑लिटिगेशन के कुल 9500 मामलों को सुनने के लिये मधेपुरा में 10 और उदाकिशुंगंज में 4 बेंचें गठित की गई हैं। ट्रैफ़िक चालान और बैंक ऋण जैसे विवादों का आपसी समझौते के आधार पर निपटारा होगा, जबकि प्री‑रजिस्ट्रेशन बूथ 8 सितंबर से खुलेगा।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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मधेपुरा में 12 सितंबर को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत:9500 मामलों में लोगों को भेजा गया नोटिस, 14 बेंच का गठन
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मधेपुरा व्यवहार न्यायालय परिसर में 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत को लेकर सोमवार से जागरूकता अभियान शुरू किया गया।
प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश गुरविंदर सिंह मल्होत्रा ने जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रथ जिले के विभिन्न क्षेत्रों में घूमकर लोगों को लोक अदालत के माध्यम से विवादों के त्वरित और स्थायी समाधान के प्रति जागरूक करेगा।
9500 मामलों का हुआ चयन
प्रेस वार्ता में प्रधान जिला जज ने बताया कि राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए करीब 4500 प्री-लिटिगेशन और 5000 पोस्ट-लिटिगेशन, यानी कुल 9500 मामलों का चयन किया गया है। मामलों के अधिक से अधिक निपटारे के लिए मधेपुरा में 10 और उदाकिशुनगंज में 4 बेंच गठित की गई हैं।
ट्रैफिक चालान का भी होगा निपटारा
लोक अदालत में बड़ी संख्या में ट्रैफिक चालान से जुड़े मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। इसके लिए मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर कार्यालय में 8 सितंबर से प्री-रजिस्ट्रेशन बूथ शुरू किया जाएगा। जो लोग पहले रजिस्ट्रेशन नहीं करा पाएंगे, वे लोक अदालत के दिन काउंटर पर पहुंचकर अपने चालान के निपटारे की प्रक्रिया पूरी कर सकेंगे।
बैंक लोन मामलों में भी समझौते का मौका
राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न बैंकों से जुड़े कर्ज के मामलों का भी आपसी समझौते के आधार पर निपटारा किया जाएगा। प्रधान जिला जज ने कहा कि लोक अदालत विवादों को आपसी सहमति से खत्म करने का प्रभावी माध्यम है।
समय और पैसे दोनों की होती है बचत
प्रधान जिला जज ने कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों के निपटारे में लोगों के समय, श्रम और पैसे की बचत होती है। आपसी सहमति से विवाद समाप्त होने के कारण पक्षकारों के बीच संबंध भी बेहतर बने रहते हैं। उन्होंने लोक अदालत का नोटिस प्राप्त करने वाले लोगों से निर्धारित तिथि पर न्यायालय परिसर पहुंचकर मामले के समाधान का प्रयास करने की अपील की।
नोटिस नहीं मिला तो हेल्प डेस्क से करें संपर्क
उन्होंने कहा कि जिन लोगों को लोक अदालत का नोटिस नहीं मिला है, लेकिन वे अपने विवाद का स्थायी समाधान चाहते हैं, वे भी 12 सितंबर को हेल्प डेस्क से संपर्क कर सकते हैं। यदि मामला कंपाउंडेबल नेचर का है, तो पक्षकारों की आपसी सहमति और सुलह-समझौते के आधार पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी।
समय, श्रम और पैसा बचाएं
प्रधान जिला जज ने लोगों से अपील करते हुए कहा, “समय, श्रम और पैसा बचाएं, लोक अदालत में झगड़ा निपटाएं।” उन्होंने जिलेवासियों से 12 सितंबर को आयोजित राष्ट्रीय लोक अदालत का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की।
कार्यक्रम में जिला अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष जवाहर झा, जिला विधिक सेवा प्राधिकार की सचिव जज पूजा कुमारी साह, भारतीय स्टेट बैंक के प्रबंधक एसएस पोद्दार सहित अन्य पदाधिकारी और अधिवक्ता मौजूद रहे।
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