लोक अदालत: आम जनता के लिए तेज़, सुलभ और पारस्परिक सहमति से न्याय का प्रभावी मंच
जिला न्यायालय ने 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत के महत्व पर प्रकाश डाला और अधिवक्ताओं के साथ लंबित सुलहनीय मामलों के शीघ्र निपटारे की रूपरेखा बनाई। बैंक लोन वसूली, वैवाहिक‑पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना, यूटिलिटी बिल आदि को प्राथमिकता देते हुए, सभी को लोक अदालत के माध्यम से विवाद समाधान के लाभ की जानकारी देने की अपील की गई। उपस्थित लगभग 30 अधिवक्ताओं ने इस पहल में पूर्ण सहयोग और सकारात्मक भागीदारी का आश्वासन दिया।

सौजन्य से:- Dainik Bhaskar
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- Lok Adalat Is A Very Powerful Medium For Providing Quick, Accessible And Mutually Agreed Justice To The Common People.
आम लोगों को त्वरित, सुलभ व आपसी सहमति से न्याय प्रदान करने का अत्यंत सशक्त माध्यम है लोक अदालत
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शनिवार को व्यवहार न्यायालय परिसर स्थित जिला जज के सभा कक्ष में आगामी 12 सितंबर को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत की सफलता को लेकर न्यायालय के न्यायिक पदाधिकारी व अधिवक्ताओं के साथ जिला जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष पवन कुमार पांडे
जिसमें लोक अदालत में ज्यादा से ज्यादा सुलहनीय मामलों का निष्पादन को लेकर जिला जज सह जिला विधिक सेवा प्राधिकार के अध्यक्ष की ओर से बैठक में शामिल अधिवक्ताओं के साथ विचार विमर्श किया गया। इस दौरान लंबित मामलों को आसान व सुलहनीय तरीके से समाप्त करने पर जोर दिया गया। इस दौरान जिला जज ने लोक अदालत के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आम जनमानस को त्वरित, सुलभ व आपसी सहमति से न्याय प्रदान करने का एक अत्यंत सशक्त माध्यम है। वहीं जिला जज ने अधिवक्ताओं से अपील करते हुए कहा कि वे अपने क्लाइंट को लोक अदालत के माध्यम से विवाद को सुलझाने के लाभ के बारे में जागरूक करें।
सुलह समझौते जैसे योग्य मामले जैसे बैंक लोन वसूली, वैवाहिक व पारिवारिक विवाद, मोटर दुर्घटना, बिजली पानी के बिल संबंधी मामले व अन्य सुलहनीय मामले व आपराधिक मामलों को प्राथमिकता के आधार पर चिह्नित कर उसे 12 सितंबर को आयोजित लोक अदालत में निष्पादित करने पर जोर दिया गया। वही, बैठक में उपस्थित अधिवक्ताओं ने भी इस न्यायपालिका के कार्य में अपना पूर्ण सहयोग और सकारात्मक भागीदारी का भरोसा दिलाया। इस मौके पर एडीजे निशांत कुमार प्रियदर्शी, एडीजे इन्द्राणी किस्कु, सीजेएम प्रमोद कुमार महता व जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव सचिन कुमार की उपस्थिति रही। वही, अधिवक्ता में अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष बासुदेव झा, महासचिव शिवनाथ चौधरी, वरीय अधिवक्ता ऋषिदेव प्रसाद सिंह, रमा नंद झा, अजीत कुमार सिन्हा, मो. आरिफ हुसैन, जितेंद्र नारायण, कन्हैया झा सहित करीब 30 की संख्या में अधिवक्ता शामिल हुए।
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