सुप्रीम कोर्ट में घुड़सवारी टीम चयन विवाद: जज ने सुनवाई से खुद को किया अलग
सुप्रीम कोर्ट के जज केवी विश्वनाथन ने जापान में होने वाले आगामी एशियन गेम्स में भारत की ड्रेसेज टीम में दो घुड़सवारों के चयन से संबंधित याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने अनुष अग्रवाल और सुदीप्ति हजेला के चयन न होने के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था।

सौजन्य से:- Amar Ujala
{"_id":"6a4f8d0ff7108fdc7d0bb1bc","slug":"supreme-court-updates-judge-recuses-from-equestrian-team-selection-plea-2026-07-09","type":"story","status":"publish","title_hn":"Supreme Court: घुड़सवारों के चयन पर विवाद, सुप्रीम कोर्ट जज विश्वनाथन ने मामले की सुनवाई से खुद को किया अलग","category":{"title":"India News","title_hn":"देश","slug":"india-news"}}
Supreme Court: घुड़सवारों के चयन पर विवाद, सुप्रीम कोर्ट जज विश्वनाथन ने मामले की सुनवाई से खुद को किया अलग
Thu, 09 Jul 2026 05:29 PM IST
निर्मल कांत
पीटीआई, नई दिल्ली।
पीटीआई, नई दिल्ली।
Published by: निर्मल कांत
Updated Thu, 09 Jul 2026 05:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सुप्रीम कोर्ट के जज केवी विश्वनाथन ने गुरुवार को एक याचिका की सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। यह याचिका दिल्ली हाईकोर्ट के फैसले के खिलाफ दाखिल की गई थी। हाईकोर्ट ने जापान में होने वाले आगामी एशियन गेम्स में भारत की ड्रेसेज टीम में दो घुड़सवारों अनुष अग्रवाल और सुदीप्ति हजेला के चयन न होने के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था।
जब मामले को सुनवाई के लिए लाया गया, तो जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर रहे हैं। जस्टिस आलोक अराधे की पीठ में शामिल जस्टिस विश्वनाथन के अलग होने के बाद शीर्ष कोर्ट ने कहा कि अब यह मामला मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के निर्देश पर किसी अन्य उचित पीठ के सामने सुनवाई के लिए लगाया जाएगा।
इसके बाद यह याचिका उपलब्ध वरिष्ठतम जज जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखी गई। उन्होंने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी। सात जुलाई को एक पीठ ने कहा था कि इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया था कि चयन प्रक्रिया 15 जुलाई को होने वाली है।
विज्ञापन
छह जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने अग्रवाल और हजेला के चयन नहीं होने के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने एकल जज के पहले के फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें दोनों खिलाड़ियों को राहत देने से इनकार किया गया था।
दोनों घुड़सवार वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उन्होंने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईएफआई) की ओर से किए गए चयन के फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाएं दाखिल की थीं। दोनों खिलाड़ियों की अपील खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि संभावित खिलाड़ियों की सूची तैयार करने में कोई बड़ी गलती नहीं मिली है। हालांकि, ईएफआई चयन नियमों की कुछ शर्तों का सही तरीके से पालन करने में असफल रहा।
विज्ञापन
जब मामले को सुनवाई के लिए लाया गया, तो जस्टिस विश्वनाथन ने कहा कि वह इस मामले की सुनवाई से खुद को अलग कर रहे हैं। जस्टिस आलोक अराधे की पीठ में शामिल जस्टिस विश्वनाथन के अलग होने के बाद शीर्ष कोर्ट ने कहा कि अब यह मामला मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) के निर्देश पर किसी अन्य उचित पीठ के सामने सुनवाई के लिए लगाया जाएगा।
विज्ञापन
इसके बाद यह याचिका उपलब्ध वरिष्ठतम जज जस्टिस अहसानुद्दीन अमानुल्लाह की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने रखी गई। उन्होंने मामले को शुक्रवार को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध करने की अनुमति दी। सात जुलाई को एक पीठ ने कहा था कि इस याचिका पर गुरुवार को सुनवाई की जाएगी। याचिकाकर्ताओं के वकील ने बताया था कि चयन प्रक्रिया 15 जुलाई को होने वाली है।
विज्ञापन
छह जुलाई को दिल्ली हाईकोर्ट ने अग्रवाल और हजेला के चयन नहीं होने के मामले में दखल देने से इनकार कर दिया था। हाईकोर्ट ने एकल जज के पहले के फैसले को बरकरार रखा था, जिसमें दोनों खिलाड़ियों को राहत देने से इनकार किया गया था।
दोनों घुड़सवार वर्ष 2022 के एशियन गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं। उन्होंने इक्वेस्ट्रियन फेडरेशन ऑफ इंडिया (ईएफआई) की ओर से किए गए चयन के फैसले को चुनौती देते हुए याचिकाएं दाखिल की थीं। दोनों खिलाड़ियों की अपील खारिज करते हुए हाईकोर्ट ने कहा था कि संभावित खिलाड़ियों की सूची तैयार करने में कोई बड़ी गलती नहीं मिली है। हालांकि, ईएफआई चयन नियमों की कुछ शर्तों का सही तरीके से पालन करने में असफल रहा।
Powered by Nyaya 247 News
संबंधित ख़बरें
इसी विषय की और ख़बरें →
गुजरात उच्च न्यायालय के मध्यस्थता सप्ताह ने मांगी: पारदर्शिता, जवाबदेही और अंतिमता की नई कानूनी रूपरेखा

सुप्रीम कोर्ट ने टीएमसी होर्डिंग विवाद में हाईकोर्ट को फैसला देने का निर्देश, सुनवाई से मना किया

सुप्रीम कोर्ट से वंतारा तक: न्यायमूर्ति कृष्ण मुरारी की नई भूमिका में सुरक्षा के सवाल

केन्द्र ने अनिल अंबानी की काले धन याचिका को दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई के लिए स्थानांतरित करने का आग्रह किया

SC जज संदीप मेहता ने CJI को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान HC के जज पर शक्ति दुरुपयोग का आरोप

खुले नाले ने आगरा में मौतें, पर्यावरणविद अदालत की राह पकड़ने को तैयार

CJI सूर्यकांत को जस्टिस मेहता की चौथी चिट्ठी, राजस्थान HC जज पर फिर गंभीर आरोप

भैरूंदा से नेशनल लोक अदालत के प्रचार हेतु जागरूकता वाहन रवाना
ताज़ा ख़बरें
- राष्ट्रीय लोक अदालत की तैयारी: निकिता गौड़ ने मध्यस्थों से अधिकतम मामलों के निस्तारण का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट के जज ने सीजीआई को चौथा पत्र लिखा, राजस्थान उच्च न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश पर दुरुपयोग का आरोप
- मधेपुरा में 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत, 9500 मामलों के लिए 14 बेंचों के साथ
- सुप्रीम कोर्ट ने TMC के साइनबोर्ड हटाने के मामले में दखल से इनकार, हाई कोर्ट में सुनवाई जारी
- डॉक्टरों पर हमला करने वाले राजनेताओं की तुरन्त हिरासत की मांग, सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा बयान
- राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता के लिए अधिवक्ताओं से सहयोग का आह्वान
- सुप्रीम कोर्ट की नई मासिक व्याख्यान श्रृंखला: कानून, न्याय और शिक्षा का सतत मंच
- शेरघाटी में राष्ट्रीय लोक अदालत के लिए जागरूकता मोहीम शुरू

