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सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी

कोलकाता में TMC के दफ़्तर से हटाए गए साइनबोर्ड को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने अस्थायी हस्तक्षेप नहीं करने का फैसला किया और दोनों पक्षों को कलकत्ता हाई कोर्ट में अपनी‑अपनी दलीलें पेश करने को कहा। नगर निगम ने बोर्ड को अवैध बताकर हटाया, जबकि TMC ने बिना नोटिस के कार्रवाई का आरोप लगाया। हाई कोर्ट ने अभी तक बोर्ड दोबारा लगाने का आदेश नहीं दिया, विस्तृत सुनवाई के बाद ही फैसला होगा।

7 सितंबर 2026 को 03:32 pm बजे
सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी

सौजन्य से:- ABP News

TMC कार्यालय में एक्शन पर सुप्रीम कोर्ट बोला, 'साइनबोर्ड हट जाने से...'

तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर से साइनबोर्ड हटाने के विवाद में फिलहाल दखल से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. दोनों पक्षों से कलकत्ता हाई कोर्ट में अपनी दलीलें रखने को कहा है.

कोलकाता के कैमैक स्ट्रीट में तृणमूल कांग्रेस (TMC) के दफ्तर से साइनबोर्ड हटाने के विवाद में फिलहाल दखल से सुप्रीम कोर्ट ने मना कर दिया है. चीफ जस्टिस की अध्यक्षता वाली 3 जजों की बेंच ने दोनों पक्षों से कलकत्ता हाई कोर्ट में अपनी दलीलें रखने को कहा है.

क्या है मामला?

कोलकाता नगर निगम ने 9, कैमैक स्ट्रीट पर TMC कार्यालय की इमारत से एक बिलबोर्ड को अवैध बताते हुए हटा दिया था. TMC का आरोप है कि उसे नोटिस दिए बिना यह कार्रवाई की गई. तृणमूल का दफ्तर इस इमारत में किराए पर चल रहा है. इमारत के मालिक का दावा है कि बोर्ड उनकी अनुमति के बिना लगाया गया था.

अंतरिम राहत से हाई कोर्ट ने किया मना

तृणमूल कांग्रेस ने नगर निगम की कार्रवाई को हाई कोर्ट में चुनौती दी. हाई कोर्ट ने याचिका पर नोटिस जारी किया, लेकिन बोर्ड को दोबारा लगाने का आदेश देने से मना कर दिया. हाई कोर्ट ने कहा कि साइनबोर्ड पहले ही हटाया जा चुका है. अब विस्तृत सुनवाई के बाद ही कोई आदेश दिया जा सकता है.

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TMC की दलील

सुप्रीम कोर्ट में TMC की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल पेश हुए. उन्होंने कहा कि TMC एक रजिस्टर्ड राजनीतिक पार्टी है. उसका साइनबोर्ड बिना किसी नोटिस के हटा दिया गया. अगर कोई व्यावसायिक प्रतिष्ठान भी हो, तो उसके ऊपर कार्रवाई से पहले कानूनी प्रक्रिया का पालन किया जाता है.

जजों ने क्या कहा?

चीफ जस्टिस सूर्य कांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने कहा कि साइनबोर्ड हट जाने से विवाद खत्म नहीं हो गया है. अभी मामले के पहलुओं पर विचार बाकी है. हाई कोर्ट मामले में पुरानी टिप्पणियों से प्रभावित हुए बिना विचार करे और जल्द फैसला ले.

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