सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी
कोलकाता में TMC के दफ़्तर से हटाए गए साइनबोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अस्थायी हस्तक्षेप नहीं करने का फैसला किया और दोनों पक्षों को कलकत्ता हाई कोर्ट में अपनी‑अपनी दलीलें पेश करने को कहा। नगर निगम ने बोर्ड को अवैध बताकर हटाया, जबकि TMC ने बिना नोटिस के कार्रवाई का आरोप लगाया। हाई कोर्ट ने अभी तक बोर्ड दोबारा लगाने का आदेश नहीं दिया, विस्तृत सुनवाई के बाद ही फैसला होगा।

सौजन्य से:- ABP News
TMC कार्यालय में एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट बोला, 'साइनबोर्ड हट जाने से...'
तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर से साइनबोर्ड हटाने के विवाद में फिलहाल दखल से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. दोनों पक्षों से कलकत्ता हाई कोर्ट में अपनी दलीलें रखने को कहा है.
कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर से साइनबोर्ड हटाने के विवाद में फिलहाल दखल से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने दोनों पक्षों से कलकत्ता हाई कोर्ट में अपनी दलीलें रखने को कहा है.
क्या है मामला?
कोलकाता नगर निगम ने 9, कैमैक स्ट्रीट पर TMC कार्यालय की इमारत से एक बिलबोर्ड को अवैध बताते हुए हटा दिया था. TMC का आरोप है कि उसे नोटिस दिए बिना यह कार्रवाई की गई. तृणमूल का दफ्तर इस इमारत में किराए पर चल रहा है. इमारत के मालिक का दावा है कि बोर्ड उनकी अनुमति के बिना लगाया गया था.
अंतरिम राहत से हाई कोर्ट ने किया मना
तृणमूल कांग्रेस ने नगर निगम की कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी. हाई कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया, लेकिन बोर्ड को दोबारा लगाने का आदेश देने से मना कर दिया. हाई कोर्ट ने कहा कि साइनबोर्ड पहले ही हटाया जा चुका है. अब विस्तृत सुनवाई के बाद ही कोई आदेश दिया जा सकता है.
यह भी पढे़ं - पहली बार बंगाल में अष्टमी के दिन बंद रहेगी शराब, शुभेंदु सरकार का ऐलान
TMC की दलील
सुप्रीम कोर्ट में TMC की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए. उन्होंने कहा कि TMC एक रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी है. उसका साइनबोर्ड बिना किसी नोटिस के हटा दिया गया. अगर कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हो, तो उसके ऊपर कार्रवाई से पहले कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है.
जजों ने क्या कहा?
चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि साइनबोर्ड हट जाने से विवाद खत्म नहीं हो गया है. अभी मामले के पहलुओं पर विचार बाकी है. हाई कोर्ट मामले में पुरानी टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना विचार करे और जल्द फैसला ले.
यह भी पढे़ं - मां दुर्गा के 11 हाथ पर बवाल, बंगाल विज्ञापन पर भड़की TMC बोली…
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना

राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: निकिता गौड़ ने मध्यस्थों से अधिकतम मामलों के निस्तारण का आह्वान
ताज़ा ख़बरें
- सुप्रीम कोर्ट के जज ने सीजीआई को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर दुरुपयोग का आरोप
- मधेपुरा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 9500 मामलों के लिए 14 बेंचों के साथ
- डॉक्टरों पर हमला करने वाले राजनेताओं की तुरन्त हिरासत की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा बयान
- राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट की नई मासिक व्याख्यान श्रृंखला: कानून, न्याय और शिक्षा का सतत मंच
- शेरघाटी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता मोहीम शुरू
- सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी के अनधिकृत साइनबोर्ड विवाद को हाईकोर्ट को सौंपा
- लखनऊ की पुलिस‑कानूनी सेवा मिलकर लोक अदालत का प्रचार करेंगे गांव-गांव

